विधान परिषद में विपक्ष ने दयानंद एनकाउंटर को बताया फर्जी:सम्राट चौधरी बोले- हार्डकोर नक्सली पर 21 मामले दर्ज थे, अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी

Date:

बेगूसराय के हार्डकोर नक्सली दयानंद मालाकार के एनकाउंटर को राजद एमएलसी ने फर्जी बताया। गुरुवार को बिहार विधान परिषद में राजद एमएलसी शशि सिंह ने कहा कि राजद की जांच टीम ने पूरे मामले की पड़ताल की, जिसमें सामने आया कि बिहार पुलिस और एसटीएफ की ओर से दयानंद मालाकार की पकड़ कर हत्या की गई है, वो मुठभेड़ नहीं था, हत्या थी। अगर कोई अपराधी है, सरकार की नजर में अपराध किया है तो उसे पकड़ना चाहिए, उसके लिए न्यायालय है, दयानंद की हत्या की गई। सदन में मौजूद बिहार के गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने तत्काल इसका जवाब दिया। उन्होंने कहा कि दयानंद मालाकार एक हार्डकोर नक्सली था। एसटीएफ और बिहार पुलिस के मुठभेड़ में मारा गया। सरकार का स्पष्ट मानना है कि पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हुआ। दयानंद के खिलाफ 21 मामले दर्ज थे। वह अपराधी था, अपराधी के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार चल रही है। पहले मुठभेड़ की तस्वीरें देखिए… 31 दिसंबर 2025 को एनकाउंटर में मारा गया था दयानंद मालाकार 31 दिसंबर 2025 को प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा माओवादी के उत्तर बिहार एरिया कमेटी सचिव दयानंद मालाकार उर्फ सनेश पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में मारा गया था। पुलिस के अनुसार 31 दिसंबर को एसटीएफ के SOG को सूचना मिली कि 50 हजार रूपए का इनामी कुख्यात नक्सली और उत्तर बिहार भाकपा माओवादी का सचिव दयानंद मालाकार उर्फ छोटू उर्फ इंद्र भारती उर्फ कुलबीर उर्फ आकाश उर्फ सनेश अपने गिरोह के साथ गांव नोनपुर आया हुआ है और किसी बड़ी नक्सली घटना को अंजाम देने की फिराक में है। सूचना मिलते ही तुरंत स्ट्राइकिंग टीम का गठन किया गया। स्ट्राइकिंग टीम में एसटीएफ एआरजी की टीम, एसटीएफ की एसओजी टीम, डीआईयू टीम, बेगूसराय पुलिस का चीता बल, अभियान दल एवं तेघड़ा थाना की पुलिस को शामिल किया गया। पुलिस की टीम नोनपुर पहुंचकर दयानंद मालाकार के घर के घेराबंटी कर रही थी। इसी दौरान दयानंद और उसके सहयोगी पुलिस पर अंधाधुंध गोली चलाने लगे। पुलिस ने नक्सलियों को आत्म समर्पण करने की चेतावनी दी, इसके बावजूद नक्सली फायरिंग करते रहे। पुलिस की ओर से जवाबी कार्रवाई में ढेर हुआ दयानंद मालाकार इसके बाद पुलिस ने फायरिंग शुरू किया तो कुछ देर बाद ही नक्सलियों की ओर से फायरिंग बंद हो गई। जब पुलिस मौके पर पहुंची तो दयानंद मालाकार को मृत पाया गया। वहीं उसकी पत्नी ममता देवी एवं खोदाबंदपुर थाना क्षेत्र बारा निवासी रंजीत मालाकार छुपे हुए थे, जिसे पकड़ा गया‌। मौके पर से एक इंसास राइफल, एक देसी कार्बाइन, एक देशी पिस्तौल, दो मैगजीन, 9 एमएम का 9 गोली, 5.56 एमएम की 9 गोली, 7.65 एमएम की 7 गोली एवं नक्सली लेवी पर्चा बरामद किया गया है। दयानंद मालाकार फिलहाल तेघड़ा थाना के दो मामले, छौड़ाही थाना के एक मामले एवं खगड़िया जिला के अलौली थाना के एक मामले में फरार चल रहा था। यह मामला यूपीए अधिनियम एवं विस्फोटक अधिनियम से जुड़ा हुआ है। दयानंद पर बरौनी, खगड़िया, तेघड़ा, वीरपुर एवं मुजफ्फरपुर आदि में 21 मामले दर्ज थे। दयानंद स्थाई रूप से वीरपुर थाना क्षेत्र के हामोडीह का निवासी था, लेकिन वह नोनपुर में घर बनाकर रह रहा था। 1999 में मात्र 19 साल की उम्र में की थी पहली हत्या पुलिस सूत्रों के अनुसार, 1999 में हामोडीह निवासी योगेंद्र मालाकार पुत्र दयानंद मालाकार पड़ोसी गांव नोनपुर में सक्रिय नक्सली गतिविधि में शामिल लोगों के संपर्क में आया और उनके साथ रहने लगा था। 