दरभंगा के कमतौल थाना पुलिस ने साक्षी भारद्वाज की हत्या मामले में आरोपी पति शिशिर को गिरफ्तार कर लिया। निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल देसी पिस्टल भी बरामद कर ली गई। पूछताछ के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। 11 जून को गोली मारकर हत्या की गई थी घटना ब्रह्मपुर पश्चिम गांव की है। एसडीपीओ शुभेंद्र कुमार सुमन ने बताया कि शिशिर ने पूछताछ के दौरान अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। पूछताछ मेंबताया कि किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इस दौरान पत्नी ने उसे थप्पड़ मार दिया था, जिसके बाद गुस्से में आकर उसने गोली चला दी। आरोपी के खिलाफ पहले से कई मामले दर्ज है, जेल भी जा चुका है। मामले में अब तक 3 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। ‘दहेज के लिए बेटी को मार डाला’ वहीं, मृतका के पिता निलेश भारद्वाज ने दहेज के लिए हत्या का आरोप लगाया है। थाने में दिए आवेदव में बताया कि ससुराल पक्ष की ओर से 20 लाख कैश, स्कॉर्पियो और 10 भर गोल्ड की डिमांड कर रहे थे। नहीं देने पर मेरे बेटी की हत्या कर दी गई। ‘2 साल पहले लव मैरिज हुई थी’ ग्रामीणों के मुताबिक साक्षी और शिशिर ब्रह्मपुर पश्चिम गांव के ही रहने वाले थे। दोनों के घरों के बीच करीब 500 मीटर की दूरी थी। दो साल पहले प्रेम विवाह किया था। शिशिर पहले इलेक्ट्रॉनिक दुकान चलाता था। बाद में ठेकेदारी का काम करने लगा था। गांव में सामाजिक, धार्मिक आयोजन और क्रिकेट टूर्नामेंट में भी सक्रिय रहता था। वहीं, साक्षी स्नातक के बाद आगे की पढ़ाई कर रही थी। वह नियमित रूप से जिम जाती थी और सामाजिक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती थी। आगामी पंचायत चुनाव में मुखिया का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही थी। ‘एग्जाम देकर घर लौटी थी’ घटना वाले दिन साक्षी डीएलएड की परीक्षा देकर घर लौटी थी। स्थानीय सूत्रों के अनुसार घर आने के बाद पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। घर के अंदर गोलीबारी की घटना हुई। पुलिस को घटनास्थल से पांच खोखे मिले थे, जबकि पोस्टमार्टम के दौरान मृतका के सिर से तीन गोलियां निकाली गई थी। आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग वहीं, मृतका की दादी सावित्री देवी(75) ने आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है। उन्होंने बताया कि साक्षी को तीन माह की उम्र से उन्होंने ही पाल-पोसकर बड़ा किया था। परिवार ने प्रेम विवाह का विरोध नहीं किया था, लेकिन आज उनकी इकलौती पोती उनसे हमेशा के लिए चली गई।
पत्नी की हत्या मामले में आरोपी पति गिरफ्तार:देसी पिस्टल बरामद, आरोपी ने कबूला जुर्म; पिता बोले- दहेज के लिए मार डाला, 20 लाख मांग रहा था
दरभंगा के कमतौल थाना पुलिस ने साक्षी भारद्वाज की हत्या मामले में आरोपी पति शिशिर को गिरफ्तार कर लिया। निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल देसी पिस्टल भी बरामद कर ली गई। पूछताछ के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। 11 जून को गोली मारकर हत्या की गई थी घटना ब्रह्मपुर पश्चिम गांव की है। एसडीपीओ शुभेंद्र कुमार सुमन ने बताया कि शिशिर ने पूछताछ के दौरान अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। पूछताछ मेंबताया कि किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इस दौरान पत्नी ने उसे थप्पड़ मार दिया था, जिसके बाद गुस्से में आकर उसने गोली चला दी। आरोपी के खिलाफ पहले से कई मामले दर्ज है, जेल भी जा चुका है। मामले में अब तक 3 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। ‘दहेज के लिए बेटी को मार डाला’ वहीं, मृतका के पिता निलेश भारद्वाज ने दहेज के लिए हत्या का आरोप लगाया है। थाने में दिए आवेदव में बताया कि ससुराल पक्ष की ओर से 20 लाख कैश, स्कॉर्पियो और 10 भर गोल्ड की डिमांड कर रहे थे। नहीं देने पर मेरे बेटी की हत्या कर दी गई। ‘2 साल पहले लव मैरिज हुई थी’ ग्रामीणों के मुताबिक साक्षी और शिशिर ब्रह्मपुर पश्चिम गांव के ही रहने वाले थे। दोनों के घरों के बीच करीब 500 मीटर की दूरी थी। दो साल पहले प्रेम विवाह किया था। शिशिर पहले इलेक्ट्रॉनिक दुकान चलाता था। बाद में ठेकेदारी का काम करने लगा था। गांव में सामाजिक, धार्मिक आयोजन और क्रिकेट टूर्नामेंट में भी सक्रिय रहता था। वहीं, साक्षी स्नातक के बाद आगे की पढ़ाई कर रही थी। वह नियमित रूप से जिम जाती थी और सामाजिक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती थी। आगामी पंचायत चुनाव में मुखिया का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही थी। ‘एग्जाम देकर घर लौटी थी’ घटना वाले दिन साक्षी डीएलएड की परीक्षा देकर घर लौटी थी। स्थानीय सूत्रों के अनुसार घर आने के बाद पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। घर के अंदर गोलीबारी की घटना हुई। पुलिस को घटनास्थल से पांच खोखे मिले थे, जबकि पोस्टमार्टम के दौरान मृतका के सिर से तीन गोलियां निकाली गई थी। आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग वहीं, मृतका की दादी सावित्री देवी(75) ने आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है। उन्होंने बताया कि साक्षी को तीन माह की उम्र से उन्होंने ही पाल-पोसकर बड़ा किया था। परिवार ने प्रेम विवाह का विरोध नहीं किया था, लेकिन आज उनकी इकलौती पोती उनसे हमेशा के लिए चली गई।

