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जिले के सरकारी विद्यालयों में कंपोजिट ग्रांट की राशि अब तक जारी नहीं होने से शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के समाप्त होने में मात्र 13 दिन शेष हैं, लेकिन जिले के 3147 स्कूलों में से 2967 विद्यालयों को अब तक यह राशि नहीं मिल सकी है। केवल 180 हाई स्कूल और प्लस टू विद्यालयों को ही ग्रांट राशि प्राप्त हुई है। ऐसे में अधिकांश स्कूलों के प्रधानाध्यापक परेशान हैं और अप्रैल महीने से ही अपने स्तर पर खर्च वहन कर विद्यालय संचालन कर रहे हैं। शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए जिले में कुल 3147 विद्यालयों के लिए लगभग 12 करोड़ रुपए से अधिक का बजट प्रस्तावित किया गया था। यह राशि छात्र संख्या के आधार पर विद्यालयों को दी जाती है, जिसका उपयोग बिजली-पानी के बिल, फर्नीचर, साफ-सफाई, स्टेशनरी और अन्य आवश्यक कार्यों में किया जाता है, लेकिन इस बार राशि जारी नहीं होने से इन कार्यों में बाधा उत्पन्न हो रही है।
छात्र संख्या के आधार पर मिलती है ग्रांट राशि कंपोजिट ग्रांट के तहत 100 से कम छात्रों वाले विद्यालयों को 25 हजार रुपए, 100 से 300 छात्रों वाले विद्यालयों को 50 हजार रुपए, 300 से अधिक छात्रों वाले विद्यालयों को 75 हजार रुपए तथा 1000 से अधिक छात्रों वाले विद्यालयों को एक लाख रुपए तक की सहायता राशि दी जाती है।
राशि िमलते ही कर दी जाएगी िवतरित : डीएसई जिला शिक्षा पदाधिकारी मो. वसीम अहमद ने बताया कि जैसे ही राज्य स्तर से राशि प्राप्त होगी, उसे सभी विद्यालयों में वितरित कर दिया जाएगा। राज्य शिक्षा परियोजना से अब तक राशि का आवंटन नहीं मिला है, जिसके कारण भुगतान लंबित है।
स्कूल के कार्य हो रहे प्रभावित प्राथमिक और मध्य विद्यालय अब तक इस सुविधा से वंचित हैं, जबकि नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत 1 अप्रैल से होने जा रही है। विद्यालयों में इस राशि से रंग-रोगन, साफ-सफाई, शौचालय रखरखाव और अन्य जरूरी कार्य किए जाते हैं। राशि नहीं मिलने से ये सभी कार्य प्रभावित हो रहे हैं, जिससे विद्यालयों की स्थिति खराब हो रही है।




