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ट्रेजरी घोटाले में एक नया खुलासा हुआ है। जांच के लिए बिहार के गयाजी गई एसटीएफ को हजारीबाग में 28 करोड़ के फर्जीवाड़े के मास्टरमाइंड शंभु कुमार और उसके सहयोगी पंकज की बिहार में नौ बड़ी संपत्ति के कागजात मिले हैं। इनमें शंभु का एपी रोड पर चार मंजिला मकान, बोधगया में निर्माणाधीन अपार्टमेंट और जमीन के कागजात शामिल हैं। सोमवार को इन कागजातों को कोर्ट में पेश किया जाएगा। उधर, शंभु ने जिस महिला के खाते में चेक से 80 लाख रुपए ट्रांसफर किया था, पुलिस उस महिला तक भी पहुंच गई है। चतरा निवासी वह महिला पंकज की रिश्तेदार है। शंभु के बारे में कई और खुलासे हुए हैं। पता चला है कि हजारीबाग के भवानी कॉलोनी में जिस जमीन पर 8 करोड़ रु. से आलीशान बिल्डिंग तैयार किया गया है, वह जमीन खास महाल की है। वहीं उसने अपनी साली की शादी 2012 बैच के दारोगा से हजारीबाग के सबसे बड़े होटल में कराई थी। वह दारोगा जमशेदपुर में पोस्टेड है। अब उसकी संपत्ति भी अटैच होगी। रांची में बिल पास करने की प्रक्रिया बदली रांची में ट्रेजरी से बिल पास करने की प्रक्रिया बदल दी गई है। डीसी मंजूनाथ भजंत्री ने वेतन से जुड़े बिल पर निकासी व व्ययन पदाधिकारी (डीडीओ), बिलिंग और मैसेंजर इंचार्ज का हस्ताक्षर होने के बाद ही पास करने का निर्देश दिया है। डीडीओ को बिल भेजने के साथ बताना होगा कि कार्यालय में कितने पद स्वीकृत हैं और कितने कार्यरत हैं। जानिए…किस जिले में जांच की क्या स्थिति रांची: इंटरनल जांच कराई गई है। जितने भी बिल पिछले कुछ वर्षों में स्वीकृत हुए हैं, उनकी रैंडम जांच की गई है। इसमें गड़बड़ी सामने नहीं आई है। पेयजल स्वच्छता स्वर्णरेखा प्रमंडल के क्लर्क द्वारा 23 करोड़ की अवैध निकासी के बाद से जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है। पलामू: ट्रेजरी ऑफिस की जांच की गई है। कोई गड़बड़ी नहीं मिली है। वित्त विभाग ने उग्रवादी हिंसा के शहीदों के भुगतान और एरियर पेमेंट के सात बिल पर शंका जताई थी। पर जांच में कोई गड़बड़ी नहीं मिली। कोडरमा : ट्रेजरी ऑफिस में कोषागार पदाधिकारी के अलावा डीएसपी द्वारा जांच की गई है। किसी तरह की वित्तीय अनियमितता नहीं मिली है। डीसी ने सभी विभागों के डीडीओ को वेतन बिल भेजने वाले कर्मचारी का नाम, पदनाम, खाता संख्या का सत्यापन उनके सर्विस बुक से करने का निर्देश दिया है। संपत्तियों के कागजात कल कोर्ट में पेश किए जाएंगे पंकज की महिला रिश्तेदार को शंभु ने 80 लाख गिफ्ट दिया शंभु सिपाही था, लेकिन आलीशान जिंदगी जीता था। हर 15 दिन में शनिवार को वह विमान से मुंबई, दिल्ली और बेंगलुरू जैसे शहरों में जाता था। रविवार को मार्केटिंग करता था और सोमवार को ऑफिस पहुंच जाता था। वह ब्रांडेड और महंगे कपड़े व जूते का शौकीन था। विदेश यात्रा भी की थी। हजारीबाग में कई ब्रांडेड शोरूम संचालक भी इसके संपर्क में था। जब भी उनके शोरूम में कोई नया सामान आता था, वे शंभु से संपर्क करते थे।


