पटना32 मिनट पहले
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नीट यूजी 2026 की रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया बुधवार को समाप्त हो गई। देशभर में लगभग 22 लाख 60 हजार से अधिक छात्रों ने आवेदन किया है। देश के 824 मेडिकल कॉलेजों में 1 लाख 29 हजार 603 गवर्नमेंट और प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस सीटों के लिए यह परीक्षा होगी। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया के बाद एनटीए ने करेक्शन की प्रक्रिया का नोटिस भी जारी कर दिया।
एजुकेशन एक्सपर्ट पारिजात मिश्रा ने बताया कि आवेदन की ऑनलाइन करेक्शन प्रक्रिया 12 से 14 मार्च को रात 11:50 बजे तक चलेगी। इसके बाद किसी भी प्रकार का करेक्शन करना संभव नहीं होगा। स्टूडेंट्स नीट यूजी की वेबसाइट पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन नंबर और पासवर्ड डालकर कम्पलीट सबमिटेड एप्लीकेशन फॉर्म देख सकते हैं। इसमें रजिस्टर्ड ई-मेल, मोबाइल नंबर, कैंडिडेट का नाम, फोटो, फिंगर प्रिंट्स, स्थानीय व स्थाई पता के साथ सभी आपूर्तियों में बदलाव कर सकते हैं। आपूर्तियों में जोड़ने, हटाने और संशोधन का विकल्प है।
आवेदन शुरू, 28 अप्रैल को परीक्षा
एनटीए ने नेशनल टीचर्स एलिजिबिलिटी टेस्ट (एनटीईटी) 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू की है। यह परीक्षा आयुर्वेद, सिद्ध, यूनानी और होम्योपैथी में पोस्ट ग्रेजुएट छात्रों के लिए है, जो शिक्षण क्षेत्र में कॅरियर बनाना चाहते हैं। नोटिस के अनुसार, ऑनलाइन आवेदन 11 मार्च से 2 अप्रैल को रात 11:50 बजे तक किया जा सकेगा। शुल्क का भुगतान 3 अप्रैल तक होगा। परीक्षा 28 अप्रैल को सीबीटी मोड में होगी। परीक्षा 2 घंटे होगी। प्रश्नपत्र हिंदी व अंग्रेजी में होगा। अभ्यर्थी आवेदन फॉर्म में 4 से 6 अप्रैल को रात 11:50 बजे तक ऑनलाइन सुधार कर सकेंगे। इसके बाद करेक्शन का कोई मौका नहीं मिलेगा।
ध्यान से पढ़ें…एक बार ही सुधार का मौका
अभ्यर्थी के पिता का नाम और उनकी योग्यता/व्यवसाय, माता का नाम और उनकी योग्यता/व्यवसाय, शैक्षणिक योग्यता का विवरण (10वीं और 12वीं), पात्रता का राज्य तथा श्रेणी, श्रेणी/दिव्यांग, हस्ताक्षर, नीट यूजी में प्रयासों की संख्या, परीक्षा शहर का चयन एवं परीक्षा का माध्यम में करेक्शन होगा। ये सुधार अतिरिक्त शुल्क के भुगतान के बाद ही लागू होंगे। कैंडिडेट्स को केवल एक बार सुधार की अनुमति दी जाएगी। इसलिए विद्यार्थी पूरे फार्म को ध्यानपूर्वक अवलोकन कर लें, उसके बाद ही इसे सबमिट करें।
श्रेणी में बदलाव करने पर लगेंगे पैसे
एजुकेशन एक्सपर्ट मिश्रा ने बताया कि यदि कोई विद्यार्थी आरक्षित से अनारक्षित श्रेणी में बदलाव करना चाहता है तो उसे डिफरेंस का भुगतान करना होगा। लेकिन, अनारक्षित से आरक्षित श्रेणी में बदलाव करता है तो उसे कोई भुगतान नहीं करना होगा, जैसे कि ओबीसी या ईडब्ल्यूएस श्रेणी से अनारक्षित श्रेणी में परिवर्तन है तो उसे 100 रुपए का अतिरिक्त शुल्क अदा करना होगा। इसी प्रकार एसटी-एससी से अनारक्षित श्रेणी में परिवर्तन है तो उसे 700 रुपए का अतिरिक्त शुल्क देना होगा। स्टूडेंट्स अपने व्यक्तिगत विवरण, शैक्षणिक योग्यता, राज्य की पात्रता, कैटेगरी में बदलाव कर सकते हैं।





