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वैशाली महोत्सव के दूसरे दिन आयोजित भोजपुरी नाइट में लोक गायिका कल्पना पटवारी के मंच पर आने के करीब आधे घंटे बाद ही भीड़ बेकाबू होने लगी। दर्शकों में उत्साह इतना बढ़ गया कि कुछ लोगों ने कुर्सियां फेंकना शुरू कर दिया, जिससे अफरा-तफरी मच गई। स्थिति नियंत्रण से बाहर होने पर पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। उपद्रवी तत्वों को काबू में करने के लिए लाठीचार्ज किया गया, जिसके बाद भीड़ को तितर-बितर किया गया और हालात पर काबू पाया गया। कार्यक्रम से जुड़ी 2 तस्वीरें…
नालंदा में रेप के प्रयास की घटना का जिक्र किया
कार्यक्रम की शुरुआत कल्पना पटवारी ने छठ पूजा के प्रसिद्ध गीत “उग हे सूर्य देव…” से की। प्रस्तुति के दौरान उन्होंने नालंदा में हाल ही में हुई सामूहिक दुष्कर्म के प्रयास की घटना का जिक्र करते हुए इसे शर्मनाक बताया और भिखारी ठाकुर का चर्चित गीत “बेटी बेचवा” प्रस्तुत किया। लोकप्रिय गीत पर दर्शकों में भारी उत्साह
उन्होंने “बलमुवा कैसे तेजब, हे छोटी ननदी” समेत कई लोकप्रिय गीत गाए, जिन पर दर्शकों ने तालियों के साथ प्रतिक्रिया दी। एक मार्मिक गीत की प्रस्तुति से कुछ समय के लिए माहौल भावुक भी हो गया। प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद कार्यक्रम फिर शुरू
हंगामे के बाद जिला प्रशासन मौके पर पहुंचा और उपद्रवी तत्वों को चेतावनी देकर स्थिति को शांत कराया। इसके बाद कार्यक्रम को दोबारा शुरू किया गया और भोजपुरी गीतों का सिलसिला जारी रहा। भारी भीड़ के कारण लगातार बनी रही चुनौती
पूरे कार्यक्रम के दौरान दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ी रही। भीड़ को नियंत्रित करने में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को लगातार मशक्कत करनी पड़ी।

