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भास्कर न्यूज |गिरिडीह सदर प्रखंड स्थित बजटो पंचायत के टाटोकियारी गांव में आयोजित श्रीश्री 1008 श्री रामचरितमानस नवाह परायण महायज्ञ के चौथे दिन बुधवार की रात श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। धार्मिक वातावरण में कथा वाचक रामानुज महाराज एवं कथा वाचिका देवी रत्नमणि ने भगवान श्रीराम के वनवास और माता सीता हरण प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया।कथा के दौरान रामानुज महाराज ने बताया कि भगवान श्रीराम का वनवास त्याग, मर्यादा और धर्म पालन का अद्वितीय उदाहरण है। उन्होंने कहा कि पिता की आज्ञा और सत्य की रक्षा के लिए श्रीराम ने राजसुख छोड़कर 14 वर्षों का वनवास स्वीकार किया, जो आज भी समाज को कर्तव्यपरायणता और आदर्श जीवन का संदेश देता है। कथा वाचिका देवी रत्नमणि ने सीता हरण प्रसंग का मार्मिक वर्णन करते हुए कहा कि यह घटना केवल एक ऐतिहासिक प्रसंग नहीं, बल्कि धर्म और अधर्म के संघर्ष का प्रतीक है। उन्होंने रावण के अहंकार और छल का उल्लेख करते हुए बताया कि अधर्म चाहे कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो, अंततः सत्य और धर्म की ही विजय होती है। यज्ञ समिति अध्यक्ष राजकुमार दास ने बताया कि नौ दिनों तक चलने वाले इस महायज्ञ में विभिन्न धार्मिक प्रसंगों की कथा सुनाई जाएगी।
श्री रामचरितमानस नवाह परायण महायज्ञ में श्रद्धालुओं की जुटी भीड़
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