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पूर्णिया विश्वविद्यालय का 9वां स्थापना दिवस समारोह छात्र नेताओं के भारी विरोध और उग्र धरना-प्रदर्शन के बीच संपन्न हो गया है। सीनेट हॉल में मंच पर एक तरफ कार्यक्रम चल रहा था, दूसरी तरह छात्र धरना और विरोध प्रदर्शन पर डटे थे। छात्र नेताओं का कहना है कि समारोह से उन्हें दूर रखा गया था, यही विरोध का कारण बना। समारोह बुधवार को विधिवत रूप से शाम 6 बजे शुरू हुआ। जो रात 9 बजे तक चला। समारोह के बीच राजद के छात्र नेता पीयूष पुजारा राजद छात्र नेताओं के साथ सीनेट हॉल में धरने पर बैठ गए। छात्र नेता पीयूष पुजारा पेट्रोल से भरा बॉटल लेकर पहुंचे थे। आयोजन का विरोध करते हुए बॉटल खोल लिया। आत्मदाह कर लेने की बात कहने लगे। इससे जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है। धरने पर बैठे छात्र नेता पियूष पुजारा यह कहते नजर आ रहे हैं कि मुझे कुछ कहेंगे तो मैं खुद को आग लगा लूंगा सर। फूट-फूटकर रोने लगे छात्र नेता हंगामे को शांत करने स्थानीय पुलिस, विश्वविद्यालय के पदाधिकारी और फिर कुलपति विवेकानंद सिंह खुद नाराज छात्रों को समझाने पहुंचे। मगर हंगामा शांत होने के बजाए और बढ़ गया। विरोध देखकर कुलपति विवेकानंद सिंह बिफर उठे। जिसके बाद पीयूष और उनके साथ मौजूद छात्र नेताओं का विरोध बढ़ गया। विश्वविद्यालय के पदाधिकारी छात्र नेताओं को समझने की कोशिश करते रहे। नाराज पीयूष विश्वविद्यालय के पदाधिकारी के पैरों पर गिर गए और फूट-फूट कर रोने लगे। छात्रों के भारी हंगामे को देखते हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने आई महिला कॉलेज की छात्रों ने प्रस्तुति देने से साफ इनकार कर दिया। जैसे-तैसे कार्यक्रम को आगे खिंचा गया। काफी कोशिशों के बाद छात्र नेताओं का विरोध शांत हुआ। नाराज छात्र कार्यक्रम के बीच से निकल गए। जिसी बाद समारोह को विधिवत तौर पर आगे बढ़ाया जा सका। कुलपति ने कहा कि यूनिवर्सिटी छात्रों का घर है मामले को लेकर कुलपति विवेकानंद सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय छात्रों का अपना घर होता है और अपनों को अपने घर में आमंत्रण नहीं दिया जाता। ये तो छात्रों का हक है कि वे हर आयोजन में सहर्ष शामिल हो। वहीं, छात्रों का कहना था कि उन्हें जान-बूझकर आयोजन से दूर रखा गया। ये रवैया वे कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे। इधर, इस खास मौके पर शिक्षाविद, प्रतिष्ठित और गणमान्य लोगों के अलावा विश्वविद्यालय के पदाधिकारी और बडू तादाद में स्टूडेंट्स मौजूद रहे। समारोह की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलित कर हुई। समाप्ति राष्ट्रगान से हुई। स्थापना दिवस समारोह दो भागों में आयोजित की गई है। समारोह को तय कार्यक्रमों के तहत दोपहर 2 बजे शुरू होना था। मगर 4 घंटे की देरी से समारोह मुख्य रूप से 6 बजे शुरू हुआ।
हंगामे के बीच पूर्णिया विश्वविद्यालय का स्थापना दिवस समारोह संपन्न:पेट्रोल लेकर पहुंचे छात्र नेता पीयूष; फूट-फूटकर रोने लगे, आत्मदाह की चेतावनी
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