सरहुल पर्व हमारी परंपरा, संस्कृति और प्रकृति के प्रति श्रद्धा का प्रतीक : जिप अध्यक्ष

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भास्कर न्यूज|लोहरदगा लोहरदगा आदिवासी कर्मचारी समिति लोहरदगा के तत्वावधान में रविवार को न्यू नगर भवन लोहरदगा में सरहुल पूर्व संध्या कार्यक्रम कड़सा का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ दीप प्रज्वलन कर की गई। इसके बाद अतिथियों का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया व आदिवासी संस्कृति की झलक प्रस्तुत करते हुए सामूहिक नृत्य और पारंपरिक गीतों की मनमोहक प्रस्तुति दी गई। मुख्य अतिथि उपायुक्त डॉ. ताराचंद ने अपने संबोधन में कहा कि बसंत ऋतु के आगमन के साथ ही सरहुल पर्व की शुरुआत होती है। यह पर्व केवल आदिवासी समाज तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रकृति, पशु-पक्षियों और पूरे संसार के कल्याण से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि सरहुल हमें प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाकर जीवन जीने की प्रेरणा देता है। विशिष्ट अतिथि दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने कहा कि सरहुल पर्व हमें प्रकृति के प्रति आस्था और विश्वास बनाए रखने की सीख देता है। वहीं विशिष्ट अतिथि जितेंद्र मुंडा ने कहा कि सरहुल का आगमन होते ही आदिवासी समाज में उत्साह और उमंग की लहर दौड़ पड़ती है और लोग जंगलों-पहाड़ों की तरह खुशियों से भर उठते हैं। जिला परिषद अध्यक्ष सुखदेव उरांव ने कहा कि सरहुल पर्व हमारी परंपरा, संस्कृति और प्रकृति के प्रति श्रद्धा का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि होली के बाद गांवों में सरहुल की तैयारियां शुरू हो जाती हैं और गांव के सभी लोग मिल-जुलकर इसे बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाते हैं। इस पर्व में धरती को माता के रूप में पूजने की परंपरा है। गांव के पहान द्वारा सूर्य और धरती माता की पूजा-अर्चना कर पूरे गांव और समाज की सुख-समृद्धि की कामना की जाती है। कार्यक्रम के दौरान सभी अतिथियों ने सामूहिक नृत्य में भाग लेकर आदिवासी संस्कृति की सुंदर झलक प्रस्तुत की। उपस्थित लोगों ने पारंपरिक वेशभूषा में नृत्य-गीतों का आनंद लिया, जिससे पूरा माहौल उत्साह और उमंग से भर गया। कार्यक्रम का मंच संचालन किशोर उरांव ने किया। इस अवसर पर समिति के सदस्य एवं उनके परिवारजन बड़ी संख्या में उपस्थित थे। इनमें सत्यदेव उरांव, सुधीर उरांव, अरविंद उरांव, रघुनाथ मुंडा, बिनोद उरांव, रेखा उरांव, प्रीति पल्लवी तिग्गा, अंजू कुजूर, सुरेंद्र उरांव, सुनील मिंज, अभिषेक एक्का, धनंजय भगत, सीताराम टाना भगत सहित कई गणमान्य लोग शामिल थे।

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