भास्कर न्यूज | चंदनकियारी झारखंड अलग राज्य आंदोलन के वरिष्ठ आंदोलनकारी दुर्गा चरण महतो को चिह्नित आंदोलनकारी का प्रशस्ति पत्र मिलने पर शुक्रवार को उनके पैतृक गांव आसनबनी में खुशियां मनाई गई। गांव पहुंचने पर किसान नेता जगन्नाथ रजवार के नेतृत्व में ग्रामीणों ने तिरंगा मोड़ पर उनका स्वागत किया तथा अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि झारखंड आंदोलन में आसनबनी गांव की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। 18 नवंबर 1978 को आसनबनी में आयोजित ऐतिहासिक जनसभा में झारखंड आंदोलन के प्रमुख नेता बिनोद बिहारी महतो, एके राय और शिबू सोरेन ने लोगों को संबोधित कर अलग राज्य आंदोलन को नई दिशा दी थी। उस में दुर्गा चरण महतो की अहम भूमिका रही थी। मौके पर अंकित कुम्भकार, प्रदीप कुमार गोस्वामी, राम प्रसाद मांझी, असलम अंसारी, राधु बाउरी, दिलीप महतो, शाकिर आदि थे।
आंदोलनकारी का प्रशस्ति पत्र मिलने पर दुर्गा महतो का किया गया स्वागत
भास्कर न्यूज | चंदनकियारी झारखंड अलग राज्य आंदोलन के वरिष्ठ आंदोलनकारी दुर्गा चरण महतो को चिह्नित आंदोलनकारी का प्रशस्ति पत्र मिलने पर शुक्रवार को उनके पैतृक गांव आसनबनी में खुशियां मनाई गई। गांव पहुंचने पर किसान नेता जगन्नाथ रजवार के नेतृत्व में ग्रामीणों ने तिरंगा मोड़ पर उनका स्वागत किया तथा अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि झारखंड आंदोलन में आसनबनी गांव की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। 18 नवंबर 1978 को आसनबनी में आयोजित ऐतिहासिक जनसभा में झारखंड आंदोलन के प्रमुख नेता बिनोद बिहारी महतो, एके राय और शिबू सोरेन ने लोगों को संबोधित कर अलग राज्य आंदोलन को नई दिशा दी थी। उस में दुर्गा चरण महतो की अहम भूमिका रही थी। मौके पर अंकित कुम्भकार, प्रदीप कुमार गोस्वामी, राम प्रसाद मांझी, असलम अंसारी, राधु बाउरी, दिलीप महतो, शाकिर आदि थे।

