झारखंड के महाधिवक्ता (एजी) राजीव रंजन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपने इस्तीफे में निजी और स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया है। राजीव रंजन फरवरी 2020 में महाधिवक्ता नियुक्त हुए थे और तब से लगातार इस पद पर बने हुए थे। देर शाम राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया। उनकी जगह झारखंड हाईकोर्ट के एडवोकेट रोहितश्य रॉय को राज्य का नया महाधिवक्ता नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही, अपर महाधिवक्ता अचुत्य केशव को प्रमोट करते हुए वरीय अपर महाधिवक्ता के पद पर नियुक्त किया गया है। इस्तीफे को लेकर राजनीतिक गलियारों में अटकलें तेज महाधिवक्ता राजीव रंजन के अचानक इस्तीफे को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। कांग्रेस से नजदीकी की चर्चा: राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि कांग्रेस से नजदीकी और राहुल गांधी की पहल पर ही उन्हें महाधिवक्ता बनाया गया था। उन्होंने राहुल गांधी के एक मामले में पैरवी कर उन्हें कोर्ट के चक्कर लगाने से राहत दिलाई थी, जिसके बाद उन्हें यह जिम्मेदारी मिली थी। गठबंधन और राज्यसभा चुनाव: कुछ लोग इस इस्तीफे को आगामी राज्यसभा चुनाव और महागठबंधन के भीतर चल रहे कथित अंतर्विरोध (खटराग) से भी जोड़कर देख रहे हैं। चर्चा है कि इसी खींचतान के चलते उन्हें पद छोड़ना पड़ा। हाई-प्रोफाइल केस और सरकार से दूरी: एक अन्य चर्चा के अनुसार, हाल ही में एक हाई-प्रोफाइल केस में सफलता न मिल पाने के कारण भी उन पर दबाव था। वहीं, कुछ विश्लेषकों का मानना है कि राज्य सरकार के साथ कांग्रेस की बढ़ती दूरियां भी इस इस्तीफे की एक बड़ी वजह हो सकती हैं। इधर, बिहार के महाधिवक्ता प्रशांत कुमार शाही ने भी छोड़ा पद पटना: बिहार के महाधिवक्ता प्रशांत कुमार शाही ने भी रविवार को स्वेच्छा से अपना पद छोड़ने का ऐलान कर दिया। उन्होंने अपने इस फैसले की सूचना राज्य सरकार को भेज दी है। पटना हाई कोर्ट के वरीय अधिवक्ता प्रशांत कुमार शाही को जनवरी 2023 में तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विशेष अनुरोध पर दूसरी बार बिहार का महाधिवक्ता नियुक्त किया गया था। शाही ने स्पष्ट किया कि उन्होंने पूरी तरह अपनी मर्जी से यह पद छोड़ा है। उनका मानना है कि राज्य में नई सरकार के गठन के बाद उनका इस पद पर बने रहना उचित नहीं था। एसडी संजय के नाम की चर्चा: प्रशांत कुमार शाही के अचानक पद छोड़ने के बाद बिहार सरकार अब नए महाधिवक्ता की नियुक्ति के लिए कानूनी सलाहकारों के नामों पर विचार कर रही है। फिलहाल, भाजपा से जुड़े और सुप्रीम कोर्ट के एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसडी संजय का नाम इस रेस में सबसे आगे चल रहा है।
महाधिवक्ता राजीव रंजन का इस्तीफा, रोहितश्य रॉय बने नए एजी
झारखंड के महाधिवक्ता (एजी) राजीव रंजन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपने इस्तीफे में निजी और स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया है। राजीव रंजन फरवरी 2020 में महाधिवक्ता नियुक्त हुए थे और तब से लगातार इस पद पर बने हुए थे। देर शाम राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया। उनकी जगह झारखंड हाईकोर्ट के एडवोकेट रोहितश्य रॉय को राज्य का नया महाधिवक्ता नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही, अपर महाधिवक्ता अचुत्य केशव को प्रमोट करते हुए वरीय अपर महाधिवक्ता के पद पर नियुक्त किया गया है। इस्तीफे को लेकर राजनीतिक गलियारों में अटकलें तेज महाधिवक्ता राजीव रंजन के अचानक इस्तीफे को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। कांग्रेस से नजदीकी की चर्चा: राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि कांग्रेस से नजदीकी और राहुल गांधी की पहल पर ही उन्हें महाधिवक्ता बनाया गया था। उन्होंने राहुल गांधी के एक मामले में पैरवी कर उन्हें कोर्ट के चक्कर लगाने से राहत दिलाई थी, जिसके बाद उन्हें यह जिम्मेदारी मिली थी। गठबंधन और राज्यसभा चुनाव: कुछ लोग इस इस्तीफे को आगामी राज्यसभा चुनाव और महागठबंधन के भीतर चल रहे कथित अंतर्विरोध (खटराग) से भी जोड़कर देख रहे हैं। चर्चा है कि इसी खींचतान के चलते उन्हें पद छोड़ना पड़ा। हाई-प्रोफाइल केस और सरकार से दूरी: एक अन्य चर्चा के अनुसार, हाल ही में एक हाई-प्रोफाइल केस में सफलता न मिल पाने के कारण भी उन पर दबाव था। वहीं, कुछ विश्लेषकों का मानना है कि राज्य सरकार के साथ कांग्रेस की बढ़ती दूरियां भी इस इस्तीफे की एक बड़ी वजह हो सकती हैं। इधर, बिहार के महाधिवक्ता प्रशांत कुमार शाही ने भी छोड़ा पद पटना: बिहार के महाधिवक्ता प्रशांत कुमार शाही ने भी रविवार को स्वेच्छा से अपना पद छोड़ने का ऐलान कर दिया। उन्होंने अपने इस फैसले की सूचना राज्य सरकार को भेज दी है। पटना हाई कोर्ट के वरीय अधिवक्ता प्रशांत कुमार शाही को जनवरी 2023 में तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विशेष अनुरोध पर दूसरी बार बिहार का महाधिवक्ता नियुक्त किया गया था। शाही ने स्पष्ट किया कि उन्होंने पूरी तरह अपनी मर्जी से यह पद छोड़ा है। उनका मानना है कि राज्य में नई सरकार के गठन के बाद उनका इस पद पर बने रहना उचित नहीं था। एसडी संजय के नाम की चर्चा: प्रशांत कुमार शाही के अचानक पद छोड़ने के बाद बिहार सरकार अब नए महाधिवक्ता की नियुक्ति के लिए कानूनी सलाहकारों के नामों पर विचार कर रही है। फिलहाल, भाजपा से जुड़े और सुप्रीम कोर्ट के एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसडी संजय का नाम इस रेस में सबसे आगे चल रहा है।

