Monday, March 30, 2026

Top 5 This Week

Related Posts

हरित खाद निर्माण, उपयोग को बढ़ावा देने के निर्देश:217 पंचायतों में अभी हो रहा इस्तेमाल, किसानों के बीच जागरूकता बढ़ाई जाएगी


बेगूसराय जीविका की ओर से हरित खाद निर्माण और उसके प्रभावी उपयोग को बढ़ावा देने के लिए सोमवार को समीक्षा बैठक की गई। डीएम श्रीकांत शास्त्री की अध्यक्षता में कारगिल भवन में आयोजित बैठक में हरित खाद के उत्पादन, उसके उपयोग को प्रोत्साहित करने और किसानों के बीच जागरूकता बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा की गई। मौके पर जीविका के जिला परियोजना प्रबंधक अविनाश कुमार ने हरित खाद उत्पादन, विपणन और उपयोग जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में जिले के सभी 217 पंचायतों में 2780 किसान दीदियों की ओर से हरित खाद का निर्माण, विपणन एवं उपयोग किया जा रहा है। अबतक 5253 मीट्रिक टन का उत्पादन और 5010 टन का उपयोग किया गया। हरित खाद के उपयोग से उर्वरक की कमी दूर की जा सकती डीएम ने कहा कि अभी दुनिया युद्ध के कारण संकट के दौर से गुजर रहा है। आने वाले दिनों में उर्वरक का संकट का सामना सबको करना पड़ सकता है। इस संकट से बचने के लिए हरित खाद एक बेहतर विकल्प है। उन्होंने कहा कि यह बेहतर अवसर है कि आने वाले दिनों में उर्वरक की कमी को हरित खाद के उपयोग से काफी हद तक दूर किया जा सकता है। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि जीविका दीदियों के माध्यम से गांव-गांव में हरित खाद के निर्माण और उपयोग को बढ़ावा दिया जाए। जिससे रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम हो और पर्यावरण संरक्षण को बल मिले। डीएम ने निर्देश दिया कि हरित खाद निर्माण में संलग्न जीविका दीदियों की संख्या में वृद्धि की जाए।
खाद निर्माण कार्य के लिए रॉ मैटेरियल की उपलब्धता हो खाद निर्माण कार्य के लिए आवश्यक रॉ मैटेरियल की उपलब्धता की जाए। जिससे कार्य में किसी प्रकार की बाधा नहीं आए और लक्ष्य समय पर प्राप्त किया जा सके। मनरेगा के तहत जीविका दीदियों की सक्रिय भागीदारी हो। जीविका दीदियों की ओर से योजनाओं का प्रस्ताव तैयार कराया जाए। जिसमें विशेष रूप से गाय शेड, बकरी शेड जैसी योजनाओं को प्राथमिकता दी जाए। जिससे ग्रामीण आजीविका को सुदृढ़ किया जा सके। विषय प्रवेश जीविकोपार्जन विशेषज्ञ ओम कश्यप ने किया। मौके पर जिला कृषि पदाधिकारी, सहायक निदेशक (उद्यान), सहायक निदेशक रसायन (मिट्टी जांच), सभी अनुमंडल कृषि पदाधिकारी, प्रखंड कृषि पदाधिकारी, प्रखंड परियोजना प्रबंधक और जीविका के जिलास्तरीय सभी प्रबंधक उपस्थित थे।

Spread the love

Popular Articles