स्पीकर बोले- सिर्फ नौ जिलों में भेजा गया पैसा:मंत्री सुदिव्य ने कहा- केंद्र से फंड नहीं मिलने से अटका स्वेटर वितरण, सिर्फ राज्यांश से देना संभव नहीं

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बजट सत्र में मंगलवार को विधायक देवेंद्र कुंवर ने दैनिक भास्कर में 12 फरवरी को छपी खबर ‘ठंड बीती..राज्य में स्कूली बच्चों को अब मिलेगी स्वेटर की राशि’ को आधार बनाते हुए सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि राज्य में ठंड का दौर खत्म हो गया है। अब स्कूलों में बच्चों को स्वेटर की राशि मिलेगी, जो आश्चर्य जनक है। कई जिले अभी भी राशि के इंतजार में हैं। ठंढ में बच्चों को स्वेटर नहीं मिलना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने इस प्रकार की प्रणाली को खत्म करने और अगली बार से सर्दी से पहले बच्चों को स्वेटर उपलब्ध कराने की मांग की। इस पर मंत्री सुदिव्य कुमार ने जवाब देते हुए कहा कि केंद्र और राज्य के सहयोग से सही योजनाएं चलती हैं। केंद्र यदि पैसा नहीं देता है तो राज्य अपनी राज्यांश की राशि खर्च नहीं कर सकता है। इसलिए जो राशि उपलब्ध थी, उसमें स्कूली बच्चों को पोशाक दिए गए। यह एक प्रक्रिया है, जिसे सदन नहीं बदल सकता है। योजनाओं में केंद्रांश यदि समय पर मिलता रहे, तो योजनाएं सुचारू रूप से चलती रहती हैं। मंत्री ने कहा कि समग्र शिक्षा अभियान के तहत 2200 करोड़ रु. का प्रावधान है। इसमें केंद्रांश की 1320 और राज्यांश की 880 करोड़ राशि है। इसमें से केंद्र ने 533 करोड़ ही दिए। राज्यांश की 328 करोड़ रुपए खर्च किए गए। जब तक केंद्रांश नहीं मिलता है तब तक राज्यांश नहीं निकल सकता। इस पर स्पीकर ने कहा कि सिर्फ नौ जिलों में ही पैसा भेजा गया है। इसमें संथाल का एक भी जिला नहीं है। हर जिला को वित्तीय अंश के रूप में जाना चाहिए। अल्पसूचित प्रश्न… नीरा यादव : नामांकन मे कंप्यूटर लॉटरी प्रणाली से विश्वसनीयता घटी सुदिव्य कुमार : शिक्षा के अधिकार कानून में गड़बड़ी पर कार्रवाई होगी विधायक नीरा यादव ने कहा कि शिक्षा के अधिकार कानून में नामांकन के लिए आने वाले आवेदनों की संख्या आरक्षित सीट 25% से अधिक हो तो नामांकन के लिए कंप्यूटर लॉटरी प्रणाली का उपयोग किया जाने लगा है। इससे इस कानून की विश्वसनीयता खत्म हो रही है। उन्होंने पूरी चयन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाये जाने की मांग की। इस पर मंत्री सुदिव्य ने कहा कि शिक्षा का अधिकार कानून में यदि कोई गड़बड़ी की जाती है तो कार्रवाई होगी। कानून के तहत बच्चों की चयन प्रक्रिया स्पष्ट है। इसका चयन कंप्यूटरीकृत के अलावा चयन समिति और अभिभावकों के सामने भी होता है। कुछ कागजात अनुसंशा के भी आते हैं। वे खुद भी अनुसंशा करते हैं। कितनी अनुसंशाएं आई हैं, इसकी जानकारी आरटीआई के माध्यम से ली जा सकती है। यदि गड़बड़ी होती है तो कार्रवाई होगी। हेमलाल मुर्मू : झारखंड में बुनियादी शिक्षा की स्थिति खराब, नामांकन घटा विधायक हेमलाल मुर्मू ने छात्रों के नामांकन और ड्रॉप आउट का मामला सदन में उठाया। कहा- झारखंड में बुनियादी शिक्षा की स्थिति खराब है। 