रामगढ़ जिले में एक बार फिर जंगली हाथियों की दस्तक से ग्रामीण दहशत में हैं। जिले के गोला और चितरपुर प्रखंडों में कुल 22 हाथियों के दो अलग-अलग झुंडों ने डेरा डाल रखा है, जिससे लोगों की नींद उड़ गई है। इन हाथियों की लगातार मौजूदगी से आसपास के गांवों में भय का माहौल है। ग्रामीण रातभर जागकर अपने घरों और परिवार की सुरक्षा करने को मजबूर हैं। जानकारी के अनुसार, गोला प्रखंड के खोखा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में 14 जंगली हाथियों का एक बड़ा झुंड विचरण कर रहा है। शाम होते ही हाथियों की गतिविधियां हो रही तेज
वहीं, चितरपुर प्रखंड के हाथुदाग इलाके में 8 हाथियों का दूसरा झुंड लगातार देखा जा रहा है। हाथियों के गांवों और खेतों के करीब पहुंचने से लोगों में डर बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि शाम होते ही हाथियों की गतिविधियां तेज हो जाती हैं, जिसके कारण उन्हें पूरी रात जागकर निगरानी करनी पड़ती है। बीते महीनों में रामगढ़ जिले में जंगली हाथियों के हमले में करीब आधा दर्जन लोगों की मौत हो चुकी है, जिससे हाथियों की वापसी ने ग्रामीणों की चिंता और बढ़ा दी है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग की टीम लगातार हाथियों की गतिविधियों पर नजर रख रही है। क्विक रिस्पॉन्स टीम को सक्रिय किया गया
हाथियों को आबादी वाले क्षेत्रों से दूर घने जंगलों की ओर खदेड़ने के लिए क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) को सक्रिय किया गया है। रामगढ़ के डीएफओ नीतीश कुमार ने प्रभावित क्षेत्रों में हाई अलर्ट जारी करते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने ग्रामीणों को हाथियों के नजदीक न जाने, जंगलों की ओर अकेले न जाने और रात के समय बेवजह घरों से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल वन विभाग या स्थानीय प्रशासन को सूचना देने को कहा गया है। वन विभाग की निगरानी और ग्रामीणों की सतर्कता के बीच फिलहाल सभी की नजर हाथियों की गतिविधियों पर टिकी हुई है। प्रशासन को उम्मीद है कि जल्द ही हाथियों के झुंड को सुरक्षित रूप से जंगल की ओर वापस भेज दिया जाएगा।

