रांची4 घंटे पहले
- कॉपी लिंक

झारखंड विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत 18 फरवरी को हुई। पहले दिन राज्यपाल संतोष गंगवार ने सदन को संबोधित किया। अपने अभिभाषण में उन्होंने राज्य सरकार की उपलब्धियां गिनाईं और दिवंगत नेता शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि अर्पित की।
राज्यपाल ने कहा कि संघीय ढांचे में राज्यों के विकास के लिए केंद्र सरकार का समय पर सहयोग जरूरी है। वांछित आर्थिक सहायता नहीं मिलने से विकास और समृद्धि की बड़ी योजनाओं को लागू करने में कठिनाई हो रही है। झारखंड के समुचित विकास के बिना देश की प्रगति भी संभव नहीं है। राज्य सरकार को उम्मीद है कि केंद्र से आवश्यक सहयोग मिलेगा।
विपरीत परिस्थितियों के बावजूद सरकार ने लोकतांत्रिक परंपराओं का पालन किया है। सामाजिक सद्भाव को मजबूत किया है। जाति, धर्म और वर्ग से ऊपर उठकर सर्वांगीण विकास की दिशा में काम किया गया है। राज्यपाल ने कहा कि सरकार ने कानून-व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। अपराधमुक्त वातावरण बनाने की दिशा में कार्रवाई की जा रही है। वर्ष 2025 में भ्रष्टाचार के मामलों में 54 लोक सेवकों की गिरफ्तारी की गई। साइबर अपराध के 1413 मामले दर्ज हुए, जिनमें 1268 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। साइबर हेल्पलाइन 1930 के माध्यम से अब तक 111 करोड़ रुपए ब्लॉक किए गए और करीब 12 करोड़ पीड़ितों को लौटाए गए।
मुख्यमंत्री बोले- केंद्र सरकार बड़ा भाई, विशेष ध्यान दे
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विधानसभा परिसर में मीडिया से बातचीत में कहा कि झारखंड अपनी क्षमता के अनुरूप काम कर रहा है, लेकिन चुनौतियां बड़ी हैं। उन्होंने कहा कि अगर केंद्र सरकार बड़े भाई की भूमिका में है तो उसे झारखंड जैसे अन्य राज्यों पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए। राज्य की आवश्यकताओं को देखते हुए सहयोग बढ़ाना जरूरी है, ताकि विकास योजनाएं तेजी से लागू हो सकें।
51 लाख महिलाओं को मंईयां सम्मान
राज्यपाल ने कहा कि महिला कल्याण प्रगति का पैमाना है। सरकार की झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना से 51 लाख से अधिक महिलाओं को लाभ मिल रहा है। योजना के तहत महिलाएं अंडा उत्पादन, बत्तख पालन, सिलाई-कढ़ाई और अन्य लघु व्यवसाय से जुड़ रही हैं। महिला सुरक्षा के लिए “मिशन शक्ति” के तहत हेल्पलाइन, वन स्टॉप सेंटर, शक्ति सदन, सखी निवास और नारी अदालत जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
दावोस से लंदन तक निवेश की पहल
राज्यपाल ने कहा कि सरकार ने पहली बार दावोस के वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम सम्मेलन में भाग लिया। राज्य की निवेश-उन्मुख नीतियों को वैश्विक मंच पर रखा। ग्रीन एनर्जी, क्रिटिकल मिनरल्स, पर्यटन, उच्च शिक्षा, मैन्युफैक्चरिंग व उभरती तकनीक जैसे क्षेत्रों में संभावनाएं प्रस्तुत की गईं। लंदन में हुई बैठकों के बाद राज्य को करीब 1.27 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इससे रोजगार सृजन और कौशल विकास को बल मिलेगा।
सार्थक बहस की अपील
राज्यपाल ने सदस्यों से अपील की कि वे जनता की अपेक्षाओं को ध्यान में रखते हुए सदन में सार्थक बहस करें। राज्य हित में सर्वसम्मति से निर्णय लेने का प्रयास हो। लोकतंत्र के मंदिर की गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।