100 मे 38 बच्चे ही प्री प्राइमरी से वर्ग दो तक नामांकन करा रहे हैं। तीन साल में नामांकन का प्रतिशत घटा है। वहीं माध्यमिक स्तर पर नामांकन की संख्या 10 प्रतिशत जरूर बढ़ी है, लेकिन 12वीं तक आते-आते छात्रों के नामांकन का अनुपात गिर जाता है। मंत्री- 2024-25 में नामांकन में 2.5 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई इस पर मंत्री सुदिव्य ने कहा कि 2024-25 के आंकड़ों के मुताबिक नामांकन में 2.5% वार्षिक वृद्धि दर्ज हुई है। वर्ष 2025-26 में नामांकन का प्रतिशत 3.4% हो गया है। उच्चतर माध्यमिक में 23-24 तक 7% व 25-26 में 5% नामांकन में वृद्धि हुई है। ​एक अन्य सवाल पर मंत्री ने बताया कि सरकारी विद्यालयों में कक्षा एक से 12 तक नामांकित छात्रों को नि:शुल्क किताब, ड्रेस व साइकिल उपलब्ध कराई जाती है। स​रयू राय… दामोदर नदी में बढ़ रहे प्रदूषण और अतिक्रमण का मुद्दा उठाया मंत्री बोले- प्रदूषण-अतिक्रमण पर सरकार गंभीर, हर माह रिपोर्ट होगी तैयार विधायक सरयू राय ने नदियों के प्रदूषण और अतिक्रमण का मामला उठाया था। उन्होंने आरोप लगाया कि डीवीसी के चंद्रपुरा ताप विद्युत गृह के ऐश पॉन्ड विस्तार से नदी क्षेत्र का अतिक्रमण हुआ है। बोकारो ताप बिजली घर की क्षतिग्रस्त पाइपलाइन से दूषित बहिस्राव कोनार नदी में गिर रहा है। इस पर मंत्री सुदिव्य ने कहा कि दामोदर नदी के प्रदूषण और अतिक्रमण को लेकर सरकार गंभीर है। इसकी जांच के लिए बनी कमेटी को निर्देश दिया जाएगा कि वह हर महीने इसकी जांच करती रहे और इसकी रिपोर्ट देती रहे। तारांकित प्रश्न… नमन : बालू घाट मामले में ग्राम सभा की अनदेखी हुई योगेंद्र प्रसाद : नीलामी में नियमों का हो रहा है पालन विधायक नमन विक्सल कोंगाड़ी ने बालू घाटों के श्रेणीकरण और आदिवासी क्षेत्रों में ग्राम सभा की अनदेखी का मुद्दा उठाया। उन्होंने तर्क दिया कि पेसा नियमावली के स्पष्ट प्रावधानों के बावजूद बालू घाटों का श्रेणीकरण करते समय ग्राम सभाओं से अनुमति नहीं ली गई। बालू उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में स्थानीय आदिवासियों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। पर, नीलामी के लिए जो टेंडर की शर्तें हैं, उन्हें अनुसूचित समुदाय के लोग तकनीकी और आर्थिक रूप से पूरा नहीं कर पा रहे हैं। इस पर मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने सदन में कहा कि वर्तमान नियमों के अनुसार, बिना ग्राम सभा की सहमति के बालू घाटों के आवंटन की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई जा रही है। जिला स्तर पर बालू घाटों की नीलामी हो रही है। अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभा की सहमति के बाद ही बालू घाटों की नीलामी की जा रही है। कैटगेरी वन और टू की नीलामी होती है। नागेंद्र महतो : सोना पहाड़ी में हो रही है अवैध वसूली
मंत्री : बंदोबस्ती के लिए दर निर्धारित की जाएगी विधायक नागेंद्र महतो ने बगोदर के सोना पहाड़ी का मामला सदन में रखा। कहा- सोना पहाड़ी में 100 साल पहले से पूजा-पाठ होते आ रहा है। लेकिन वहां खास व्यक्ति द्वारा वसूली की जा रही है। इस पर मंत्री सुदिव्य सोनू ने कहा कि अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा बंदोबस्ती के लिए दर निर्धारित कराई जाएगी। जल्द टेंडर निकाला जाएगा। वहीं, विधायक उदय शंकर सिंह ने सारठ में इंडोर स्टेडियम निर्माण की मांग की। इस पर मंत्री सुदिव्य सोनू ने कहा कि देवघर डीसी से जमीन का प्रतिवेदन उपलब्ध करा दें। सरकार यथाशीघ्र कार्रवाई करेगी।

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