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सहरसा सदर अस्पताल में सोमवार शाम जिलाधिकारी दीपेश कुमार और अपर समाहर्ता निशांत ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें एक डॉक्टर ड्यूटी से अनुपस्थित मिले। अस्पताल में गंदगी, खराब बेडशीट और अन्य व्यवस्थागत खामियां भी पाई गईं, जिस पर जिलाधिकारी ने अस्पताल प्रबंधन से स्पष्टीकरण मांगा है। इस मौके पर सिविल सर्जन डॉ राज नारायण प्रसाद, डीपीएम, अस्पताल के प्रबंधक सिम्पी समेत अन्य लोग मौजूद रहे। सदर अस्पताल मे लगभग 45 मिनट तक चले इस निरीक्षण में जिलाधिकारी ने अस्पताल के हर वार्ड का दौरा किया और मरीजों से बातचीत की। उन्होंने बताया कि अस्पताल में कई जगहों पर खामियां देखी गई हैं, जिनके संबंध में आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। इमरजेंसी वार्ड के पास गंदे नाले में प्लास्टिक मिलने पर भी अस्पताल प्रबंधन से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। बेडशीट पर गंदे चादर देखकर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की मरीजों को दी जाने वाली बेडशीट पर गंदे चादर देखकर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की और इस पर भी स्पष्टीकरण मांगा। शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने वाला वाटर कूलर भी ठीक से काम नहीं कर रहा था, जिसके लिए जवाब मांगा जाएगा। हालांकि, अस्पताल के अंदरूनी हिस्सों में सफाई व्यवस्था थोड़ी बेहतर पाई गई। अस्पताल में कई कमियों को लेकर औचक निरीक्षण किया था निरीक्षण के दौरान सदर अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर (ओटी) और इंटेंसिव केयर यूनिट (आईसीयू) में एयर कंडीशनर खराब पाए गए। इस संबंध में एक अतिरिक्त एयर कंडीशनर लगाने का निर्देश दिया गया है। इससे पहले, उप विकास आयुक्त (डीडीसी) ने भी अस्पताल में कई कमियों को लेकर औचक निरीक्षण किया था। ड्यूटी से अनुपस्थित मिले डॉक्टर से भी स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने अस्पताल के विभिन्न वार्डों में भर्ती मरीजों से भी बातचीत की और उनसे सरकार द्वारा प्रदान की जाने वाली अस्पताल की योजनाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने सतत निगरानी की आवश्यकता पर जोर दिया।
