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कोडरमा के डोमचांच थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति ने अपने बहनोई से पैसों के लेन-देन से बचने के लिए अपने ही अपहरण की साजिश रची। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मात्र छह घंटे में इस पूरे मामले का खुलासा कर दिया और ‘अपहृत’ व्यक्ति को सकुशल बरामद कर लिया। एसपी अनुदीप सिंह ने बताया कि यह मामला डोमचांच थाना क्षेत्र के महेशपुर निवासी प्रकाश मेहता से जुड़ा है। उनकी पत्नी काजल देवी ने डोमचांच थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके पति प्रकाश मेहता 7 फरवरी की रात से लापता हैं। काफी खोजबीन के बाद भी उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया था। पत्नी को फोन कर अपहरण होने की बताई बात
मंगलवार सुबह करीब 7 बजे प्रकाश मेहता ने अपने मोबाइल फोन से पत्नी को फोन किया। उन्होंने बताया कि उनका अपहरण हो गया है और उन्हें गिरिडीह जिले के बगोदर थाना क्षेत्र के लक्षीबागी निवासी जयनारायण मेहता के घर में कैद रखा गया है। प्रकाश मेहता ने अपनी पत्नी से जयनारायण मेहता को 15 लाख रुपए देने पर ही रिहाई की बात कही। काजल देवी के इस आवेदन के आधार पर डोमचांच थाना में तत्काल अपहरण का मामला दर्ज किया गया। कांड की गंभीरता को देखते हुए, एसपी अनुदीप सिंह ने एसडीपीओ अनिल कुमार सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया। इस टीम में तकनीकी विशेषज्ञों को भी शामिल किया गया, जिसका उद्देश्य अपहृत की शीघ्र बरामदगी और अभियुक्तों की गिरफ्तारी था। कॉल डिटेल और सीसीटीवी फुटेज का गहन विश्लेषण किया
गठित टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मानवीय और तकनीकी साक्ष्यों, कॉल डिटेल और सीसीटीवी फुटेज का गहन विश्लेषण किया। जांच के मात्र छह घंटे के भीतर, पुलिस ने प्रकाश मेहता को उनके रिश्तेदार जयनारायण मेहता के घर से सकुशल बरामद कर लिया। जांच में सामने आया कि प्रकाश मेहता ने ही पैसों के लेन-देन से बचने के लिए अपने अपहरण का नाटक रचा था। इधर, अपहृत प्रकाश मेहता की बरामदगी के बाद पुलिस टीम द्वारा उससे जब पूछताछ की गई तो उसके द्वारा बताया गया कि जयनारायण मेहता उसके रिश्तेदार हैं। जयनारायण मेहता की पत्नी बैजंती देवी के नाम पर एक चौदह चक्का ट्रक था, जिसे इनके माध्यम से केरेडारी (हजारीबाग) के रहने वाले अशोक कुमार को एक एग्रीमेंट के तहत 28 लाख 51 हजार रुपए में 26 जून 2024 को बिक्री की गई थी और उक्त एग्रीमेंट में ये गवाह थे। एग्रीमेंट के अनुसार, ट्रक का कुल मुल्य दो माह के अंदर ट्रक मालिक (प्रकाश मेहता) को ट्रक खरीददार (अशोक कुमार) द्वारा भुगतान कर देना था। किंतु ट्रक खरीददार अशोक कुमार तय समय में पैसों का भुगतान नहीं किया। तब ट्रक मालिक (प्रकाश मेहता) द्वारा अशोक कुमार पर एक केस कर दिया गया, जो गिरिडीह न्यायालय में लंबित है। महेशपुर चौक पर जयनारायण मेहता से मुलाकात हुई
इसी बीच 7 फरवरी की सुबह प्रकाश मेहता की इनके घर के पास महेशपुर चौक पर जयनारायण मेहता से मुलाकात हो गई। जयनारायण मेहता ने प्रकाश से कहा कि वे अपने मोटरसाइकिल से इन्हें इनके घर बगोदर थाना क्षेत्र स्थित अटका पहुंचा दे। इसके बाद प्रकाश जयनाराय को अपने बाइक से लेकर उसके घर चले गए। अब चूंकि जयनारायण इनका बहनोई था। इसलिए ये उसके घर पर रहने लगे। इस दौरान जयनारायण इन्हें कहने लगा कि ट्रक खरीददार पैसा नहीं दे रहा है और आप गवाह है। इसलिए खरीददार से पैसा दिलवा दें। अशोक से पैसा दिलवाने से बचने के लिए प्रकाश मेहता ने अपने ही अपहरण होने की कहानी रच डाली। इसके बाद प्रकाश ने अपनी पत्नी बैजंती देवी को अपने मोबाइल से फोन किया और कहा कि इनका अपहरण हो गया है और इनके जीजा 15 लाख रुपए लेने पर ही इन्हें छोडेंगे। इधर, पुलिस टीम द्वारा प्रारंभिक जांच में अपहरण की यह पूरी घटना झूठी एवं भ्रामक पाई गई है। पुलिस टीम कथित अपहृत प्रकाश मेहता को अपने साथ लेकर डोमचांच थाना ले आई है एवं आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
साले ने बहनोई से बचने के लिए रची साजिश:खुद के किडनैपिंग की उड़ाई अफवाह; पुलिस ने 6 घंटे में किया खुलासा, घर से सकुशल बरामद
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