चतरा जिले के टंडवा-सिमरिया मेन रोड पर गुरुवार देर रात एक दर्दनाक हादसे में 75 वर्षीय बुजुर्ग माधो साव की जान चली गई। धनगड़ा गांव में अपने घर के सामने खड़े बुजुर्ग को तेज रफ्तार कोयला लदे वाहन ने कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद चालक वाहन समेत फरार हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने तुरंत प्रशासन को सूचना दी, लेकिन घटना के बाद से क्षेत्र में भारी तनाव बना हुआ है। बढ़ती दुर्घटनाओं पर फूटा गुस्सा घटना के विरोध में आक्रोशित ग्रामीण सड़कों पर उतर आए। स्थानीय लोगों का कहना है कि टंडवा क्षेत्र में कोयला वाहनों के कारण इस तरह की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। उनका आरोप है कि यह केवल सड़क दुर्घटनाएं नहीं, बल्कि बेलगाम वाहनों और प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा है। ग्रामीणों ने जिला परिवहन पदाधिकारी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। कहा कि बार-बार शिकायतों के बावजूद भारी वाहनों की गति और अनियंत्रित परिचालन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने बंद कमरों में होने वाली बैठकों को दिखावा करार देते हुए कहा कि इसका जमीनी स्तर पर कोई असर नहीं दिख रहा। हत्या का मामला दर्ज करने की मांग ग्रामीणों ने इस घटना को महज हादसा नहीं, बल्कि आपराधिक कृत्य बताते हुए संबंधित अधिकारियों और ट्रांसपोर्टरों पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। उनका कहना है कि सड़क सुरक्षा के नाम पर लगातार बैठकें होती हैं, लेकिन परिणाम शून्य रहता है। आक्रोशित लोगों ने स्थानीय विधायक और सांसद से भी जवाब मांगा है। कहा है कि उन्हें एसी कमरों से बाहर निकलकर जनता के बीच आना चाहिए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जब तक कोयला वाहनों के आतंक पर रोक लगाने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
चतरा में कोयला लदे वाहन ने बुजुर्ग को कुचला:मौत के बाद टंडवा में उबाल; सड़क पर उतरे ग्रामीण, चालक वाहन लेकर फरार
चतरा जिले के टंडवा-सिमरिया मेन रोड पर गुरुवार देर रात एक दर्दनाक हादसे में 75 वर्षीय बुजुर्ग माधो साव की जान चली गई। धनगड़ा गांव में अपने घर के सामने खड़े बुजुर्ग को तेज रफ्तार कोयला लदे वाहन ने कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद चालक वाहन समेत फरार हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने तुरंत प्रशासन को सूचना दी, लेकिन घटना के बाद से क्षेत्र में भारी तनाव बना हुआ है। बढ़ती दुर्घटनाओं पर फूटा गुस्सा घटना के विरोध में आक्रोशित ग्रामीण सड़कों पर उतर आए। स्थानीय लोगों का कहना है कि टंडवा क्षेत्र में कोयला वाहनों के कारण इस तरह की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। उनका आरोप है कि यह केवल सड़क दुर्घटनाएं नहीं, बल्कि बेलगाम वाहनों और प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा है। ग्रामीणों ने जिला परिवहन पदाधिकारी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। कहा कि बार-बार शिकायतों के बावजूद भारी वाहनों की गति और अनियंत्रित परिचालन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने बंद कमरों में होने वाली बैठकों को दिखावा करार देते हुए कहा कि इसका जमीनी स्तर पर कोई असर नहीं दिख रहा। हत्या का मामला दर्ज करने की मांग ग्रामीणों ने इस घटना को महज हादसा नहीं, बल्कि आपराधिक कृत्य बताते हुए संबंधित अधिकारियों और ट्रांसपोर्टरों पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। उनका कहना है कि सड़क सुरक्षा के नाम पर लगातार बैठकें होती हैं, लेकिन परिणाम शून्य रहता है। आक्रोशित लोगों ने स्थानीय विधायक और सांसद से भी जवाब मांगा है। कहा है कि उन्हें एसी कमरों से बाहर निकलकर जनता के बीच आना चाहिए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जब तक कोयला वाहनों के आतंक पर रोक लगाने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।


