साहिबगंज जिले के बरहरवा से भ्रष्टाचार का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। इस घटना ने पूरे प्रशासनिक महकमे में खलबली मचा दी है। यहाँ एक मार्केटिंग ऑफिसर (MO) को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने रंगे हाथों रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है।
ACB Raid in साहिबगंज: महज 2 महीने पहले लगी थी नौकरी, 40 हजार की घूस लेते रंगे हाथों गिरफ्तार हुआ MO बरहरवा (साहिबगंज): भ्रष्टाचार के खिलाफ झारखंड एसीबी (ACB) की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई की है। साहिबगंज जिले के बरहरवा प्रखंड में तैनात प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी (MO) को 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी अधिकारी की नौकरी लगे अभी मात्र 2 महीने ही हुए थे।
इस घटना के बाद सोशल मीडिया में एक नई बहस छेड़ दी है। मालूम हो कि आरोपों में घिरे CGL परीक्षा के परिणाम के बाद नंदन कुमार की नियुक्ति हुई थी जिसका नियुक्ति पत्र मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बांटा था और ईमानदारी की शपथ दिलाई गई थी। ये मामला सामने आने के बाद लोग तरह तरह की प्रतिक्रिया दे रहे है। कुछ लोगों का कहना है कि 35 लाख में नौकरी लगी है वसूली तो करेगा ही… वही कुछ लोगों ने प्रतिक्रिया में ये भी कहा कि 35 लाख का 35 हजार भी वसूल नहीं पाया… मतलब साफ है कि SSC-CGL परीक्षा पर लगे आरोप फिर से ताजा हो गए हैं।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, बरहरवा के मार्केटिंग ऑफिसर (MO) ने एक उचित मूल्य की दुकान (डीलर) से संबंधित किसी कार्य के एवज में 40 हजार रुपये की मांग की थी। पीड़ित ने इसकी शिकायत दुमका स्थित एसीबी कार्यालय में की। शिकायत के सत्यापन के बाद ACB ने जाल बिछाया और जैसे ही अधिकारी ने पैसे लिए, टीम ने उन्हें दबोच लिया।
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महज 60 दिन में भ्रष्टाचार का दाग
इस मामले में सबसे ज्यादा चर्चा अधिकारी के कार्यकाल को लेकर हो रही है। बताया जा रहा है कि आरोपी अधिकारी ने अभी दो महीने पहले ही अपनी सेवा शुरू की थी। करियर की शुरुआत में ही इस तरह की बड़ी घूसखोरी की घटना ने सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बताया जा रहा है कि आरोपी MO नंदन कुमार की नियुक्ति करीब दो महीने पहले ही एमओ पद पर हुई थी. वह मूल रूप से दुमका जिले के रहने वाले हैं. उन्होंने सीजीएल परीक्षा पास कर यह सरकारी पद हासिल किया था और बरहरवा में उनकी यह पहली पोस्टिंग थी. शुरुआती कार्यकाल में ही इस तरह के आरोप लगने से विभाग में भी चर्चा का माहौल है.
नंदन कुमार की पदस्थापना महज दो महीने पहले ही प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी के रूप में हुई थी। वह मूल रूप से दुमका जिला के निवासी हैं और सीजीएल परीक्षा पास कर इस पद पर नियुक्त हुए थे।बहरहाल बड़हरवा प्रखंड में बतौर पणन पदाधिकारी उनकी पहली पोस्टिंग थी और भ्रष्टाचार में संलिप्त होने के आरोप में अपने नौकरी के शुरुआती माह में ही ACB के हत्थे चढ़ जाना क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।नंदन कुमार की बरहड़वा प्रखंड में पहली पोस्टिंग थी।जिला को करीब नौ प्रखंड में सात प्रखंड में एमओ मिल गया था।
ACB की टीम आरोपी को गिरफ्तार कर अपने साथ दुमका ले गई है, जहाँ आगे की पूछताछ और कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस गिरफ्तारी के बाद जिले के अन्य सरकारी विभागों में भी हड़कंप मचा हुआ है।




