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SIR voter list: कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधासभा में भवानीपुर सीट सबसे चर्चित सीटों में से एक रही है. यहां से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी चुनाव जीतती रही हैं. यह सीट तृणमूल का गढ़ माना जाता है. भाजपा इस सीट पर कब्जा करने का लगातार प्रयास कर रही है, लेकिन अब तक उसे सफलता हासिल नहीं हुई है. चुनाव आयोग की ओर से जारी फाइनल वोटर लिस्ट जारी होने के बाद भवानीपुर का मुद्दा फिर सुर्खियों में आ गया है. इस विधानसभा सीट पर 40 हजार से अधिक वोटरों के नाम काटे जाने के बाद भाजपा जोश में है. 2014 में भाजपा ने राज्य में पहली बार 18 प्रतिशत वोट हासिल किए थे, तब तथागत रॉय को भवानीपुर निर्वाचन क्षेत्र से बड़ी बढ़त मिली थी. राज्य के विपक्ष नेता शुभेंदु अधिकारी ने इस बार इस सीट को न केवल जीतने का दावा किया है, बल्कि ममता बनर्जी को चैलेंज करते हुए कहा है कि उन्हें हिम्मत है तो इस बार इस सीट से चुनाव लड़ कर दिखाएं.
भाजपा और तृणमूल के बीच कम होगा वोटों का अंतर
भवानीपुर में आयोजित एक संगठनात्मक बैठक में कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाते हुए शुभेंदु अधिकारी ने पुराने आंकड़ों का जिक्र किया. उन्होंने यह भी कहा कि वे अपनी अगली रैली भवानीपुर में ही निकालेंगे. विपक्ष के नेता ने कहा- हम 3 मार्च को भवानीपुर में राधा कृष्ण के साथ एक जुलूस निकालेंगे. बैठक के दौरान सुभेंदु अधिकारी ने बार-बार दावा किया कि एसआईआर का समाधान हो जाने के बाद भवानीपुर में भाजपा के साथ वोटों का अंतर कम हो जाएगा. अंतिम सूची से पता चलता है कि मुख्यमंत्री के निर्वाचन क्षेत्र में मतदाताओं की कुल संख्या 2 लाख 6 हजार 295 है. मसौदा सूची और अंतिम सूची के प्रकाशन के बाद, कुल 47 हजार 94 नाम हटा दिए गए. इसके अलावा, 14,154 अन्य मतदाताओं के मामले अभी भी अनसुलझे हैं या उन पर मुकदमा चल रहा है.
ममता को चुनाव में उतरने की चुनौती
शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया-जिस तरह से मतदाताओं को नजरअंदाज किया गया है, उससे साफ है कि माननीय महिला कैसे जीत रही हैं. ममता बनर्जी को खुलकर सामने आना होगा. उन्हें पूरी तरह से खुलकर सामने आना होगा. इतना ही नहीं, उन्होंने तृणमूल सुप्रीमो को भवानीपुर से चुनाव लड़ने की चुनौती भी दी है. विपक्षी नेता ने कहा- अगर आपमें हिम्मत है, तो भवानीपुर से भागिए मत. बिल्कुल मत भागिए। अगर आपमें हिम्मत है, तो भवानीपुर से चुनाव लड़िए, लेकिन भवानीपुर से अचानक चुनौती क्यों? तृणमूल सुप्रीमो 2011 से इस सीट से चुनाव लड़ती आ रही हैं. उस चुनाव में सुब्रता बख्शी ने पहली बार यहां जीत हासिल की थी. बाद में, जब उन्होंने अपना नाम वापस ले लिया, तो ममता ने उपचुनाव में 95,000 वोटों से जीत दर्ज की. तब से लेकर 2021 तक भवानीपुर ममता की सीट रही है.
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