एजुकेशन रिपोर्टर| रांची रांची विश्वविद्यालय में सिर्फ पाठ्यक्रम नहीं बदलने वाले, बल्कि पूरे अकादमिक ढांचे की सर्जरी की तैयारी है। वीसी प्रो. सरोज शर्मा की अध्यक्षता में 17 जून को होने वाली एकेडमिक काउंसिल की बैठक में 27 बड़े प्रस्तावों पर चर्चा के बाद स्वीकृति मिलने वाली है। इनमें विभागों की पहचान बदलने से लेकर डेटा साइंस जैसे रोजगारोन्मुख पाठ्यक्रम शुरू करने, करियर काउंसिलिंग सेंटर खोलने, मल्टीपल एंट्री-एग्जिट सिस्टम लागू करने और गुमला के कार्तिक उरांव कॉलेज को नए संसाधनों से लैस करने तक के प्रस्ताव शामिल हैं। एनईपी के मानक के अनुसार अंकपत्र, सर्टिफिकेट समेत अन्य प्रमाण पत्र के ब्लू प्रिंट को स्वीकृति के लिए रखा जाएगा। रिनपास और केंद्रीय मनश्चिकित्सा संस्थान (सीआईपी) में संचालित पाठ्यक्रमों में भी बदलाव की तैयारी है। यूजीसी और राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग की नई गाइडलाइन के अनुरूप पुराने एमफिल आधारित पाठ्यक्रमों की जगह नए स्वरूप के कोर्स लागू किए जाएंगे। विश्वविद्यालय में दो नए विशेष केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव भी एजेंडे में शामिल हैं। वीसी प्रो. सरोज के योगदान के बाद एकेडमिक काउंसिल की पहली बैठक है। स्कूल मॉडल से विभागों की बदलेगी पहचान विश्वविद्यालय के प्रोफेशनल और वोकेशनल विभागों को नई पहचान देने का प्रस्ताव रखा जाएगा। इसके तहत इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (आईएमएस) का नाम बदलकर यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज किया जाएगा। वहीं एमसीए और एमएससी आईटी को एकीकृत कर यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ कंप्यूटर साइंस एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी बनाया जाएगा। मास कम्युनिकेशन विभाग को यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन और लीगल स्टडीज को यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ लॉ एंड गवर्नेंस के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव है। आरयू में पहली बार डेटा साइंस की होगी पढ़ाई एमएससी डेटा साइंस और एमए/एमएससी स्टैटिस्टिक्स के नए सिलेबस को मंजूरी देना है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और डेटा एनालिटिक्स के बढ़ते बाजार को देखते हुए विश्वविद्यालय इन कोर्सों को शुरू करने जा रहा है।
आरयू: चार प्रोफेशनल विभाग स्कूल मॉडल में तब्दील होंगे, डेटा साइंस की होगी पढ़ाई
एजुकेशन रिपोर्टर| रांची रांची विश्वविद्यालय में सिर्फ पाठ्यक्रम नहीं बदलने वाले, बल्कि पूरे अकादमिक ढांचे की सर्जरी की तैयारी है। वीसी प्रो. सरोज शर्मा की अध्यक्षता में 17 जून को होने वाली एकेडमिक काउंसिल की बैठक में 27 बड़े प्रस्तावों पर चर्चा के बाद स्वीकृति मिलने वाली है। इनमें विभागों की पहचान बदलने से लेकर डेटा साइंस जैसे रोजगारोन्मुख पाठ्यक्रम शुरू करने, करियर काउंसिलिंग सेंटर खोलने, मल्टीपल एंट्री-एग्जिट सिस्टम लागू करने और गुमला के कार्तिक उरांव कॉलेज को नए संसाधनों से लैस करने तक के प्रस्ताव शामिल हैं। एनईपी के मानक के अनुसार अंकपत्र, सर्टिफिकेट समेत अन्य प्रमाण पत्र के ब्लू प्रिंट को स्वीकृति के लिए रखा जाएगा। रिनपास और केंद्रीय मनश्चिकित्सा संस्थान (सीआईपी) में संचालित पाठ्यक्रमों में भी बदलाव की तैयारी है। यूजीसी और राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग की नई गाइडलाइन के अनुरूप पुराने एमफिल आधारित पाठ्यक्रमों की जगह नए स्वरूप के कोर्स लागू किए जाएंगे। विश्वविद्यालय में दो नए विशेष केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव भी एजेंडे में शामिल हैं। वीसी प्रो. सरोज के योगदान के बाद एकेडमिक काउंसिल की पहली बैठक है। स्कूल मॉडल से विभागों की बदलेगी पहचान विश्वविद्यालय के प्रोफेशनल और वोकेशनल विभागों को नई पहचान देने का प्रस्ताव रखा जाएगा। इसके तहत इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (आईएमएस) का नाम बदलकर यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज किया जाएगा। वहीं एमसीए और एमएससी आईटी को एकीकृत कर यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ कंप्यूटर साइंस एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी बनाया जाएगा। मास कम्युनिकेशन विभाग को यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन और लीगल स्टडीज को यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ लॉ एंड गवर्नेंस के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव है। आरयू में पहली बार डेटा साइंस की होगी पढ़ाई एमएससी डेटा साइंस और एमए/एमएससी स्टैटिस्टिक्स के नए सिलेबस को मंजूरी देना है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और डेटा एनालिटिक्स के बढ़ते बाजार को देखते हुए विश्वविद्यालय इन कोर्सों को शुरू करने जा रहा है।


