समस्तीपुर में एक महिला उद्यमी से धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। बैंक से लोन लेकर अपने पैर पर खड़ा होने का सपना देखने वाली महिला उद्यमी को वेंडर के व्यवहार से बड़ा झटका लगा है। कारोबार शुरू नहीं हुआ, लेकिन बैंक ने ईएमआई लेना शुरू कर दिया है। वेंडर के यहां मशीन की डिलेवरी के लिए चार महीने से चक्कर काट रही है, फिर भी कोई फायदा नहीं हुआ है। हार कर इस मामले में उसने थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। ’26 फरवरी को बैंक से राशि भेजी गई थी’ ताजपुर की रहने वाली महिला उद्यमी आरती कुमारी ने बताया कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) के तहत बैटरी चार्जिंग उद्योग की स्थापना के लिए विभाग ने 4.95 लाख रुपए का लोन स्वीकृत किया। जिला प्रशासन की ओर से इसके लिए पीएनबी को बैटरी चार्जिंग मशीन खरीदने के लिए भुगतान का आदेश दिया। जिस पर बैंक ने शीतल मार्केटिंग के व्यवस्थापक सुधांशु कुमार के खाते में 26 फरवरी 2026 को राशि भेज दी। नियमानुसार राशि मिलने के साथ ही उन्हें मशीन की डिलिवरी दे देनी थी। अप्रैल महीने तक मशीन नहीं मिली तो उन्होंने नोटिस के माध्यम से जबाव मांगा। जिसके जबाव में वैंडर ने हर हाल में 25 मई तक मशीन डिलिवरी करने की बात की। आवेदन के आधार पर की जाएगी कार्रवाई वहीं, इस संबंध में जिला उद्योग विभाग के महाप्रबंधक विवेक कुमार ने कहा कि बैंक से राशि लेने के बाद उद्यमी को मशीन का भुगतान नहीं करना सरकारी नियमों का उलंघन है। मामला गंभीर है। ऐसे स्थिति में कंपनी को ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है। पीड़िता की ओर से अगर आवेदन मिलता है तो इस मामले में कार्रवाई होगी। छानबीन में जुटी पुलिस ताजपुर थानाध्यक्ष राकेश कुमार शर्मा ने बताया कि यह सीधा सरकारी पैसे का गबन का मामला है। महिला उद्यमी के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
समस्तीपुर में महिला उद्यमी से धोखाधड़ी:पेमेंट के बाद भी बैटरी चार्जिंग मशीन नहीं मिली, थाने में शिकायत; बैंक से 4.39 लाख का लोन मिला था
समस्तीपुर में एक महिला उद्यमी से धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। बैंक से लोन लेकर अपने पैर पर खड़ा होने का सपना देखने वाली महिला उद्यमी को वेंडर के व्यवहार से बड़ा झटका लगा है। कारोबार शुरू नहीं हुआ, लेकिन बैंक ने ईएमआई लेना शुरू कर दिया है। वेंडर के यहां मशीन की डिलेवरी के लिए चार महीने से चक्कर काट रही है, फिर भी कोई फायदा नहीं हुआ है। हार कर इस मामले में उसने थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। ’26 फरवरी को बैंक से राशि भेजी गई थी’ ताजपुर की रहने वाली महिला उद्यमी आरती कुमारी ने बताया कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) के तहत बैटरी चार्जिंग उद्योग की स्थापना के लिए विभाग ने 4.95 लाख रुपए का लोन स्वीकृत किया। जिला प्रशासन की ओर से इसके लिए पीएनबी को बैटरी चार्जिंग मशीन खरीदने के लिए भुगतान का आदेश दिया। जिस पर बैंक ने शीतल मार्केटिंग के व्यवस्थापक सुधांशु कुमार के खाते में 26 फरवरी 2026 को राशि भेज दी। नियमानुसार राशि मिलने के साथ ही उन्हें मशीन की डिलिवरी दे देनी थी। अप्रैल महीने तक मशीन नहीं मिली तो उन्होंने नोटिस के माध्यम से जबाव मांगा। जिसके जबाव में वैंडर ने हर हाल में 25 मई तक मशीन डिलिवरी करने की बात की। आवेदन के आधार पर की जाएगी कार्रवाई वहीं, इस संबंध में जिला उद्योग विभाग के महाप्रबंधक विवेक कुमार ने कहा कि बैंक से राशि लेने के बाद उद्यमी को मशीन का भुगतान नहीं करना सरकारी नियमों का उलंघन है। मामला गंभीर है। ऐसे स्थिति में कंपनी को ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है। पीड़िता की ओर से अगर आवेदन मिलता है तो इस मामले में कार्रवाई होगी। छानबीन में जुटी पुलिस ताजपुर थानाध्यक्ष राकेश कुमार शर्मा ने बताया कि यह सीधा सरकारी पैसे का गबन का मामला है। महिला उद्यमी के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।