1999 में मात्र 19 वर्ष की उम्र में हत्या कर सुर्खी में आए दयानंद ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और नक्सली संगठन में शामिल हो गया। इसी साल उसने खगड़िया के अलौली में हत्या को अंजाम दिया। उसके बाद लगातार हत्या, लेवी वसूली, रंगदारी और जमींदार की जमीन पर कब्जा करना ही उसका काम रह गया। इसी दौरान नक्सली गतिविधि में शामिल रामभरोसी सहनी के संपर्क में आया तो उसके घर पर आना-जाना शुरू हो गया। रामभरोसी की पुत्री ममता कुमारी भी नक्सली गतिविधि में शामिल थी। दोनों के बीच जब लगातार मुलाकात होने लगी तो प्यार हो गया और दयानंद ने अपनी जाति से हटकर सहनी परिवार की ममता के साथ शादी कर ली। दोनों नक्सली गतिविधि में साथ-साथ काम करने लगे। वह नोनपुर में ही जमींदार की जमीन पर अपने सहयोगियों के साथ जबरदस्ती लाल झंडा गाड़ करके घर बनाकर रहने लगा। दयानंद नक्सली संगठन में इतना सक्रिय हो गया कि उत्तर बिहार मध्य जोनल कमेटी की कमान मिल गई और वह बेगूसराय से लेकर खगड़िया और मुजफ्फरपुर आसपास के जिलों में घटना को अंजाम देने लगा। साल 2024 में दयानंद मालाकार पर दर्ज हुआ था आखिरी केस इस पर सबसे अंतिम केस 2024 छौड़ाही थाना में दर्ज कराया गया। छौड़ाही थाना के वरैपुरा गांव में तीन बाइक से 16 मार्च 2024 की रात हथियार से लैस होकर पुलिस की वर्दी में ईंट चिमनी पर पहुंचा और चिमनी मलिक के नहीं मिलने पर वहां सनेश के नाम से उत्तर मध्य बिहार जोनल कमेटी का प्रचार थमाकर 100000 रुपए लेवी मांगी थी। 10 दिन में नहीं देने पर दो चिमनी को उड़ा देने की धमकी दी थी। लेकिन चिमनी मलिक ने हिम्मत करके उस पर मामला दर्ज कर दिया, तभी से यह पुलिस के रडार पर था। बेगूसराय को 2018 में नक्सल मुक्त जिला घोषित होने के बाद उसकी इस गतिविधि पर राज्य से लेकर सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी तक की नजर थी। एनआईए सहित अन्य एजेंसी छौड़ाही जांच करने आई थी। उसे लगातार रडार पर रखा जा रहा था। तभी तो उसके नोनपुर में रहने की सूचना पर एसटीएफ की एआरजी जैसी विशेष महत्वपूर्ण टीम को भेजा गया था। एनकाउंटर के बाद नक्सली गतिविधियों से जुड़े हिसाब-किताब की लिस्ट भी मिली थी एनकाउंटर के बाद छापेमारी में इसके पास से नक्सली गतिविधि से जुड़ा हिसाब किताब भी बरामद किया गया था। दिनकर नाम से 27 दिसंबर 2025 को लिखे गए तीन पेज के हिसाब को ऊपरी कमेटी के कामरेड घुटु जी एवं जोनल सेक्रेटरी शंभू जी को लाल सलाम करते हुए लिखा गया था। जिसमें दिनकर के 4 सितंबर 2025 को जेल से बाहर आने और चुनाव के दौरान पुलिस की गतिविधि तेज होने के कारण जेल से निकलने में देरी होने के लिए माफी मांगी थी। मुठभेड़ में शामिल एक पुलिस अधिकारी के अनुसार एसटीएफ को सूचना मिली सूचना पर स्पेशल टीम बनाई गई। दयानंद के घर से करीब 1 किलोमीटर पहले मैदावभनगामा-पकठौल सड़क पर टीम दो हिस्सों में बंट गई। एक टीम के नौ पुलिसकर्मी तीन बाइक पर सवार होकर खेत के रास्ते से उसके घर के नजदीक पहुंचे। दूसरी टीम गांव होकर पहुंची। पुलिस को देखते ही दयानंद के साथियों ने ताबड़तोड़ गोली चलना शुरू कर दिया। इसके बाद पुलिस की एक टीम ने उत्तर-पूर्व एवं दूसरी टीम ने दक्षिण-पश्चिम दिशा की ओर से मोर्चा थाम लिया। पुलिस ने नक्सलियों को जब कानून हाथ में नहीं लेने और गोलीबारी बंद कर आत्मसमर्पण करने को कहा तो वह सभी लाल सलाम जिंदाबाद का नारा लगाने लगे। खुद दयानंद मालाकार ने भी कार्बाइन लेकर फायरिंग शुरू कर दिया। इधर पुलिस कर्मियों ने भी एके-47 और अति आधुनिक पिस्टल लेकर मोर्चा संभाल लिया। फायरिंग बंद होने पर पुलिस की टीम दयानंद के घर में पहुंची तो वह खून से लथपथ मरा पड़ा था। मौके पर से 17 खोखा बरामद किया गया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

Join Us WhatsApp