सहरसा के धमसेना गांव में इन दिनों एक घर ऐसा है, जहां एक तरफ बेटे की मौत का मातम है तो दूसरी तरफ बेटी की शादी को लेकर असमंजस चल रहा। नेपाल के विराटनगर स्थित एक होटल में हुई प्रिंस यादव की संदिग्ध मौत को आठ दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक परिवार को पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट नहीं मिली है। न्याय की उम्मीद लगाए बैठे परिजन अब भी जवाब तलाश रहे हैं कि आखिर उनके बेटे की मौत की असली वजह क्या थी। परिवार का आरोप है कि नेपाल पुलिस की जांच प्रक्रिया धीमी है। घटना के इतने दिन बाद भी न तो पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट उपलब्ध कराई गई है और न ही जांच की स्पष्ट स्थिति बताई जा रही है। इससे परिजन में नाराजगी और बेचैनी बढ़ती जा रही है। सरकारी स्कूल से पढ़ाई शुरू की, बीए ऑनर्स तक पहुंचा था प्रिंस धमसेना गांव निवासी प्रिंस यादव का जन्म 15 जनवरी 2002 को हुआ था। पढ़ाई में रुचि रखने वाले प्रिंस ने शुरुआती शिक्षा गांव के सरकारी विद्यालय से पूरी की थी। इसके बाद मैट्रिक और इंटरमीडिएट की पढ़ाई अपने ननिहाल मधेपुरा जिले से की। बाद में उसने बीए ऑनर्स की पढ़ाई पूरी की। परिवार के लोग बताते हैं कि प्रिंस शांत स्वभाव का था और अपने भविष्य को लेकर गंभीर रहता था। उसकी असमय मौत ने पूरे परिवार और गांव को झकझोर दिया है। जिस पोते से अंतिम संस्कार की उम्मीद थी, उसी को देनी पड़ी मुखाग्नि प्रिंस के अंतिम संस्कार के दौरान परिवार का सबसे भावुक पल तब आया, जब 85 वर्षीय उपेंद्र यादव ने अपने ही पोते को मुखाग्नि दी। उपेंद्र यादव ने नम आंखों से कहा- जिस पोते से उम्मीद थी कि वह हमारे अंतिम समय में मुखाग्नि देगा, आज जिंदगी ने ऐसा दिन दिखा दिया कि हमें ही उसे अंतिम विदाई देनी पड़ी। उन्होंने कहा कि प्रिंस की मौत के आठ दिन बाद भी परिवार को सच्चाई नहीं पता चल पाई है। नेपाल पुलिस की ओर से अब तक कोई ठोस जानकारी नहीं दी गई है। बेटे की मौत के सदमे में माता-पिता की बिगड़ रही तबीयत प्रिंस की मौत के बाद उसके माता-पिता गहरे सदमे में हैं। परिजनों के अनुसार दोनों की तबीयत लगातार खराब रह रही है और इलाज के लिए डॉक्टरों के पास जाना पड़ रहा है। वहीं, प्रिंस के बड़े भाई रोशन आनंद भी अंतिम संस्कार के लिए गांव पहुंचे थे। इसके बाद वह वापस पटना लौट गए। परिवार के लोग अब भी उम्मीद लगाए बैठे हैं कि जांच आगे बढ़ेगी और उन्हें इंसाफ मिलेगा। चाचा बोले- रिपोर्ट नहीं मिलना कई सवाल खड़े करता है प्रिंस के चाचा अजय कुमार ने कहा कि आठ दिन बाद भी पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं मिलना चिंता की बात है। परिवार सिर्फ इतना चाहता है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों पर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि एक सदस्य पटना में न्याय की लड़ाई लड़ रहा है, लेकिन अभी तक परिवार को संतोषजनक जवाब नहीं मिला है। घर में श्राद्ध की तैयारी, दूसरी तरफ बेटी की शादी पर संकट प्रिंस के निधन के बाद घर में हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार नखवाल श्राद्ध और सपिंडन संस्कार की तैयारी चल रही है। परिवार के अनुसार सोमवार से बुधवार तक धार्मिक अनुष्ठान पूरे किए जाएंगे। इसी बीच परिवार के सामने एक और बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। रोशन आनंद की चचेरी बहन सुलोचना की शादी 29 जून को तय है। घर में पहले से शादी की तैयारियां चल रही थीं और पंडाल भी लग चुका है। अब परिवार असमंजस में है कि ऐसी स्थिति में शादी की तारीख आगे बढ़ाई जाए या तय समय पर ही कार्यक्रम किया जाए। परिजन लड़का पक्ष से बातचीत के बाद अंतिम निर्णय लेने की बात कह रहे हैं। एक घर में मातम और शादी की चिंता साथ-साथ धमसेना गांव का यह परिवार इस समय दो अलग-अलग भावनाओं के बीच फंसा हुआ है। एक तरफ जवान बेटे को खोने का दर्द है, तो दूसरी तरफ बेटी की शादी की जिम्मेदारी। परिवार ने नेपाल और बिहार की संबंधित एजेंसियों से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर जल्द पोस्टमार्टम रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।
प्रिंस यादव के पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं परिवार:बेटे की मौत के गम में माता-पिता बीमार, घर में चल रही श्राद्ध की तैयारी; बेटी की शादी पर ग्रहण
