पूर्णिया के निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव बुधवार शाम सहरसा पहुंचे। उन्होंने शिक्षकों के बीच चल रहे विवाद को बढ़ाने की साजिश का आरोप लगाया और प्रिंस यादव की मौत की न्यायिक जांच की मांग की। इस दौरान उन्होंने भाजपा नेता एवं पूर्व मंत्री नीरज कुमार सिंह बबलू के एक बयान पर भी प्रतिक्रिया दी।पप्पू यादव ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को शिक्षकों के प्रति सम्मान का भाव रखना चाहिए। ”नई पीढ़ी पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा” उन्होंने सोशल मीडिया पर बन रहे माहौल को समाज और छात्रों के लिए चिंताजनक बताया, जिसका नई पीढ़ी पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने शिक्षकों को भी ऐसे विवादों से बचने की सलाह दी। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा जगत से जुड़े चर्चित नाम रोशन आनंद और फैजल खान के बीच के विवाद को कुछ लोग जानबूझकर बढ़ा रहे हैं। ”पेपर लीक जैसी घटनाएं सामने आई” पप्पू यादव ने दावा किया कि “तीसरी ताकत” और शिक्षा माफिया इस विवाद में आग लगाने का प्रयास कर रहे हैं ताकि दोनों शिक्षकों की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाया जा सके। सांसद ने कहा कि देशभर में कोचिंग माफिया का प्रभाव बढ़ा है और कई जगहों पर पेपर लीक जैसी घटनाएं सामने आई हैं। ”विवाद का माहौल बनाना दुर्भाग्यपूर्ण” इसके बावजूद, बिहार में 70 से 80 प्रतिशत छात्र अब पढ़ाई के लिए दूसरे राज्यों के बजाय बिहार को प्राथमिकता दे रहे हैं। ऐसे समय में शिक्षा जगत से जुड़े लोगों के बीच विवाद का माहौल बनाना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने रोशन आनंद और फैजल खान से आपसी समझदारी से मामले को समाप्त करने का आग्रह किया। पप्पू यादव ने जोर दिया कि शिक्षकों का सम्मान सर्वोपरि है और इस तरह के विवादों से पूरे शिक्षा जगत की छवि प्रभावित होती है। उन्होंने कुछ राजनीतिक दलों और नेताओं पर इस मामले का इस्तेमाल मुद्दों से भटकाने के लिए करने का आरोप भी लगाया। ”यादव समाज के प्रति अचानक इतना प्रेम कहां से आ गया?” पूर्व मंत्री नीरज कुमार सिंह बबलू के रोशन आनंद के परिवार से मिलने पर पप्पू यादव ने सवाल उठाया। उन्होंने कहा, “सत्ता पक्ष के नेताओं में यादव समाज के प्रति अचानक इतना प्रेम कहां से आ गया? आज तक ऐसा प्रेम दिखाई नहीं देता था।” अंत में, पप्पू यादव ने प्रिंस यादव की मौत के मामले की न्यायिक जांच कराने की मांग की। केंद्र सरकार को नेपाल सरकार से बात कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके। उन्होंने कहा कि “दूध का दूध और पानी का पानी होना चाहिए।” पप्पू यादव ने कहा कि प्रिंस यादव की मौत कई सवाल खड़े करती है और इसकी गहराई से जांच आवश्यक है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार की व्यवस्था की विफलता भी इस घटना के पीछे एक कारण है। साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार और राजनीतिक हस्तक्षेप ने शिक्षकों के बीच के विवाद को और अधिक बढ़ाने का काम किया है। उन्होंने अंत में कहा कि बिहार में बेरोजगारी, शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दे हैं, जिन पर चर्चा होनी चाहिए, लेकिन कुछ लोग समाज में नफरत और विवाद का माहौल बनाने में लगे हुए हैं।
'देशभर में कोचिंग माफिया का प्रभाव बढ़ा':सहरसा में सांसद पप्पू यादव बोले- यादव समाज के लिए इतना प्रेम कहां से?
