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भास्कर न्यूज|गुमला जिले के राशन कार्डधारियों के लिए राहत वाली बात है। पिछले नौ महीनों से राशन की दुकानों से गायब दाल अब फिर से गरीबों की थाली में सजेगी। जिले के लगभग 8 लाख 21 हजार लाभार्थियों के लिए चने की दाल का आवंटन प्राप्त हो गया है। जिसे अब तेजी से डीलरों तक पहुंचाया जा रहा है। पिछले साल जून माह से ही दाल का आवंटन बंद था। इस कारण जन वितरण प्रणाली की दुकानों से कार्डधारियों को केवल चावल दिया जा रहा था। दाल न मिलने के कारण गरीब परिवारों को बाजार से ऊंचे दामों पर दाल खरीदनी पड़ रही थी। जिससे उनके घरेलू बजट पर बुरा असर पड़ रहा था। कुपोषण से लड़ने और प्रोटीन युक्त आहार सुनिश्चित करने के सरकारी दावों के बीच दाल का न मिलना कार्डधारियों के लिए बड़ी चिंता का विषय बना हुआ था। जिला आपूर्ति पदाधिकारी प्रदीप भगत ने बताया कि जिले के कार्डधारियों के लिए चने की दाल का आवंटन प्राप्त होते ही इसके वितरण की प्रक्रिया युद्ध स्तर पर शुरू कर दी गई है। जिले में कुल 726 राशन डीलर हैं। जिनमें से अब तक लगभग 60 प्रतिशत डीलरों तक दाल पहुंचा दी गई है। शेष डीलरों के पास भी अगले कुछ दिनों में स्टॉक भेज दिया जाएगा। जैसे-जैसे दुकानों तक स्टॉक पहुंच रहा है, वैसे-वैसे वितरण भी शुरू किया जा रहा है। आपूर्ति विभाग के आंकड़ों के अनुसार इस आवंटन से जिले के लाखों परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा। वर्तमान में जिले में दो लाख 523 कार्डधारी है। जिसमें पीएच कार्डधारी 143864, अंत्योदय कार्डधारी 32199 और ग्रीन कार्डधारी की संख्या 24460 है। कुल लाभार्थी 821000 है। सभी कार्डधारियों को अब चावल के साथ-साथ निर्धारित मात्रा में चने की दाल भी उपलब्ध कराई जाएगी। राशन दुकानों पर दाल की वापसी से कार्डधारियों में खुशी है। ग्रामीणों का कहना है कि महंगाई में बाजार से दाल खरीदना काफी मुश्किल हो रहा था। अब सरकारी राशन में दाल मिलने से भोजन की गुणवत्ता में सुधार होगा और आर्थिक बोझ भी कम होगा। दाल वितरण के लिए राज्य स्तर पर निविदा होती है। टेंडर के माध्यम से आपूर्तिकर्ता का चयन होता है। जिसके बाद दाल की आपूर्ति जिलों को की जाती है। स्टॉक मिलने के बाद ही पीडीएस दुकानों तक दाल पहुंचती है। टेंडर नहीं होने के कारण आपूर्ति बाधित थी, जो अब बहाल हो गई है।
राशन कार्डधारियों को 9 माह बाद फिर से मिलेगी चने की दाल
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