2500 सुझावों से गढ़ा गया ‘अबुआ दिशोम’ बजट:14-16 घंटे तक जुटे रहे अधिकारी-कर्मचारी, 6 माह की मशक्कत के बाद समय पर तैयार हुआ बजट

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वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने मंगलवार को विधानसभा में 2026-27 का ‘अबुआ दिशोम’ बजट पेश किया। छह महीने की तैयारी, विभागीय मंथन और आमजनों से मिले सुझावों के बाद बजट आकार ले सका। सितंबर से ही बजट प्रक्रिया की शुरुआत हो गई थी। सबसे पहले सभी विभागों से पत्राचार कर प्रस्ताव मांगे गए। प्री-बजट कंसल्टेशन के जरिए विशेषज्ञों व आम लोगों की राय शामिल की गई। ऑनलाइन पोर्टल पर लगभग 2500 सुझाव मिले, जिन्हें संबंधित विभागों को भेजर व्यवहारिक प्रस्तावों में तब्दील किया गया। बजट निर्माण के गोपनीय चरण में वित्त और योजना विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों ने इस माह लगातार 14-16 घंटे तक काम किया। लगभग सभी विभागों के बजट अधिकारी इस प्रक्रिया में शामिल रहे। नीचे से ऊपर तक समन्वित प्रयास के बाद तय समय पर बजट तैयार हो सका। तकनीकी टीम की भी बजट बनाने में भूमिका वित्त विभाग में ओएसडी प्रतीक मित्तल और डीके सिंह के साथ कंप्यूटर ऑपरेटर अविनाश केसरी, गौरव विश्वकर्मा और अनिल कुमार ने डाटा प्रबंधन और दस्तावेजीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। योजना विभाग में यूनिसेफ के परामर्शी समीर और ओंकार नाथ त्रिपाठी ने ‘बाल बजट’ के मसौदे को आकार देने में सहयोग किया। प्रशाखा पदाधिकारी सुबोध कुमार, रोहित कुमार और कंप्यूटर ऑपरेटर अजीत वर्णवाल भी दिन-रात इस प्रक्रिया में जुटे रहे। सुझाव, समर्पण और समन्वय से साकार हुआ बजट: सरकार का दावा है कि यह बजट व्यापक सहभागिता, संतुलित वित्तीय प्रबंधन और योजनाबद्ध विकास की सोच का परिणाम है।

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