डीसी ने योजनाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन करने को कहा। उन्होंने आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के सफल क्रियान्वयन के लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को आपसी सहयोग व संवाद के माध्यम से योजनाओं के निष्पादन में आने वाली समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने को कहा। जनहित से जुड़ी योजनाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर बल देते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि कार्यान्वयन में अनावश्यक विलंब, लापरवाही अथवा उदासीनता किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी। बैठक में जिले के समग्र विकास, आधारभूत संरचना को मजबूत बनाने तथा जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया गया। बैठक में जिला कल्याण पदाधिकारी धीरज प्रकाश, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी अर्चना सिन्हा, विभिन्न विभागों के कार्यपालक अभियंता, जिला स्तरीय पदाधिकारी समेत अन्य थे। उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि जिन योजनाओं व निर्माण कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई है अथवा जो लंबे समय से लंबित हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा करें। उन्होंने कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करने की चेतावनी दी। उन्होंने सभी परियोजनाओं का निष्पादन निर्धारित मानकों एवं तकनीकी प्रावधानों के अनुरूप सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं के लिए आवंटित राशि का नियमानुसार व ससमय उपयोग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि वित्तीय और भौतिक प्रगति में संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। साथ ही, सभी कार्यपालक अभियंताओं एवं संबंधित अधिकारियों को नियमित रूप से कार्यस्थलों का निरीक्षण करने का निर्देश दिया। भास्कर न्यूज | गढ़वा समाहरणालय सभागार में सोमवार को उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी पशुपतिनाथ मिश्रा की अध्यक्षता में जिले में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं और निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के तकनीकी पदाधिकारियों और जिला स्तरीय अधिकारियों ने भाग लिया। उन्होंने अपने-अपने विभागों से संबंधित योजनाओं की अद्यतन भौतिक व वित्तीय प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। बैठक के दौरान डीएमएफटी, अनटाइड फंड, पीएचईडी, वेलफेयर फंड, एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट फंड सहित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। उपायुक्त ने योजनाओं की वर्तमान स्थिति, वित्तीय व्यय, कार्य प्रगति और लंबित मामलों की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी व ससमय क्रियान्वयन का निर्देश दिया। समीक्षा बैठक में उपायुक्त ने कहा कि सरकार की महत्वाकांक्षी और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ निर्धारित समय सीमा के भीतर आम जनता तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को अपने अधीन संचालित योजनाओं की नियमित निगरानी करने का निर्देश दिया। उन्होंने कार्यों की प्रगति पर सतत नजर बनाए रखने को कहा।
विकास कार्यों के सफल क्रियान्वयन के लिए समन्वय बनाकर काम करें
डीसी ने योजनाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन करने को कहा। उन्होंने आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के सफल क्रियान्वयन के लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को आपसी सहयोग व संवाद के माध्यम से योजनाओं के निष्पादन में आने वाली समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने को कहा। जनहित से जुड़ी योजनाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर बल देते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि कार्यान्वयन में अनावश्यक विलंब, लापरवाही अथवा उदासीनता किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी। बैठक में जिले के समग्र विकास, आधारभूत संरचना को मजबूत बनाने तथा जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया गया। बैठक में जिला कल्याण पदाधिकारी धीरज प्रकाश, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी अर्चना सिन्हा, विभिन्न विभागों के कार्यपालक अभियंता, जिला स्तरीय पदाधिकारी समेत अन्य थे। उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि जिन योजनाओं व निर्माण कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई है अथवा जो लंबे समय से लंबित हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा करें। उन्होंने कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करने की चेतावनी दी। उन्होंने सभी परियोजनाओं का निष्पादन निर्धारित मानकों एवं तकनीकी प्रावधानों के अनुरूप सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं के लिए आवंटित राशि का नियमानुसार व ससमय उपयोग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि वित्तीय और भौतिक प्रगति में संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। साथ ही, सभी कार्यपालक अभियंताओं एवं संबंधित अधिकारियों को नियमित रूप से कार्यस्थलों का निरीक्षण करने का निर्देश दिया। भास्कर न्यूज | गढ़वा समाहरणालय सभागार में सोमवार को उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी पशुपतिनाथ मिश्रा की अध्यक्षता में जिले में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं और निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के तकनीकी पदाधिकारियों और जिला स्तरीय अधिकारियों ने भाग लिया। उन्होंने अपने-अपने विभागों से संबंधित योजनाओं की अद्यतन भौतिक व वित्तीय प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। बैठक के दौरान डीएमएफटी, अनटाइड फंड, पीएचईडी, वेलफेयर फंड, एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट फंड सहित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। उपायुक्त ने योजनाओं की वर्तमान स्थिति, वित्तीय व्यय, कार्य प्रगति और लंबित मामलों की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी व ससमय क्रियान्वयन का निर्देश दिया। समीक्षा बैठक में उपायुक्त ने कहा कि सरकार की महत्वाकांक्षी और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ निर्धारित समय सीमा के भीतर आम जनता तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को अपने अधीन संचालित योजनाओं की नियमित निगरानी करने का निर्देश दिया। उन्होंने कार्यों की प्रगति पर सतत नजर बनाए रखने को कहा।


