शराब घोटाला में धराए नवीन केडिया से 5 दिन पूछताछ, फिर भेजा जेल रांची | शराब घोटाले में गिरफ्तार आरोपी कारोबारी नवीन केडिया को सोमवार को अदालत ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इससे पूर्व पांच दिनों की पुलिस रिमांड की अवधि समाप्त होने पर एसीबी ने उसे एसीबी की विशेष अदालत में पेश किया। एसीबी ने उससे 12 से 16 मार्च तक पूछताछ की। एसीबी ने फरार चल रहे छत्तीसगढ़ के दुर्ग निवासी नवीन केडिया को गिरफ्तारी के बाद एसीबी कोर्ट में बुधवार को पेश किया था। आरोपी को व्हीलचेयर पर बैठाकर कोर्ट में पेश किया गया। एसीबी के मुताबिक, झारखंड स्टेट बेवरेजेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड की शराब की दुकानों को मैनपावर सप्लाई करने के लिए रखी गई दो प्लेसमेंट एजेंसियों की बैंक गारंटी फर्जी पाई गई। मारपीट मामले के आरोपी बंधु तिर्की सहित सात अन्य के बयान हुए दर्ज रांची | मारपीट करने समेत अन्य आरोपों में पूर्व मंत्री बंधु तिर्की समेत सात आरोपियों के बयान सोमवार को कोर्ट में दर्ज हुए। एमपी/ एमएलए मामले के विशेष न्यायिक दंडाधिकारी सार्थक शर्मा की अदालत में बंधु तिर्की, तीन अंगरक्षकों के अलावा अमोद सिंह, मोहन सिंह और दिलीप का बयान दर्ज किया। वर्ष 2017 से जुड़े मामले में बंधु राज्य के मुख्य आयुक्त स्काउट गाइड के पद पर थे। आरोप है कि एक नंवबर को भारत स्काउट गाइड झारखंड के राज्य काउंसिल चुनाव में गड़बड़ी से संबंधित जांच की जा रही थी। जांच करने भारत स्काउट गाइड के प्रतिनिधि जिला शिक्षा कार्यालय परिसर पहुंचे थे। जांच में नरेश कुमार को प्रवेश नहीं करने दिया गया और अंगरक्षकों ने बैठक में जाने से रोका व मारपीट की थी। घटना को लेकर कोतवाली थाने में एक नवंबर 2017 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। रांची | शराब घोटाला मामले में जेल में बंद आपूर्तिकर्ता आरोपी मेसर्स मार्शल इनोवेटिव सिक्योरिटी सर्विसेज प्रालि.के निदेशक जगन तुकाराम देसाई को डिफॉल्ट जमानत का लाभ सोमवार को मिल गया। मामले में छह आरोपियों ने इसका लाभ उठाया है। मामले के अनुसंधान पदाधिकारी ने उसकी गिरफ्तारी के 90 दिनों के अंदर चार्जशीट दाखिल करने में पूरी तरह से विफल रहा, जिसका लाभ आरोपी को मिला। याचिकाकर्ता की ओर से समय सीमा 90 दिनों के बाद चार्जशीट दाखिल नहीं करने का हवाला देते हुए डिफॉल्ट बेल की मांग करते हुए याचिका दाखिल की थी। दाखिल याचिका पर एसीबी के विशेष न्यायाधीश ओंकार नाथ चौधरी की अदालत में सुनवाई हुई। रांची | झारखंड लोक सेवा आयोग की संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा-2025 (14वीं जेपीएससी) में उम्र सीमा को लेकर चल रहे विवाद के बीच झारखंड हाईकोर्ट ने कट ऑफ तिथि और पीछे करने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी है। इस मामले की सुनवाई न्यायाधीश न्यायमूर्ति आनंद सेन की अदालत में हुई। मधुसूदन सहित अन्य अभ्यर्थियों की ओर से दायर याचिका में परीक्षा के लिए उम्र सीमा की कट ऑफ तिथि वर्ष 2018 करने की मांग की गई थी। अदालत ने इस मांग को स्वीकार नहीं करते हुए याचिका खारिज कर दी। गौरतलब है कि 14वीं जेपीएससी परीक्षा से पहले उम्र सीमा को लेकर अभ्यर्थियों के बीच काफी विवाद हुआ था। इसके बाद राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए परीक्षा के लिए कट ऑफ तिथि को वर्ष 2022 कर दिया था।
शराब घोटाला : एसीबी ने दाखिल नहीं की चार्ज शीट, आरोपी को बेल
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