अररिया में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी द्वारा आयोजित नीट (यूजी) री-एग्जाम रविवार को शांतिपूर्ण और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सफलतापूर्वक जारी हो गया। यह परीक्षा जिले के कुल 7 परीक्षा केंद्रों पर दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक निर्धारित है, जिसमें बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया। जिला प्रशासन ने परीक्षा से पहले ही व्यापक स्तर पर सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली थीं। इसका उद्देश्य किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या गड़बड़ी की संभावना को रोकना था। परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों की सख्त जांच की गई। केवल निर्धारित नियमों के अनुसार आवश्यक दस्तावेजों और अनुमत सामग्री के साथ ही छात्रों को परीक्षा केंद्र के अंदर प्रवेश दिया गया। जांच प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा कर्मियों ने पूरी सतर्कता बरती, जिससे परीक्षा की पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके। मजिस्ट्रेट और प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती हर परीक्षा केंद्र पर पुलिस बल, मजिस्ट्रेट और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की गई थी। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की गई और सभी केंद्रों पर भीड़ नियंत्रण के साथ-साथ अनुशासन बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया गया। जिला प्रशासन की ओर से परीक्षा अवधि के दौरान लगातार मॉनिटरिंग की गई। कंट्रोल रूम से सभी परीक्षा केंद्रों की स्थिति पर नजर रखी गई, जिससे किसी भी समस्या का तुरंत समाधान किया जा सके। यातायात व्यवस्था को भी सुचारु रखने के लिए अलग से प्रबंधन किया गया था ताकि अभ्यर्थियों को केंद्र तक पहुंचने में किसी प्रकार की परेशानी न हो। अधिकारियों ने बताया कि परीक्षा को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और व्यवस्थित माहौल में संपन्न कराना सर्वोच्च प्राथमिकता थी, जिसमें सभी संबंधित विभागों ने समन्वय के साथ कार्य किया।
अररिया में नीट (UG) री-एग्जाम शांतिपूर्ण जारी:7 केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा के बीच परीक्षा आयोजित,कंट्रोल रूम से रखी जा रही नजर
अररिया में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी द्वारा आयोजित नीट (यूजी) री-एग्जाम रविवार को शांतिपूर्ण और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सफलतापूर्वक जारी हो गया। यह परीक्षा जिले के कुल 7 परीक्षा केंद्रों पर दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक निर्धारित है, जिसमें बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया। जिला प्रशासन ने परीक्षा से पहले ही व्यापक स्तर पर सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली थीं। इसका उद्देश्य किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या गड़बड़ी की संभावना को रोकना था। परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों की सख्त जांच की गई। केवल निर्धारित नियमों के अनुसार आवश्यक दस्तावेजों और अनुमत सामग्री के साथ ही छात्रों को परीक्षा केंद्र के अंदर प्रवेश दिया गया। जांच प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा कर्मियों ने पूरी सतर्कता बरती, जिससे परीक्षा की पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके। मजिस्ट्रेट और प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती हर परीक्षा केंद्र पर पुलिस बल, मजिस्ट्रेट और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की गई थी। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की गई और सभी केंद्रों पर भीड़ नियंत्रण के साथ-साथ अनुशासन बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया गया। जिला प्रशासन की ओर से परीक्षा अवधि के दौरान लगातार मॉनिटरिंग की गई। कंट्रोल रूम से सभी परीक्षा केंद्रों की स्थिति पर नजर रखी गई, जिससे किसी भी समस्या का तुरंत समाधान किया जा सके। यातायात व्यवस्था को भी सुचारु रखने के लिए अलग से प्रबंधन किया गया था ताकि अभ्यर्थियों को केंद्र तक पहुंचने में किसी प्रकार की परेशानी न हो। अधिकारियों ने बताया कि परीक्षा को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और व्यवस्थित माहौल में संपन्न कराना सर्वोच्च प्राथमिकता थी, जिसमें सभी संबंधित विभागों ने समन्वय के साथ कार्य किया।

