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मधुबनी में सोमवार शाम जिलाधिकारी आनंद शर्मा की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में जिला स्तरीय नार्को समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में मादक पदार्थों की तस्करी रोकने और नशा मुक्ति अभियान को तेज करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि मादक पदार्थों से संबंधित छापेमारी के दौरान अभियोजन पक्ष के गवाह के रूप में चौकीदार, राजस्व कर्मचारी या पंचायत सचिव को नामित किया जाए। बैठक में मादक पदार्थ पहचान किट उपलब्ध कराने पर भी चर्चा हुई। उन्होंने यह भी कहा कि सभी कार्रवाई और छापेमारी का स्पष्ट वीडियो और फोटो तैयार किया जाए। शर्मा ने सभी संबंधित अधिकारियों को नशा मुक्त अभियान चलाने का निर्देश दिया। विशेषकर सीमावर्ती क्षेत्रों (वाइब्रेंट विलेज) के गांवों में सूखे नशे को लेकर सघन छापेमारी अभियान चलाने पर जोर दिया गया। कारोबार से जुड़े लोगों की पहचान कर कार्रवाई जिलाधिकारी ने नशीली दवाओं और ड्रग्स के खतरे को रोकने के लिए प्रभावी उपाय लागू करने का निर्देश दिया। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों को आपसी समन्वय स्थापित कर इन गतिविधियों पर अंकुश लगाने को कहा। साथ ही, नशीली दवाओं के दुष्प्रभावों को लेकर लगातार जागरूकता अभियान चलाने और इस कारोबार से जुड़े लोगों की नियमित पहचान कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त, जिलाधिकारी ने औषधि निरीक्षकों को सभी दवा दुकानों, विशेषकर सीमावर्ती क्षेत्रों में संचालित दवा दुकानों पर कड़ी निगरानी रखने का भी निर्देश दिया।
सूखे नशे को लेकर छापेमारी अभियान चलाने पर जोर-DM:मधुबनी में नार्को समन्वय समिति की बैठक, निगरानी के निर्देश
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