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रामगढ़ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कुख्यात राहुल दुबे गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इन अपराधियों पर MGCPL कंपनी के कैंप में फायरिंग करने और लेवी (रंगदारी) मांगने का आरोप है।
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पुलिस के अनुसार, 29 मार्च 2026 को कंपनी के कैंप गेट पर फायरिंग की घटना को अंजाम देने के बाद भी जब कंपनी ने बिना लेवी दिए ओवरब्रिज का काम दोबारा शुरू किया, तो गिरोह के सदस्य फिर से वारदात की योजना बना रहे थे।
गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस को पता चला कि गिरोह के सदस्य पतरातू अनुमंडल क्षेत्र में मोटरसाइकिल और कार से रेकी कर रहे थे, ताकि दोबारा फायरिंग की जा सके।
एंटी-क्राइम अभियान में तीन आरोपी दबोचे गए
रामगढ़ के पुलिस अधीक्षक अजय कुमार के निर्देश पर एंटी-क्राइम चेकिंग अभियान चलाया गया। इसी दौरान पुलिस को देखकर तीन संदिग्ध भागने लगे, जिन्हें खदेड़कर पकड़ लिया गया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान तुषार सिंह (20 वर्ष), मिथुन कुमार (28 वर्ष) और अमन अंसारी (18 वर्ष) के रूप में हुई है। तलाशी और पूछताछ के दौरान इनके पास से संदिग्ध गतिविधियों के सुराग मिले, जिसके बाद पुलिस ने इनसे सख्ती से पूछताछ की।
फायरिंग की घटना का खुलासा, हथियार बरामद
गहन पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि 29 मार्च को राहुल दुबे के कहने पर तुषार सिंह और मिथुन कुमार ने ओवरब्रिज पर फायरिंग की थी। पूछताछ के दौरान यह भी सामने आया कि गिरोह के एक सदस्य के पास पिस्टल है, जिसका इस्तेमाल अन्य घटनाओं में किया जा सकता है। अमन अंसारी की निशानदेही पर पुलिस ने एक देशी पिस्टल और दो जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। इससे यह स्पष्ट हो गया कि गिरोह आगे भी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में था।
चार और आरोपी गिरफ्तार, कई कांडों का खुलासा
पकड़े गए आरोपियों के बयान के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई तेज करते हुए कुणाल सिंह उर्फ शिवम सिंह (29 वर्ष), बादल सिंह उर्फ कुणाल कुमार (25 वर्ष), सुमित पांडेय और सन्नी बेदिया को भी गिरफ्तार कर लिया। इस तरह कुल सात अपराधियों को दबोच लिया गया है।
गिरफ्तार आरोपी मिथुन कुमार ने यह भी कबूल किया कि होली से एक दिन पहले 3 मार्च 2026 को कुज्जु क्षेत्र के सांडी निवासी रवि शर्मा के घर पर लेवी को लेकर फायरिंग की घटना को अंजाम दिया गया था। पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।


