झारखंड विधानसभा का बजट सत्र… पहले दिन संसदीय कार्यमंत्री राधाकृष्ण किशोर ने सदन में पेश की एक्शन टेकेन रिपोर्ट

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रांची झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन बुधवार को संसदीय कार्यमंत्री राधाकृष्ण किशोर ने सदन में एक्शन टेकन रिर्पोट (एटीआर) पेश की। इसमें शीतकालीन सत्र (5 दिसंबर 2025 से 11 दिसंबर 2025) में सरकार द्वारा दिए गए आश्वासनों के अनुपालन से संबंधित सम

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शीतकालीन सत्र के कुल 28 आश्वासनों की सूची विधान सभा सचिवालय द्वारा मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग (संसदीय कार्य) को उपलब्ध कराई गई। एटीआर की रिर्पोट में कहा गया है कि राज्य में कटेगरी-2 के लगभग 444 बालू घाट चिह्नित हैं, जिसमें से द झारखंड सैंड माइनिंग रूल 2025 के तहत 298 बालू घाट की ई-ऑक्सन की प्रक्रिया संबंधित जिलों में पूरी कर ली गई है। जबकि, शेष 146 बालू घाटों का ई-ऑक्शन प्रक्रियाधीन है।

पलामू के 73 बालू घाटों में 100 रुपए सीएफटी बालू पलामू जिला के अनुमोदित डीएसआर के अनुसार, जिले में कैटेगरी-1 के कुल 73 बालू घाट चिह्नित हैं, जिनसे 100 रुपए प्रति घनफीट की दर से बालू गांवों में उपलब्ध कराई गई है। वर्तमान में कैटेगरी-1 एवं 2 के बालू घाटों का संचालन शीघ्र कराने को लेकर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

यह मामला विधायक कुशवाहा शशि भूषण मेहता ने अल्पसूचित प्रश्न के माध्यम से सदन मंें उठाया था। जिसका जवाब एक्शन टेकेन रिपोर्ट में दिया गया है। खरसावां गोली कांड में शहीद हुए व्यक्तियों की पहचान के लिए न्यायिक आयोग के गठन की कार्रवाई प्रक्रियाधीन होने की जानकारी दी गई है। विधायक दशरथ गागराई ने सदन में इसकी मांग की थी, जिसके जवाब में प्रभारी मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने आश्वासन दिया था कि इसके लिए कमेटी गठित की जाएगी।

महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा के तहत 52 बाल विकास परियोजनाओं में संविदा के आधार पर पूर्व से सृजित महिला पर्यवेक्षिका के 286 पद, सांख्यिकी सहायक के 52 पद, लिपिक सह टंकक के 52 पद एवं आदेशपाल के 52 पद अर्थात कुल 442 पदों का सरेंडर किया गया है। इसकी जगह महिला पर्यवेक्षिका के 286, सांख्यिकी सहायक व लिपिक सह टंकक (अराजपत्रित) के 52-52 और आदेशपाल (बाह्य स्रोत से ) के 52 पदों के सृजन की अनुशंसा की गई है।

यह मामला विधायक राज सिन्हा ने अल्पसूचित प्रश्न के माध्यम से सदन में उठाया था। वित्त रहित शिक्षण संस्थानों को दी जानेवाली अनुदान की राशि बढ़ेगी स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने राज्य अंतर्गत संचालित वित्त रहित शिक्षण संस्थानों को दी जाने वाली अनुदान की राशि में वृद्धि के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभाग ने झारखंड अधिविद्य परिषद्, रांची और सभी जिला शिक्षा पदाधिकारी से इन संस्थानों का भौतिक निरीक्षण कर विस्तृत प्रतिवेदन मांगा है। प्राप्त प्रतिवेदनों की समीक्षा के बाद शैक्षणिक गुणवत्ता और अन्य बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए अनुदान राशि वृद्धि के संबंध में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। यह मामला विधायक देवेंद्र कुंवर ने अल्पसूचित प्रश्न के माध्यम से विधानसभा में उठाया था।

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