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शराब घोटाले के आरोपी छत्तीसगढ़ के शराब कारोबारी नवीन केडिया को एसीबी ने रांची से गिरफ्तार कर लिया। एसीबी कोर्ट और हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद वह सरेंडर करने रांची पहुंचा था। उसे एसीबी के स्पेशल जज ओंकारनाथ चौधरी की कोर्ट में पेश कर सात दिन की रिमांड मांगी, लेकिन कोर्ट ने पांच दिन की रिमांड मंजूर की। एसीबी ने आठ जनवरी को उसे गोवा के स्पा सेंटर में मसाज कराते समय गिरफ्तार किया था। नौ जनवरी को गोवा की कोर्ट ने चार दिन की ट्रांजिट बेल देते हुए उसे 12 जनवरी तक झारखंड एसीबी के सामने सरेंडर करने का निर्देश दिया था। लेकिन ट्रांजिट बेल मिलने के बाद केडिया गोवा से पहले दिल्ली, फिर छत्तीसगढ़ पहुंचा। ट्रांजिट बेल की अवधि पूरी होने के बाद भी वह एसीबी के सामने नहीं पहुंचा और फरार हो गया। इसके बाद उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया था। आरोप: देसी शराब में थे नुकसान पहुंचाने वाले तत्व
नवीन केडिया पर झारखंड में निम्न गुणवत्ता वाली देसी शराब की आपूर्ति करने का आरोप है। उसकी कंपनी छत्तीसगढ़ की डिस्टिलरी प्रा. लि. द्वारा निर्मित देसी शराब में शरीर को नुकसान पहुंचाने वाले तत्व मिले थे। केडिया पर पूर्व उत्पाद नीति के दौरान झारखंड में शराब ठेका लेने में अधिकारियों से साठगांठ करने का भी आरोप है। केडिया की फरारी पर 8 पुलिसकर्मी सस्पेंड हुए थे
केडिया के फरार होने के मामले में झारखंड एसीबी ने कड़ी कार्रवाई की थी। निगरानी में होने के बावजूद उसकी फरारी को गंभीर चूक मानते हुए एसीबी के एडीजी ने आठ पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को निलंबित कर दिया था। इनमें एसीबी के इंस्पेक्टर विजय केरकेट्टा, दारोगा शशिकांत कुमार, हवलदार अनूप साह, सिपाही रौशन सिंह व अमन प्रताप और रांची जिला पुलिस के दारोगा राहुल कुमार, एएसआई राजीव रंजन कुमार और सिपाही रवि शंकर शर्मा शामिल हैं। दरअसल गोवा से ट्रांजिट बेल मिलने के बाद केडिया पर नजर रखने और उसे झारखंड लाने की जिम्मेदारी एसीबी टीम को सौंपी गई थी। पर वह फरार हो गया। एसीबी मुख्यालय ने समीक्षा में पाया कि निगरानी में लापरवाही हुई है। इसके बाद उन्हें सस्पेंड किया गया।
सरेंडर करने रांची पहुंचा छग का कारोबारी नवीन गिरफ्तार:आठ जनवरी को गोवा से हुई थी गिरफ्तारी, ट्रांजिट बेल मिलने के बाद हो गया था फरार
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