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सिविल कोर्ट में अटेंडेंट (पियर्सन-जनरल व ऑर्डिनरी) पदों पर नियुक्ति के लिए रविवार को प्रारंभिक परीक्षा आयोजित की गई। जिले के 15 केंद्रों पर हुई इस परीक्षा में लगभग 6264 अभ्यर्थियों को शामिल होना था। प्रशासन ने परीक्षा को शांतिपूर्ण और कदाचारमुक्त संपन्न कराने के लिए व्यापक तैयारियां की थीं। यह परीक्षा दो पालियों में आयोजित की गई। पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2 बजे से शाम 4 बजे तक चली। परीक्षा केंद्रों के अंदर अभ्यर्थियों को बैग, मोबाइल फोन, पर्स, घड़ी, स्मार्ट वॉच, कैलकुलेटर, पेजर या अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स ले जाने की अनुमति नहीं थी। दूसरी पाली की परीक्षा के दौरान एक अभ्यर्थी को मात्र एक मिनट की देरी के कारण प्रवेश नहीं मिल सका। उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से आए पंकज कुमार यादव शहर के स्वामी विवेकानंद सेकेंडरी स्कूल परीक्षा केंद्र पर देर से पहुंचे थे। उन्हें केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई। पंकज कुमार यादव ने बताया कि ट्रैफिक जाम और परीक्षा केंद्र कोड (बीएमपी के बजाय बीएचपी अंकित) ढूंढने में हुई परेशानी के कारण उन्हें विलंब हुआ। उन्होंने यह भी बताया कि इस भर्ती के लिए आवेदन वर्ष 2022 में किया गया था, और परीक्षा काफी देरी से आयोजित की जा रही है। इसी बीच, पटना से आई एक महिला अभ्यर्थी को परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले मेटल डिटेक्टर से गुजरना पड़ा। जांच के दौरान महिला पुलिसकर्मी ने उनके गले में पहना मंगलसूत्र खुलवा दिया, जिस पर अभ्यर्थी ने नाराजगी व्यक्त की। समाचार लिखे जाने तक प्रशासन की ओर से यह आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई थी कि कुल कितने परीक्षार्थियों ने परीक्षा में भाग लिया और कितने अनुपस्थित रहे।
1 मिनट की देरी से नही मिली एंट्री:सिविल कोर्ट परीक्षा में यूपी के अभ्यर्थी को, महिला परीक्षार्थी का मंगलसूत्र भी निकलवाया
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