वाल्मीकिनगर एयरपोर्ट के विकास को मिली रफ्तार,:38.64 करोड़ की परियोजना के लिए टेंडर जारी,11 महीने में तैयार होगा आधुनिक एयरपोर्ट ढांचा

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एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) ने वाल्मीकिनगर एयरपोर्ट के विकास और उन्नयन के लिए ईपीसी मोड पर ई-टेंडर जारी कर दिया है। इसकी जानकारी बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने देते हुए बताया कि इस परियोजना का उद्देश्य वाल्मीकिनगर एयरपोर्ट को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर क्षेत्रीय हवाई संपर्क को मजबूत बनाना है। सरकार का लक्ष्य है कि उत्तर बिहार के सीमावर्ती इलाकों को भी बेहतर एयर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराई जाए। 38.64 करोड़ रुपये की लागत से होगा निर्माण उपमुख्यमंत्री ने बताया कि वाल्मीकिनगर एयरपोर्ट के विकास के लिए परियोजना की अनुमानित लागत 38.64 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। इस परियोजना के तहत एयरपोर्ट के बुनियादी ढांचे को आधुनिक मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह निवेश उत्तर बिहार के लिए एक महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना परियोजना साबित होगा और इससे क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी। 11 महीने में पूरा करने का लक्ष्य एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा जारी टेंडर के अनुसार निर्माण कार्य को 11 महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस अवधि में एयरपोर्ट परिसर में आवश्यक संरचनाओं का निर्माण कर इसे संचालन के लिए तैयार किया जाएगा। सरकार का प्रयास है कि निर्धारित समयसीमा के भीतर परियोजना को पूरा कर क्षेत्र के लोगों को जल्द से जल्द हवाई सेवा का लाभ दिया जाए। टर्मिनल भवन, एटीसी टावर और फायर स्टेशन का होगा निर्माण इस परियोजना के अंतर्गत एयरपोर्ट परिसर में कई महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे विकसित किए जाएंगे। इसमें प्री-फैब्रिकेटेड स्टील स्ट्रक्चर वाला टर्मिनल भवन, प्री-इंजीनियर्ड एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) टावर, प्री-इंजीनियर्ड फायर स्टेशन और अन्य आवश्यक सुविधाओं का निर्माण शामिल है। इन आधुनिक संरचनाओं के निर्माण से एयरपोर्ट की संचालन क्षमता और सुरक्षा व्यवस्था दोनों को मजबूत किया जाएगा। कोड-2बी श्रेणी के विमानों के संचालन के अनुरूप होगा उन्नयन परियोजना के तहत वाल्मीकिनगर एयरपोर्ट को कोड-2बी श्रेणी के विमानों के संचालन के अनुरूप विकसित किया जाएगा। यहां छोटे और मध्यम आकार के विमान सुरक्षित रूप से उड़ान भर सकेंगे और उतर सकेंगे। इससे क्षेत्रीय हवाई सेवाओं के विस्तार की संभावनाएं बढ़ेंगी और उत्तर बिहार को देश के अन्य हिस्सों से जोड़ने में मदद मिलेगी। उत्तर बिहार और सीमावर्ती जिलों को मिलेगा लाभ सम्राट चौधरी ने कहा कि वाल्मीकिनगर एयरपोर्ट के विकास से बेतिया, मोतिहारी, गोपालगंज समेत उत्तर बिहार के कई जिलों को सीधा लाभ मिलेगा। साथ ही नेपाल सीमा से सटे इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए भी हवाई यात्रा आसान हो जाएगी। इससे क्षेत्रीय व्यापार, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार सरकार राज्य में हवाई संपर्क को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है। हाल ही में मुजफ्फरपुर में निर्माणाधीन हवाईअड्डे के रनवे के निर्माण के लिए 43 करोड़ 13 लाख रुपये की टेंडर प्रक्रिया भी शुरू की गई है। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि बिहार के अधिक से अधिक जिलों को हवाई नेटवर्क से जोड़ा जाए ताकि विकास और निवेश की संभावनाएं बढ़ सकें। पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा वाल्मीकिनगर क्षेत्र पर्यटन के लिए प्रसिlद्ध है। यहां स्थित वाल्मीकि टाइगर रिजर्व देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करता है। ऐसे में एयरपोर्ट के विकास से इस क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलने की संभावना है। बेहतर हवाई संपर्क से न सिर्फ पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और व्यापार के अवसर भी बढ़ेंगे।

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