Dwijapriya Sankashti Chaturthi 2026: 5 या 6 कब है, द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी? इस दिन जरूर करें धन प्राप्ति के ये उपाय – Dwijapriya Sankashti Chaturthi 2026 date 5 or 6 february shubh muhurt puja vidhi upay tvisu

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हर साल कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी का त्योहार मनाया जाता है. इस दिन भगवान गणेश और चंद्र देव की विधिवत पूजा-अर्चना होती है. मान्यता है कि इस दिन गणपति की आराधना से जीवन के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं. संतान सुख की प्राप्ति होती है और संतान से जुड़ी परेशानियों में भी राहत मिलती है.

हिंदू पंचांग के अनुसार, फाल्गुन कृष्ण चतुर्थी तिथि 5 फरवरी को  रात 12 बजकर 09 बजे शुरू होगी. इस तिथि का अंत 6 फरवरी को रात 12 बजकर 22 बजे पर होगा. उदया तिथि के आधार पर द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी का व्रत 5 फरवरी दिन गुरुवार को रखा जाएगा.

द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी के लाभ
इस शुभ तिथि पर भगवान गणेश की उपासना करने से हर प्रकार की बाधाएं समाप्त होती हैं. संतान प्राप्ति के योग बनते हैं. संतान संबंधी समस्याओं से मुक्ति मिल जाती है. अपयश और बदनामी के दोष कम होते हैं. रुके हुए कार्यों में गति आती है और धन व कर्ज से जुड़ी परेशानियों में भी सुधार आने लगता है.

द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी व्रत और पूजा विधि
इस दिन सवेरे स्नान कर गणपति का स्मरण करते हुए व्रत का संकल्प लें.  दिनभर मौन रहने का प्रयास करें. फिर शाम के समय स्नान कर लाल वस्त्र धारण करें. पूजन स्थल पर एक चौकी रखें और उस पर लाल कपड़ा बिछाएं.  इस पर गणेश जी की मूर्ति या चित्र स्थापित करें. विधिवत पूजा करते हुए भगवान को धूप, दीप, फल, पुष्प और सुगंध अर्पित करें. गणेश जी को दूर्वा, पान, पीले गेंदे के फूल और मोदक का भोग जरूर लगाएं. मंत्र जाप कर मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना करें. इसके बाद चंद्रोदय के समय चंद्र देव को भी अर्घ्य दें और नैवेद्य अर्पित कर पूजा संपन्न करें. इसके बाद ही व्रत खोलें.

1. संतान संबंधी समस्याओं से मुक्ति
द्विजप्रिय संकष्टी की रात में चंद्रमा को अर्घ्य दें और गणेश जी के समक्ष घी का दीपक जलाएं. अपनी आयु के बराबर तिल के लड्डू भगवान गणेश को अर्पित करें. गजानन के सामने बैठकर “ॐ नमो भगवते गजाननाय” मंत्र का जाप करें.

2. धन लाभ
इस दिन पीले रंग के गणेश स्वरूप की पूजा करें. उन्हें दूर्वा की माला अर्पित करें. इसके बाद लड्डू का भोग लगाकर “वक्रतुण्डाय हुं” मंत्र का जाप करें. धन वृद्धि की कामना करें और दूर्वा की माला को संभालकर अपने पास रख लें. ऐसा करने से आर्थिक लाभ के योग बनते हैं.

3. शीघ्र विवाह
भगवान गणेश की पीले रंग या हल्दी से बनी मूर्ति लाकर घर के मंदिर या पूजा स्थल में स्थापित करें. प्रतिदिन सुबह दूर्वा अर्पित कर शीघ्र विवाह की प्रार्थना करें. मान्यता है कि गजानन की कृपा से विवाह में आ रही रुकावटें दूर होती हैं और मनचाहा जीवनसाथी मिलने के योग बनते हैं.

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