गिरिडीह | विश्व ग्लूकोमा सप्ताह के तहत शुक्रवार को सदर अस्पताल से एक जागरूकता रैली निकाली गई। रैली का उद्देश्य लोगों को ग्लूकोमा जैसी गंभीर आंखों की बीमारी के प्रति जागरूक करना था। रैली को सदर अस्पताल परिसर से डीपीएम नीरज कुमार, डीएस प्रदीप बैठा और डॉ. सुनील कुमार ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। रैली सदर अस्पताल से निकलकर शहर के टावर चौक, कालीबाड़ी चौक, मगतपुर चौक होते हुए पुनः सदर अस्पताल परिसर में आकर समाप्त हुई। रैली के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों और प्रशिक्षुओं ने लोगों को ग्लूकोमा के लक्षण, बचाव और समय पर इलाज के बारे में जानकारी दी। रैली के दौरान लोगों को बताया गया कि ग्लूकोमा एक गंभीर नेत्र रोग है, जिसमें धीरे-धीरे आंखों की रोशनी कम होने लगती है। कई मामलों में मरीज को आंखों के सामने इंद्रधनुष जैसे रंग दिखाई देने लगते हैं और आंखों में दर्द भी हो सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया कि यदि यह बीमारी एक बार बढ़ जाती है, तो खोई हुई रोशनी वापस आने की संभावना बहुत कम हो जाती है। इसलिए समय रहते जांच और उपचार बेहद जरूरी है।नेत्र पदाधिकारी सुरेश कुमार ने कहा कि ग्लूकोमा को “साइलेंट विजन थिफ” भी कहा जाता है, क्योंकि कई बार इसके लक्षण शुरुआती अवस्था में स्पष्ट नहीं होते। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि 40 वर्ष की आयु के बाद सभी को नियमित रूप से आंखों की जांच करानी चाहिए, ताकि इस बीमारी का समय पर पता लगाया जा सके और उचित उपचार किया जा सके। आंखों की नियमित जांच, संतुलित जीवनशैली और समय पर उपचार से ग्लूकोमा से होने वाले अंधत्व को काफी हद तक रोका जा सकता है।रैली में नेत्र पदाधिकारी सुरेश कुमार, नेत्र सहायक अमरनाथ पंजीआर, कैलाश कुमार, प्रवीण कुमार, हिमांशु कुमार, मुकेश कुमार तथा एएनएम स्कूल के प्रशिक्षु सहित कई आदि थे।
विश्व ग्लूकोमा सप्ताह पर जागरूकता रैली आंखों की नियमित जांच कराने की अपील
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