कैमूर में गर्मी की छुट्टियों के बाद बच्चों को विद्यालय के माहौल से फिर से जोड़ने के लिए शिक्षा विभाग ने एक नई पहल की है। राज्य के सभी प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में 22 से 27 जून तक ‘स्वागत सप्ताह’ का आयोजन किया जाएगा। प्राथमिक शिक्षा निदेशक द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, स्कूल के प्रवेश द्वार पर ही बच्चों का तिलक और फूलों से आत्मीय स्वागत किया जाएगा। यह पहल छात्रों को स्कूल लौटने के लिए प्रोत्साहित करेगी। छात्रों की उपस्थिति में होने वाली कमी को रोकना मुख्य उद्देश्य इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद छात्रों की उपस्थिति में होने वाली कमी को रोकना है। साथ ही, इसका लक्ष्य बच्चों में सीखने की निरंतरता को बनाए रखना भी है। इसके अतिरिक्त, 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जिले के सभी सरकारी और गैर-सरकारी स्कूलों में सामूहिक योगाभ्यास का आयोजन होगा। इसका उद्देश्य बच्चों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना है। प्रतिदिन ‘चेतना सत्र’ आयोजित किए जाएंगे स्वागत सप्ताह के दौरान प्रतिदिन ‘चेतना सत्र’ आयोजित किए जाएंगे। इन सत्रों में बच्चों के साथ संवाद, प्रेरक कहानियां, कविताएं और खेल-कूद जैसी मनोरंजक गतिविधियान शामिल होंगी। सप्ताह के अंतिम दिन, 27 जून को ‘शिक्षक-अभिभावक संगोष्ठी’ का आयोजन किया जाएगा। इसमें अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित कर बच्चों के सर्वांगीण विकास पर चर्चा की जाएगी। विभाग का मानना है कि इस सकारात्मक पहल से बच्चे स्कूल को बोझ नहीं, बल्कि आनंद का केंद्र मानेंगे।
गर्मी की छुट्टियों के बाद स्कूलों में स्वागत सप्ताह:कैमूर के प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में 22 से 27 जून तक विशेष अभियान
कैमूर में गर्मी की छुट्टियों के बाद बच्चों को विद्यालय के माहौल से फिर से जोड़ने के लिए शिक्षा विभाग ने एक नई पहल की है। राज्य के सभी प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में 22 से 27 जून तक ‘स्वागत सप्ताह’ का आयोजन किया जाएगा। प्राथमिक शिक्षा निदेशक द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, स्कूल के प्रवेश द्वार पर ही बच्चों का तिलक और फूलों से आत्मीय स्वागत किया जाएगा। यह पहल छात्रों को स्कूल लौटने के लिए प्रोत्साहित करेगी। छात्रों की उपस्थिति में होने वाली कमी को रोकना मुख्य उद्देश्य इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद छात्रों की उपस्थिति में होने वाली कमी को रोकना है। साथ ही, इसका लक्ष्य बच्चों में सीखने की निरंतरता को बनाए रखना भी है। इसके अतिरिक्त, 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जिले के सभी सरकारी और गैर-सरकारी स्कूलों में सामूहिक योगाभ्यास का आयोजन होगा। इसका उद्देश्य बच्चों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना है। प्रतिदिन ‘चेतना सत्र’ आयोजित किए जाएंगे स्वागत सप्ताह के दौरान प्रतिदिन ‘चेतना सत्र’ आयोजित किए जाएंगे। इन सत्रों में बच्चों के साथ संवाद, प्रेरक कहानियां, कविताएं और खेल-कूद जैसी मनोरंजक गतिविधियान शामिल होंगी। सप्ताह के अंतिम दिन, 27 जून को ‘शिक्षक-अभिभावक संगोष्ठी’ का आयोजन किया जाएगा। इसमें अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित कर बच्चों के सर्वांगीण विकास पर चर्चा की जाएगी। विभाग का मानना है कि इस सकारात्मक पहल से बच्चे स्कूल को बोझ नहीं, बल्कि आनंद का केंद्र मानेंगे।
