शेखपुरा में होली पर 117 स्थान संवेदनशील घोषित:मजिस्ट्रेटों के नेतृत्व में पुलिस बल तैनात, DM-SP ने की मीटिंग

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शेखपुरा में होली पर्व के दौरान जिले में विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए शनिवार को समाहरणालय परिसर स्थित मंथन सभागार में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसकी अध्यक्षता जिलाधिकारी शेखर आनंद ने की, जिसमें पुलिस अधीक्षक बलिराम कुमार चौधरी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में उप विकास आयुक्त संजय कुमार, अपर समाहर्ता लखींद्र पासवान, अनुमंडल पदाधिकारी प्रियंका कुमारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी डॉ. राकेश कुमार और सिविल सर्जन डॉ. संजय कुमार सहित कई पुलिस पदाधिकारी उपस्थित थे। इसके अतिरिक्त, शांति समिति के सदस्यों के साथ भी होली को लेकर अलग से बैठक की गई। कुल 117 स्थानों को संवेदनशील घोषित किया गया बैठक में बताया गया कि होली के मद्देनजर जिले में कुल 117 स्थानों को संवेदनशील घोषित किया गया है। इन सभी स्थानों पर दंडाधिकारियों और पुलिस पदाधिकारियों के साथ पर्याप्त संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए जाएंगे। पर्व 2 मार्च से 4 मार्च तक मनाया जाएगा, जिसमें 3 मार्च की रात होलिका दहन होगा। सभी प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों और पुलिस पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे निष्पक्ष और न्यायपूर्ण निर्णय लेकर तत्परता से कार्रवाई करें, ताकि पर्व के दौरान किसी भी स्थान पर दो समुदायों के बीच कोई विवाद उत्पन्न न हो। विधि-व्यवस्था और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए उपद्रवी तत्वों पर कड़ी निगरानी रखने और उन्हें चिह्नित कर भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 163 के तहत कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया गया। सघन गश्ती करने के निर्देश दिए गए सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों (बीडीओ) और अंचल अधिकारियों (सीओ) को अपने क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए मुस्तैद रहने और सघन गश्ती करने के निर्देश दिए गए हैं। बिहार में शराबबंदी को देखते हुए सभी दंडाधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों और थानाध्यक्षों को इस पर विशेष निगरानी रखने, सघन वाहन जांच करने और ऐसे लोगों पर सख्त कानूनी कार्रवाई करने का आदेश दिया गया है। उत्पाद अधीक्षक को सीमावर्ती क्षेत्रों में सख्त कार्रवाई करने तथा उत्पाद निरीक्षक को होली पर्व के अवसर पर शराब और मादक पदार्थों की बिक्री न होने देने के लिए सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। क्यूआरटी की टीम भी किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए तैयार होली पर्व के अवसर पर विधि -व्यवस्था तथा साम्प्रदायिक सौहार्द कायम रखने तथा इस निदेश का अक्षरश:अनुपालन कराने का दायित्व एसडीओ और एसडीपीओ को दी गई है। एसपी द्वारा बताया गया की प्रतिनियुक्त किए गए पुलिस दंडाधिकारियों के अतिरिक्त क्यूआरटी की टीम भी किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहेगी। उन्होंने सभी शांति समिति के सदस्यों एवं दंडाधिकारियों को निदेश देते हुए कहा कि किसी भी तरह की अप्रिय घटना की सूचना तुरंत उचित पदाधिकारी को दे। आज से लगातार शराब के उत्पादन, बिक्री एवं उपयोग को लेकर विशेष ड्राइव चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अपने चौकीदार के द्वारा सघन निगरानी करेंगे। डीजे एवं अश्लील गाना को लेकर जिला प्रशासन का जीरो टॉलरेंस डीएम द्वारा सभी को संबोधित करते हुए कहा गया कि सभी लोग पर्व हर्षोल्लास से शांति एवं भाईचारा का संदेश देते हुए होली पर्व को मनाए। उन्होंने शान्ति समिति के सदस्यों से अनुरोध करते हुए कहा कि अपने क्षेत्र अंतर्गत वॉलंटियर की सूची भी उपलब्ध कराए ,ताकि आवश्यकतानुसार उनका सहयोग लिया जा सके। डीजे एवं अश्लील गाना को लेकर जिला प्रशासन का जीरो टॉलरेंस है। एसडीओ के द्वारा पूर्णतः डीजे बजाने पर रोक लगाई गई है। अन्यथा डीजे संचालक के विरुद्ध करवाई करते हुए उनका डीजे भी जब्त किया गया है। आगे भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी। जिला प्रशासन के द्वारा सभी होटलों एवम नये जगहों पर शराब एवं फूड सेफ्टी के मद्देनजर जांच अभियान भी चलाया जा रहा है ,जो आगे भी जारी रहेगा। संवेदनशील स्थलों पर ड्रोन से निगरानी रखी जाएगी। डीटीओ को भी वाहन जांच हेतु विशेष अभियान चलाने को कहा गया है। सभी नगर कार्यपालक पदाधिकारियों को सभी जगह साफ सफाई ,लाइटिंग इत्यादि की सुविधा की जांच कर आवश्यकनुसार तैयारी कर लेने को कहा गया है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील करते हुए कहे कि इस समय होली और रमजान का भी महीना चल रहा है। सभी लोग खुद ही सहनशीलता का परिचय दिखाते हुए आपस में मिलकर पर्व मनाए तथा शांतिपूर्ण संपन्न कराने में जिला प्रशासन का सहयोग करे। अग्निशामन वाहन तैयार रखने का निदेश दिया गया जिला स्तर पर सूचना एकत्रित करने के लिए मो0 खिलाफत अंसारी, जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी के वरीय प्रभार में जिला नियंत्रण कक्ष की स्थापना की गई है।प्रखंड स्तर पर भी नियंत्रण केंद्र बनाने का निर्देश सभी बीडीओ देते हुए इस पर निगरानी रखने को कहा गया है।सिविल सर्जन को निर्देशित करते हुए कहा गया है कि किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए 24 घंटे संचालित चलंत चिकित्सक दल (एम्बुलेंस) की व्यवस्था वाहन सहित नियंत्रण कक्ष के पास तैयार रखे। जिला अग्निशामन पदाधिकारी को पर्याप्त संख्या में अग्निशामन वाहन तैयार रखने का निदेश दिया गया है।

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