लोहरदगा|विश्व हिंदू परिषद सेवा विभाग व श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के प्रांतीय प्रवक्ता संजय सर्राफ ने बताया कि हनुमान जयंती इस वर्ष 2 अप्रैल, गुरुवार को श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई जाएगी। यह पर्व चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को मनाया जाता है और भगवान हनुमान के जन्मोत्सव के रूप में विशेष महत्व रखता है। उन्होंने कहा कि भगवान हनुमान साहस, समर्पण, शक्ति और सच्ची भक्ति के प्रतीक हैं। भगवान राम के प्रति उनकी अटूट निष्ठा और सेवा भाव मानव जीवन के लिए प्रेरणास्रोत है। उनके जीवन से यह शिक्षा मिलती है कि सच्ची भक्ति और समर्पण से किसी भी कठिन लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार हनुमान जी को भगवान शिव का 11वां रुद्र अवतार माना जाता है। उनका जन्म माता अंजना और केसरी के यहां हुआ था तथा उन्हें पवनपुत्र के नाम से भी जाना जाता है। रामायण में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है, जिसमें माता सीता की खोज, लंका दहन और संजीवनी बूटी लाकर लक्ष्मण के प्राणों की रक्षा प्रमुख हैं।


