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उन्नत तकनीक के प्रचार-प्रसार और सोशल मीडिया ने कृषि क्षेत्र में बहुत बड़ा बदलाव लाया है। लोगों को मोबाइल से खेती की नई-नई तकनीक सीखकर उसे अपने खेतों में लागू करते हैं और दोगुनी- तिगुनी आय कमा रहे हैं। बोलबा प्रखंड के मालसाड़ा पंचायत अंतर्गत बनटोली गांव के प्रगतिशील किसान मनोज कुमार सिंह आधुनिक तकनीक को अपनाकर खेती के क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम कर रहे हैं। लगभग 5 से 6 एकड़ भूमि में उन्नत खेती कर वे न केवल अपना, बल्कि पूरे परिवार का बेहतर ढंग से भरण-पोषण कर रहे हैं। इंटरमीडिएट पास मनोज कुमार सिंह खुद को आज के दौर का किसान बताते हैं। वे खेती से संबंधित नई-नई जानकारियां मोबाइल और यूट्यूब के माध्यम से प्राप्त करते हैं। इसी क्रम में एक दिन यूट्यूब देखते हुए उन्हें पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ के दुलदुला स्थित एमके एग्रीकल्चर का एक वीडियो देखने को मिला, जिसमें आधुनिक तकनीक से खेती कर किसानों को आत्मनिर्भर बनने के तरीकों को दर्शाया गया था। वीडियो से प्रभावित हो कर रहे ग्राफ्टिंग खेती मनोज कुमार बताते हैं कि वीडियो में उन्होंने देखा कि किस प्रकार जंगली देसी बैगन पर ग्राफ्टिंग कर उच्च गुणवत्ता वाले टमाटर की खेती की जा सकती है। इस तकनीक ने उन्हें काफी प्रभावित किया। ग्राफ्टिंग द्वारा पौधा तैयार करने में लगभग दो महीने का समय लगता है और इसकी खेती जुलाई महीने में करना सबसे उपयुक्त है। पौधे के लिए 30 प्रतिशत अग्रिम देना होता है पौधे मंगवाने के लिए पहले एमके एग्रीकल्चर को 30 प्रतिशत राशि अग्रिम रूप से देनी होती है, जिससे यह सुनिश्चित हो जाता है कि किसान को पौधा समय पर उपलब्ध कराया जाएगा। एक पौधे की कीमत लगभग ₹11 पड़ती है, जबकि 10 हजार से अधिक पौधे मंगवाने पर कंपनी द्वारा किसानों को फ्री ऑफ कॉस्ट पौधे खेत तक पहुंचाए जाते हैं। मनोज अपनी फसल नजदीकी बोलबा बाजार और केरसई बाजार में बेचते हैं। इससे उन्हें अच्छा मुनाफा प्राप्त होता है। पॉली हाउस की जरूरत ताकि समय से पहले पौधे तैयार कर सकें बोलबा प्रखंड के आत्मा विभाग के तकनीकी प्रबंधक निलेश खलखो से काफी प्रोत्साहन मिलता है। समय-समय पर गांव आकर किसानों को मार्गदर्शन और प्रेरणा देते हैं। किसानों की सिंचाई संबंधी समस्या को देखते हुए आत्मा विभाग द्वारा सोलर से संचालित 5 एचपी का बड़ा मोटर पम्पसेट बहुत ही कम अनुदानित दर पर उपलब्ध कराया। मनोज ने बताया कि उन्होंने प्रशासन से लिखित रूप में पॉली हाउस की मांग की है, ताकि वे अपनी 25 डिसमिल जमीन में समय से पहले पौध तैयार कर सकें और बड़े पैमाने पर उन्नत खेती कर सकें। जानिए… कौन हैं मनोज कुमार सिंह मनोज कुमार सिंह बोलबा प्रखंड के मालसाड़ा पंचायत अंतर्गत बनटोली गांव के रहने वाले हैं। खेती से होने वाली आय से वे अपने तीनों बच्चों को पढ़ा रहे हैं। उनका बड़ा पुत्र राहुल सिंह सिमडेगा जिला मुख्यालय स्थित सामटोली के सेंट मेरीज़ स्कूल में मैट्रिक का पढ़ाई कर रहा है, जबकि दो अन्य पुत्र रीगन सिंह और रौनक सिंह पास के सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालय में पढ़ते हैं। मनोज की पत्नी सविता देवी भी उनके कार्य में सहयोग करती हैं। वे आसपास के किसानों को भी खेती की नई तकनीक की जानकारी देते हैं।
सिमडेगा किसान मनोज की मेहनत-सफलता की कहानी:देसी बैगन पर ग्राफ्टिंग कर उपजा रहे टमाटर, उपज के साथ खूब हुई कमाई
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