पूर्णिया के निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव बुधवार शाम सहरसा पहुंचे। उन्होंने शिक्षकों के बीच चल रहे विवाद को बढ़ाने की साजिश का आरोप लगाया और प्रिंस यादव की मौत की न्यायिक जांच की मांग की। इस दौरान उन्होंने भाजपा नेता एवं पूर्व मंत्री नीरज कुमार सिंह बबलू के एक बयान पर भी प्रतिक्रिया दी।पप्पू यादव ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को शिक्षकों के प्रति सम्मान का भाव रखना चाहिए। ”नई पीढ़ी पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा” उन्होंने सोशल मीडिया पर बन रहे माहौल को समाज और छात्रों के लिए चिंताजनक बताया, जिसका नई पीढ़ी पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने शिक्षकों को भी ऐसे विवादों से बचने की सलाह दी। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा जगत से जुड़े चर्चित नाम रोशन आनंद और फैजल खान के बीच के विवाद को कुछ लोग जानबूझकर बढ़ा रहे हैं। ”पेपर लीक जैसी घटनाएं सामने आई” पप्पू यादव ने दावा किया कि “तीसरी ताकत” और शिक्षा माफिया इस विवाद में आग लगाने का प्रयास कर रहे हैं ताकि दोनों शिक्षकों की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाया जा सके। सांसद ने कहा कि देशभर में कोचिंग माफिया का प्रभाव बढ़ा है और कई जगहों पर पेपर लीक जैसी घटनाएं सामने आई हैं। ”विवाद का माहौल बनाना दुर्भाग्यपूर्ण” इसके बावजूद, बिहार में 70 से 80 प्रतिशत छात्र अब पढ़ाई के लिए दूसरे राज्यों के बजाय बिहार को प्राथमिकता दे रहे हैं। ऐसे समय में शिक्षा जगत से जुड़े लोगों के बीच विवाद का माहौल बनाना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने रोशन आनंद और फैजल खान से आपसी समझदारी से मामले को समाप्त करने का आग्रह किया। पप्पू यादव ने जोर दिया कि शिक्षकों का सम्मान सर्वोपरि है और इस तरह के विवादों से पूरे शिक्षा जगत की छवि प्रभावित होती है। उन्होंने कुछ राजनीतिक दलों और नेताओं पर इस मामले का इस्तेमाल मुद्दों से भटकाने के लिए करने का आरोप भी लगाया। ”यादव समाज के प्रति अचानक इतना प्रेम कहां से आ गया?” पूर्व मंत्री नीरज कुमार सिंह बबलू के रोशन आनंद के परिवार से मिलने पर पप्पू यादव ने सवाल उठाया। उन्होंने कहा, “सत्ता पक्ष के नेताओं में यादव समाज के प्रति अचानक इतना प्रेम कहां से आ गया? आज तक ऐसा प्रेम दिखाई नहीं देता था।” अंत में, पप्पू यादव ने प्रिंस यादव की मौत के मामले की न्यायिक जांच कराने की मांग की। केंद्र सरकार को नेपाल सरकार से बात कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके। उन्होंने कहा कि “दूध का दूध और पानी का पानी होना चाहिए।” पप्पू यादव ने कहा कि प्रिंस यादव की मौत कई सवाल खड़े करती है और इसकी गहराई से जांच आवश्यक है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार की व्यवस्था की विफलता भी इस घटना के पीछे एक कारण है। साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार और राजनीतिक हस्तक्षेप ने शिक्षकों के बीच के विवाद को और अधिक बढ़ाने का काम किया है। उन्होंने अंत में कहा कि बिहार में बेरोजगारी, शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दे हैं, जिन पर चर्चा होनी चाहिए, लेकिन कुछ लोग समाज में नफरत और विवाद का माहौल बनाने में लगे हुए हैं।

