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गुडडू चौरसिया|गुमला नगर परिषद की सत्ता की बिसात बिछ चुकी है। आज शहर के विकास की बागडोर संभालने वाले नए अध्यक्ष और वार्ड पार्षदों का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित होना है। लेकिन इस समारोह की चमक से कहीं अधिक चर्चा उस सस्पेंस की है, जो शपथ ग्रहण के ठीक बाद खत्म होने वाला है। कुछ ही घंटों के भीतर पार्षदों के मतदान से शहर को नया उपाध्यक्ष मिल जाएगा। चुनावी मैदान में उतरे मुख्य प्रत्याशियों ने इस पद को पाने के लिए अंतिम क्षणों तक अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। चर्चा है कि इस जंग को जीतने के लिए पसीना और पैसा दोनों पानी की तरह बहाया गया है। परिणाम यह है कि मैदान में डटे तीनों प्रमुख प्रत्याशी अपनी-अपनी जीत को लेकर शत-प्रतिशत आश्वस्त नजर आ रहे हैं। दिलचस्प पहलू यह है कि जीत का दावा करने वाले ये प्रत्याशी अपने पक्ष में पार्षदों की जो संख्या बता रहे हैं। उसका जोड़ कुल पार्षदों की संख्या के गणित को ही फेल कर रहा है। शहर में कुल 22 पार्षद हैं। लेकिन ताज्जुब की बात यह है कि प्रत्याशी अपने साथ 10 से 12 पार्षदों का समर्थन होने का दम भर रहे हैं। यदि इनके दावों को जोड़ दिया जाए, तो यह संख्या 30 के पार निकल जाती है। पार्षदों के इस समर्थन ने चुनावी गलियारों में भारी हलचल पैदा कर दी है। माना जा रहा है कि कई पार्षद क्रॉस वोटिंग की फिराक में हैं या फिर उन्होंने एक साथ दो प्रत्याशियों को समर्थन का वचन दे दिया है। ऐसे में यह साफ है कि मतदान के गुप्त बॉक्स से जब नतीजे निकलेंगे, तो किसी न किसी प्रत्याशी के साथ बड़ा विश्वासघात होना तय है। फिलहाल उपाध्यक्ष पद के लिए चल रही इस खींचतान ने शहर के सियासी तापमान को बढ़ा दिया है। प्रत्याशियों की धड़कनें तेज हैं। क्योंकि अब मुकाबला केवल जनसेवा का नहीं, बल्कि साख और मैनेजमेंट का बन चुका है। बहरहाल शपथ ग्रहण की औपचारिकता पूरी होते ही पार्षदों की बाड़ेबंदी और गुप्त मतदान का नतीजा सबके सामने होगा। अब देखना यह है कि जोड़-तोड़ की इस राजनीति में कौन बाजी मारता है और किसे अपने ही करीबियों से झटका मिलता है।
शहर को आज मिलेगा नया नगर परिषद उपाध्यक्ष, दावेदारों ने झोंकी पूरी ताकत
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