
Terrorists Arrest: पश्चिम बंगाल समेत 4 राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव 2026 से पहले दिल्ली पुलिस ने 8 संदिग्ध आतंकवादियों को गिरफ्तार किया है. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की टीम ने 10 दिनों तक चले लंबे अभियान के बाद इन आतंकियों को गिरफ्तार किया है. दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के एडीशनल सीपी प्रमोद कुमार कुशवाहा ने यह जानकारी दी है.
2 संदिग्ध को मुर्शिदाबाद से किया गया गिरफ्तार
कुशवाहा ने बताया कि 2 संदिग्ध पश्चिम बंगाल और 6 तमिलनाडु के निवासी हैं. इनके कब्जे से 8 मोबाइल फोन और 16 सिम कार्ड बरामद किये गये हैं. तमिलनाडु से मिजानुर रहमान, मोहम्मद शबात, उमर, मोहम्मद लितान, मोहम्मद शाहिद और मोहम्मद उज्जवल को गिरफ्तार किया गया है. सातवें एवं आठवें आरोपी उमर फारूक और रोबिल-उल-इस्लाम को मुर्शिदाबाद से गिरफ्तार किया गया. 8 में से 7 संदिग्ध आतंकवादी बांग्लादेश के निवासी बताये गये हैं.
- दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल की टीम ने किया आरोपियों को दबोचा
- दिल्ली में हाल ही में कई जगहों पर फ्री कश्मीर लिखा हुआ मिला था पोस्टर
- आरोपियों के कब्जे से 8 मोबाइल फोन और 16 सिम कार्ड किया गया जब्त
बांग्लादेशी हैंडलर कर रहा था ऑपरेट
आरोपियों से शुरुआती पूछताछ में पता चला कि ये फर्जी पहचान पत्र की मदद से यहां रह रहे थे. गिरोह को शब्बीर अहमद लोन नामक एक बांग्लादेशी हैंडल कर रहा था. शब्बीर अहमद लोन वर्ष 2007 के दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल केस का दोषी आतंकवादी है. इस मामले में उसे एके-47 और हैंड ग्रेनेड के साथ गिरफ्तार किया गया था.
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Terrorists Arrest: कैसे हुई ऑपरेशन की शुरुआत
इसी महीने की 7-8 तारीख को दिल्ली के कुछ मेट्रो स्टेशनों पर विवादित पोस्टर देखे गये थे. पोस्टरों पर ‘फ्री कश्मीर’, ‘कश्मीर में नरसंहार बंद करो’ के नारे लिखे थे. इन पोस्टर्स को लगाने वालों की जांच स्पेशल सेल ने अपने हाथ में ली. पश्चिम बंगाल के मालदा से 2 संदिग्ध उमर फारूक और रोबिल-उल-इस्लाम को गिरफ्तार किया गया. इनके मोबाइल फोन की जांच में अधिकारियों को इनके तमिलनाडु कनेक्शन का पता चला. पता चला कि तमिलनाडु के तिरुपुर जिले में एक गारमेंट फैक्ट्री में गिरोह के 6 अन्य सदस्य पहचान बदलकर काम कर रहे हैं.
इस जानकारी के आधार पर, तमिलनाडु में सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया. मिनाजुर रहमान, मोहम्मद शबात, उमर, मोहम्मद लिटन, मोहम्मद शाहिद और मोहम्मद उज्ज्वल को गिरफ्तार किया गया. उनमें से हर एक ने अपनी पहचान छिपाने के लिए नकली आधार कार्ड का इस्तेमाल किया.
सुसाइट अटैक की प्लानिंग में पकड़ाया था शब्बीर अहमद
पूछताछ और अलग-अलग सोर्स से मिली जानकारी के बाद जांच दल को पता चला कि गिरफ्तार संदिग्ध आतंकियों को बांग्लादेश से ऑपरेट किया जा रहा है. बांग्लादेशी हैंडलर शब्बीर अहमद के निर्देश पर आतंकवादियों ने कई प्लान बनाये थे. जांच में खुलासा हुआ कि शब्बीर को इसके पहले दिल्ली पुलिस ने वर्ष 2007 में सुसाइड अटैक की प्लानिंग के आरोप में गिरफ्तार किया था. जेल से रिहा होने के बाद वह लश्कर-ए-तैयबा में शामिल हो गया.
उसने बांग्लादेश में भारतीय सीमा के पास अपना बेस बनाया. कई बार पाकिस्तान भी गया. जांच अधिकारियों के मुताबिक, गिरफ्तार संदिग्ध आतंकवादी न सिर्फ शब्बीर के, बल्कि एक बांग्लादेशी हैंडलर सैदुल इस्लाम के भी कॉन्टैक्ट में थे. सैदुल इस्लाम अभी कहां है, इसकी सटीक जानकारी अधिकारियों के पास नहीं है.
मोबाइल फोन में मिले कई देशविरोधी वीडियो
जांच अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार संदिग्ध आतंकियों के मोबाइल फोन की जांच करने पर कई वीडियो और तस्वीरें बरामद हुईं. गिरफ्तार संदिग्ध आतंकी किसी बड़े मिशन का हिस्सा हो सकते हैं. अधिकारियों को लगता है कि 8 लोगों की गिरफ्तारी के बाद उन्होंने इनके हैंडलर के टेररिस्ट मॉड्यूल को खत्म कर दिया है. हालांकि, कुछ और सस्पेक्ट अभी भी फरार हैं. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल उन्हें ढूंढ़ने में लगी है.
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