दरभंगा के केवटी थाना क्षेत्र में कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्यशैली को लेकर आज भाजपा विधायक डॉ. मुरारी मोहन झा स्वयं थाना परिसर में धरने पर बैठ गए। विधायक ने पुलिस पर पीड़ितों को न्याय दिलाने के बजाय अपराधियों को संरक्षण देने और मामले को प्रभावित करने का आरोप लगाया। धरने का मुख्य मुद्दा 7 जून 2026 को जीवरा निवासी उमेश शर्मा के बेटे रंधीर शर्मा पर हुए कथित जानलेवा हमले का मामला रहा। पीड़ित पक्ष के अनुसार, उनकी दुकान “आयुष मोटरसाइकिल गैरेज” पर मोटरसाइकिल धुलवाने के बाद मजदूरी मांगने को लेकर विवाद हुआ था। आरोप है कि मो. अरमान, मो. इरफान, मो. मुन्ना, मो. साबीर, मो. सामिरुल समेत अन्य लोगों ने रंधीर शर्मा के साथ मारपीट की और लाठी-डंडे, बेल्ट और लात-घूंसों से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। साथ ही दुकान के गल्ले से 22,500 रुपये नकद लेकर फरार होने का भी आरोप लगाया गया है। न्याय मिलने में हो रही देरी पीड़ित परिवार का आरोप है कि नामजद आरोपितों की अब तक गिरफ्तारी नहीं हुई है, जिससे न्याय मिलने में देरी हो रही है। इसी के विरोध में विधायक डॉ. मुरारी मोहन झा थाना परिसर में धरने पर बैठ गए। धरनास्थल से विधायक ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इतनी गंभीर घटना के बावजूद पुलिस की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने दावा किया कि मामले को कमजोर करने और पीड़ित परिवार पर दबाव बनाने के उद्देश्य से आरोपित पक्ष की ओर से एक काउंटर केस दर्ज कराया गया है। विधायक ने वरीय पुलिस अधीक्षक, दरभंगा से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, केवटी थाना प्रभारी की भूमिका की जांच करने और दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय मिलने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। धरने की सूचना मिलने पर सिटी एसपी अशोक चौधरी और कमतौल के एसडीपीओ शुभेंद्र कुमार सुमन मौके पर पहुंचे और विधायक से वार्ता कर धरना खत्म कराने का प्रयास किया। इसके बाद विधायक ने धरना खत्म किया। इस पूरे घटनाक्रम ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है। सत्ता पक्ष के एक विधायक का पुलिस कार्रवाई की मांग को लेकर थाना परिसर में धरने पर बैठना क्षेत्र में कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल खड़े कर रहा है।
भाजपा विधायक मुरारी मोहन झा थाना में धरना पर बैठे:पुलिस पर अपराधियों को बचाने का आरोप, दुकानदार से मारपीट का है मामला
दरभंगा के केवटी थाना क्षेत्र में कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्यशैली को लेकर आज भाजपा विधायक डॉ. मुरारी मोहन झा स्वयं थाना परिसर में धरने पर बैठ गए। विधायक ने पुलिस पर पीड़ितों को न्याय दिलाने के बजाय अपराधियों को संरक्षण देने और मामले को प्रभावित करने का आरोप लगाया। धरने का मुख्य मुद्दा 7 जून 2026 को जीवरा निवासी उमेश शर्मा के बेटे रंधीर शर्मा पर हुए कथित जानलेवा हमले का मामला रहा। पीड़ित पक्ष के अनुसार, उनकी दुकान “आयुष मोटरसाइकिल गैरेज” पर मोटरसाइकिल धुलवाने के बाद मजदूरी मांगने को लेकर विवाद हुआ था। आरोप है कि मो. अरमान, मो. इरफान, मो. मुन्ना, मो. साबीर, मो. सामिरुल समेत अन्य लोगों ने रंधीर शर्मा के साथ मारपीट की और लाठी-डंडे, बेल्ट और लात-घूंसों से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। साथ ही दुकान के गल्ले से 22,500 रुपये नकद लेकर फरार होने का भी आरोप लगाया गया है। न्याय मिलने में हो रही देरी पीड़ित परिवार का आरोप है कि नामजद आरोपितों की अब तक गिरफ्तारी नहीं हुई है, जिससे न्याय मिलने में देरी हो रही है। इसी के विरोध में विधायक डॉ. मुरारी मोहन झा थाना परिसर में धरने पर बैठ गए। धरनास्थल से विधायक ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इतनी गंभीर घटना के बावजूद पुलिस की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने दावा किया कि मामले को कमजोर करने और पीड़ित परिवार पर दबाव बनाने के उद्देश्य से आरोपित पक्ष की ओर से एक काउंटर केस दर्ज कराया गया है। विधायक ने वरीय पुलिस अधीक्षक, दरभंगा से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, केवटी थाना प्रभारी की भूमिका की जांच करने और दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय मिलने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। धरने की सूचना मिलने पर सिटी एसपी अशोक चौधरी और कमतौल के एसडीपीओ शुभेंद्र कुमार सुमन मौके पर पहुंचे और विधायक से वार्ता कर धरना खत्म कराने का प्रयास किया। इसके बाद विधायक ने धरना खत्म किया। इस पूरे घटनाक्रम ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है। सत्ता पक्ष के एक विधायक का पुलिस कार्रवाई की मांग को लेकर थाना परिसर में धरने पर बैठना क्षेत्र में कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल खड़े कर रहा है।