सहरसा के धमसेना गांव में इन दिनों एक घर ऐसा है, जहां एक तरफ बेटे की मौत का मातम है तो दूसरी तरफ बेटी की शादी को लेकर असमंजस चल रहा। नेपाल के विराटनगर स्थित एक होटल में हुई प्रिंस यादव की संदिग्ध मौत को आठ दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक परिवार को पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट नहीं मिली है। न्याय की उम्मीद लगाए बैठे परिजन अब भी जवाब तलाश रहे हैं कि आखिर उनके बेटे की मौत की असली वजह क्या थी। परिवार का आरोप है कि नेपाल पुलिस की जांच प्रक्रिया धीमी है। घटना के इतने दिन बाद भी न तो पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट उपलब्ध कराई गई है और न ही जांच की स्पष्ट स्थिति बताई जा रही है। इससे परिजन में नाराजगी और बेचैनी बढ़ती जा रही है। सरकारी स्कूल से पढ़ाई शुरू की, बीए ऑनर्स तक पहुंचा था प्रिंस धमसेना गांव निवासी प्रिंस यादव का जन्म 15 जनवरी 2002 को हुआ था। पढ़ाई में रुचि रखने वाले प्रिंस ने शुरुआती शिक्षा गांव के सरकारी विद्यालय से पूरी की थी। इसके बाद मैट्रिक और इंटरमीडिएट की पढ़ाई अपने ननिहाल मधेपुरा जिले से की। बाद में उसने बीए ऑनर्स की पढ़ाई पूरी की। परिवार के लोग बताते हैं कि प्रिंस शांत स्वभाव का था और अपने भविष्य को लेकर गंभीर रहता था। उसकी असमय मौत ने पूरे परिवार और गांव को झकझोर दिया है। जिस पोते से अंतिम संस्कार की उम्मीद थी, उसी को देनी पड़ी मुखाग्नि प्रिंस के अंतिम संस्कार के दौरान परिवार का सबसे भावुक पल तब आया, जब 85 वर्षीय उपेंद्र यादव ने अपने ही पोते को मुखाग्नि दी। उपेंद्र यादव ने नम आंखों से कहा- जिस पोते से उम्मीद थी कि वह हमारे अंतिम समय में मुखाग्नि देगा, आज जिंदगी ने ऐसा दिन दिखा दिया कि हमें ही उसे अंतिम विदाई देनी पड़ी। उन्होंने कहा कि प्रिंस की मौत के आठ दिन बाद भी परिवार को सच्चाई नहीं पता चल पाई है। नेपाल पुलिस की ओर से अब तक कोई ठोस जानकारी नहीं दी गई है। बेटे की मौत के सदमे में माता-पिता की बिगड़ रही तबीयत प्रिंस की मौत के बाद उसके माता-पिता गहरे सदमे में हैं। परिजनों के अनुसार दोनों की तबीयत लगातार खराब रह रही है और इलाज के लिए डॉक्टरों के पास जाना पड़ रहा है। वहीं, प्रिंस के बड़े भाई रोशन आनंद भी अंतिम संस्कार के लिए गांव पहुंचे थे। इसके बाद वह वापस पटना लौट गए। परिवार के लोग अब भी उम्मीद लगाए बैठे हैं कि जांच आगे बढ़ेगी और उन्हें इंसाफ मिलेगा। चाचा बोले- रिपोर्ट नहीं मिलना कई सवाल खड़े करता है प्रिंस के चाचा अजय कुमार ने कहा कि आठ दिन बाद भी पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं मिलना चिंता की बात है। परिवार सिर्फ इतना चाहता है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों पर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि एक सदस्य पटना में न्याय की लड़ाई लड़ रहा है, लेकिन अभी तक परिवार को संतोषजनक जवाब नहीं मिला है। घर में श्राद्ध की तैयारी, दूसरी तरफ बेटी की शादी पर संकट प्रिंस के निधन के बाद घर में हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार नखवाल श्राद्ध और सपिंडन संस्कार की तैयारी चल रही है। परिवार के अनुसार सोमवार से बुधवार तक धार्मिक अनुष्ठान पूरे किए जाएंगे। इसी बीच परिवार के सामने एक और बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। रोशन आनंद की चचेरी बहन सुलोचना की शादी 29 जून को तय है। घर में पहले से शादी की तैयारियां चल रही थीं और पंडाल भी लग चुका है। अब परिवार असमंजस में है कि ऐसी स्थिति में शादी की तारीख आगे बढ़ाई जाए या तय समय पर ही कार्यक्रम किया जाए। परिजन लड़का पक्ष से बातचीत के बाद अंतिम निर्णय लेने की बात कह रहे हैं। एक घर में मातम और शादी की चिंता साथ-साथ धमसेना गांव का यह परिवार इस समय दो अलग-अलग भावनाओं के बीच फंसा हुआ है। एक तरफ जवान बेटे को खोने का दर्द है, तो दूसरी तरफ बेटी की शादी की जिम्मेदारी। परिवार ने नेपाल और बिहार की संबंधित एजेंसियों से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर जल्द पोस्टमार्टम रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।


