वेल्लोर जाने के लिए रांची को मिली अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेन की सौगात, लंबी वेटिंग से मिलेगी राहत

Date:


भारतीय रेलवे ने दक्षिण भारत और झारखंड के बीच बेहतर रेल संपर्क सुनिश्चित करने के लिए ट्रेन संख्या 16619/16620 पोदनूर–धनबाद अमृत भारत एक्सप्रेस को मंजूरी दे दी है। इस ट्रेन का शुभारंभ 11 मार्च को तिरुचिरापल्ली से किया जाएगा। यह सेवा साप्ताहिक रूप से संचालित होगी और आधुनिक अमृत भारत रेक के साथ चलेगी। ट्रेन पोदनूर से प्रस्थान कर कोयम्बटूर, तिरुपुर, ईरोड, सलेम, काटपडी, विजयवाड़ा, राजामुंद्री, रायगड़ा, झारसुगुड़ा, राउरकेला, हटिया, रांची, मुरी, बोकारो स्टील सिटी और चंद्रपुरा होते हुए धनबाद पहुंचेगी। इसी मार्ग से वापस भी लौटेगी। इस ट्रेन के चलने से उन यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी, जो बेहतर इलाज के लिए दक्षिण भारत जाते हैं। रांची से प्रतिदिन औसतन 400 यात्री वेल्लोर, खासकर सीएमसी वेल्लोर, इलाज के लिए जाते हैं। नई ट्रेन शुरू होने से उन्हें काफी सुविधा मिलेगी। ट्रेन पोदनूर से शनिवार सुबह रवाना होगी और धनबाद से सोमवार को वापस लौटेगी। मार्ग में कई महत्वपूर्ण स्टेशनों पर वाणिज्यिक ठहराव रहेगा, जिससे झारखंड, ओडिशा और आंध्र प्रदेश के यात्रियों को सीधा और सुविधाजनक रेल विकल्प मिलेगा। रांची रेलमंडल के डीआरएम करुणानिधि सिंह ने कहा कि दक्षिण भारत के लिए ट्रेन की मांग लंबे समय से की जा रही थी। यह ट्रेन मिलने से रांची और आसपास के यात्रियों को काफी लाभ मिलेगा। ये ट्रेनें रांची से दक्षिण भारत जाती हैं… 13351/52 धनबाद–एल्लेपी एक्सप्रेस (प्रतिदिन) 22837/38 हटिया–एर्नाकुलम एक्सप्रेस (साप्ताहिक) हटिया–एसएमवीटी (बेंगलुरु) एक्सप्रेस (हफ्ते में 2 दिन) 18637/38 हटिया–बेंगलुरु एक्सप्रेस (साप्ताहिक) 17005/06 रक्सौल–हैदराबाद एक्सप्रेस (वाया रांची, साप्ताहिक) 17007/08 दरभंगा–हैदराबाद एक्सप्रेस (वाया रांची, हफ्ते में 2 दिन) 17321/22 वास्को-ड-गामा–जसीडीह एक्सप्रेस (वाया रांची, साप्ताहिक) दक्षिण भारत जाने वाली ट्रेनों में हमेशा रहती है लंबी वेटिंग दक्षिण भारत जाने वाली ट्रेनों में अक्सर लंबी प्रतीक्षा सूची और सीट उपलब्धता की समस्या रहती है। झारखंड के ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों जैसे रांची, रामगढ़, हजारीबाग, बोकारो, चास, खूंटी, गुमला, लोहरदगा, लातेहार, डाल्टनगंज और चतरा के लोगों के लिए यह नई ट्रेन राहत साबित होगी। झारखंड पैसेंजर एसोसिएशन के प्रदेश सचिव प्रेम कटारूका ने कहा कि दक्षिण भारत जाने वाली ट्रेनों में अक्सर लंबी वेटिंग या नो-रूम की स्थिति रहती है। नई ट्रेन सेवा शुरू होने से यात्रियों को बेहतर यात्रा विकल्प मिलेगा। धनबाद–एल्लेपी एक्सप्रेस में आधे से ज्यादा यात्री रांची के रेलवे सूत्रों के अनुसार रांची से प्रतिदिन औसतन 400 लोग ट्रेन से वेल्लोर जाते हैं। दक्षिण भारत जाने वाले यात्रियों की संख्या काफी ज्यादा है। कुल मिलाकर वेल्लोर समेत अन्य शहरों के लिए प्रतिदिन करीब 600 लोग यात्रा करते हैं। धनबाद–एल्लेपी एक्सप्रेस में करीब 50 प्रतिशत से ज्यादा यात्री रांची रेल मंडल के अंतर्गत आने वाले स्टेशनों से बोर्डिंग करते हैं। इनमें सबसे ज्यादा, करीब 30 प्रतिशत यात्री रांची स्टेशन से सवार होते हैं। लोहरदगा, गुमला, पलामू, चतरा, खूंटी और सिमडेगा समेत आसपास के जिलों के लोग भी दक्षिण भारत जाने के लिए रांची या हटिया रेलवे स्टेशन पहुंचते हैं। छात्रों और श्रमिकों के लिए उपयोगी : अरुण जोशी जेडआरयूसीसी सदस्य अरुण जोशी ने कहा कि इस ट्रेन से छात्रों, श्रमिकों और बेहतर इलाज के लिए दक्षिण भारत जाने वाले मरीजों को सुविधाजनक रेल संपर्क मिलेगा। यह ट्रेन झारखंड के औद्योगिक और खनन क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों के लिए भी उपयोगी साबित होगी। झारखंड रेल यूजर्स एसोसिएशन ने कहा कि यह सेवा लंबी दूरी की यात्रा को आसान बनाएगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

Join Us WhatsApp