भास्कर न्यूज | तुपकाडीह बोकारो विस्थापित उत्तरी क्षेत्र के मानगो पहाड़पुर में रविवार को ग्रामीणों की बैठक मांझी हाड़ाम लालचंद सोरेन की अध्यक्षता में हुई। बैठक में क्षेत्र में बिजली की अनियमित आपूर्ति को लेकर ग्रामीणों ने बिजली विभाग के प्रति नाराजगी जताई। ग्रामीणों ने बताया कि विस्थापित उत्तरी क्षेत्र में वर्तमान में गणेशपुर-कांड्रा फीडर से बिजली आपूर्ति की जा रही है, जिससे उपभोक्ताओं को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि क्षेत्र को दुग्दा सब स्टेशन के बुढ़ीडीह-बस्तेजी लाइन से जोड़कर नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। बैठक को संबोधित करते हुए लालचंद सोरेन ने कहा कि यदि समय रहते सांसद, विधायक और बिजली विभाग के अधिकारी क्षेत्र की बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं करते हैं, तो आने वाले लोकसभा और विधानसभा चुनाव में जनता इसका जवाब देगी। उन्होंने कहा कि सरकार बिजली विभाग को आधुनिक संसाधनों और उपकरणों से लैस कर रही है, लेकिन आजादी के 75 वर्ष बाद भी विस्थापित उत्तरी क्षेत्र की बिजली व्यवस्था बदहाल बनी हुई है। ग्रामीणों ने बताया कि जर्जर 11 केवी तार, बार-बार फॉल्ट, ट्रिपिंग, जंपर उड़ने तथा लो वोल्टेज की समस्या के कारण घंटों बिजली आपूर्ति बाधित रहती है। पचोरा, मोहनपुर, कुंडौरी, शिबूटांड़, बोधनाडीह, कनारी, बोदरोटांड़, करमागोड़ा, झीकलप्पा, परसाडीह, जमुनिया और नीचे बरुवाटांड़ समेत आसपास के कई गांवों में बिजली आपूर्ति की स्थिति बेहद खराब है। ग्रामीणों का कहना है कि आए दिन तकनीकी खराबी के कारण उन्हें पूरे दिन में केवल कुछ घंटों के लिए ही बिजली मिल पाती है। इससे कृषि कार्य, छोटे व्यवसाय, पेयजल आपूर्ति, विद्यार्थियों की पढ़ाई और सामान्य जनजीवन प्रभावित हो रहा है। इसके बावजूद संबंधित विभाग समस्या के स्थायी समाधान के प्रति गंभीर नजर नहीं आ रहा है।
बदहाल बिजली व्यवस्था, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा; दुग्दा सब स्टेशन से आपूर्ति की मांग
भास्कर न्यूज | तुपकाडीह बोकारो विस्थापित उत्तरी क्षेत्र के मानगो पहाड़पुर में रविवार को ग्रामीणों की बैठक मांझी हाड़ाम लालचंद सोरेन की अध्यक्षता में हुई। बैठक में क्षेत्र में बिजली की अनियमित आपूर्ति को लेकर ग्रामीणों ने बिजली विभाग के प्रति नाराजगी जताई। ग्रामीणों ने बताया कि विस्थापित उत्तरी क्षेत्र में वर्तमान में गणेशपुर-कांड्रा फीडर से बिजली आपूर्ति की जा रही है, जिससे उपभोक्ताओं को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि क्षेत्र को दुग्दा सब स्टेशन के बुढ़ीडीह-बस्तेजी लाइन से जोड़कर नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। बैठक को संबोधित करते हुए लालचंद सोरेन ने कहा कि यदि समय रहते सांसद, विधायक और बिजली विभाग के अधिकारी क्षेत्र की बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं करते हैं, तो आने वाले लोकसभा और विधानसभा चुनाव में जनता इसका जवाब देगी। उन्होंने कहा कि सरकार बिजली विभाग को आधुनिक संसाधनों और उपकरणों से लैस कर रही है, लेकिन आजादी के 75 वर्ष बाद भी विस्थापित उत्तरी क्षेत्र की बिजली व्यवस्था बदहाल बनी हुई है। ग्रामीणों ने बताया कि जर्जर 11 केवी तार, बार-बार फॉल्ट, ट्रिपिंग, जंपर उड़ने तथा लो वोल्टेज की समस्या के कारण घंटों बिजली आपूर्ति बाधित रहती है। पचोरा, मोहनपुर, कुंडौरी, शिबूटांड़, बोधनाडीह, कनारी, बोदरोटांड़, करमागोड़ा, झीकलप्पा, परसाडीह, जमुनिया और नीचे बरुवाटांड़ समेत आसपास के कई गांवों में बिजली आपूर्ति की स्थिति बेहद खराब है। ग्रामीणों का कहना है कि आए दिन तकनीकी खराबी के कारण उन्हें पूरे दिन में केवल कुछ घंटों के लिए ही बिजली मिल पाती है। इससे कृषि कार्य, छोटे व्यवसाय, पेयजल आपूर्ति, विद्यार्थियों की पढ़ाई और सामान्य जनजीवन प्रभावित हो रहा है। इसके बावजूद संबंधित विभाग समस्या के स्थायी समाधान के प्रति गंभीर नजर नहीं आ रहा है।

