सहरसा विधायक ई.आईपी गुप्ता ने मत्स्यगंधा स्थित रक्तकाली चौसठ योगिनी धाम मंदिर की व्यवस्थाओं को लेकर जिला प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है। उन्होंने जिला पदाधिकारी को पत्र लिखकर मंदिर प्रबंधन समिति के पुनर्गठन, मंदिर की गतिविधियों को तुरंत बहाल करने और परिसर की साफ-सफाई सुनिश्चित कराने की मांग की है। यह जानकारी मंगलवार शाम को दी गई। विधायक ने अपने पत्र में बताया कि 20 जून 2026 को मंदिर भ्रमण के दौरान उन्हें पता चला कि मंदिर की प्रबंधन समिति को निलंबित कर दिया गया है। इसके परिणामस्वरूप, मंदिर परिसर में होने वाले शादी-विवाह के आयोजनों पर रोक लगा दी गई है। विवाह भवन का निर्माण कार्य भी रुका हुआ है और मंदिर परिसर से दान पेटियां हटा दी गई हैं। ई.आईपी गुप्ता ने कहा कि धार्मिक और सामाजिक संस्थाएं समाज में विश्वास बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि किसी संस्था में अनियमितताओं की जांच आवश्यक है, लेकिन केवल आरोपों के आधार पर उसकी सभी गतिविधियों को बंद कर देना उचित नहीं है। उनका मानना है कि इससे आम लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं और प्रशासन के प्रति विश्वास भी प्रभावित होता है। विधायक ने जिला पदाधिकारी से अनुरोध किया है कि मंदिर प्रबंधन समिति का पुनर्गठन कर मंदिर की नियमित गतिविधियों को जल्द से जल्द शुरू कराया जाए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने विवाह भवन के निर्माण कार्य को भी फिर से शुरू कराने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है। इसके अलावा, विधायक ने नगर निगम आयुक्त से सहरसा शहर से मत्स्यगंधा मंदिर जाने वाली सड़क के दोनों किनारों पर फैली जंगली घास और झाड़ियों की साफ-सफाई कराने का आग्रह किया है। उन्होंने विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता से भी मंदिर परिसर के पास स्थित विद्युत उपकेंद्र और कार्यालय की दीवारों पर उगी घास-फूस और वनस्पतियों को हटाने की मांग की है। विधायक ने जोर दिया कि मंदिर परिसर की स्वच्छता, सुंदरता और धार्मिक गरिमा बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उनका उद्देश्य है कि श्रद्धालुओं को बेहतर वातावरण मिल सके और मंदिर की पवित्रता बनी रहे।
मत्स्यगंधा मंदिर समिति पुनर्गठन की मांग:विधायक आईपी गुप्ता ने डीएम को लिखा पत्र
सहरसा विधायक ई.आईपी गुप्ता ने मत्स्यगंधा स्थित रक्तकाली चौसठ योगिनी धाम मंदिर की व्यवस्थाओं को लेकर जिला प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है। उन्होंने जिला पदाधिकारी को पत्र लिखकर मंदिर प्रबंधन समिति के पुनर्गठन, मंदिर की गतिविधियों को तुरंत बहाल करने और परिसर की साफ-सफाई सुनिश्चित कराने की मांग की है। यह जानकारी मंगलवार शाम को दी गई। विधायक ने अपने पत्र में बताया कि 20 जून 2026 को मंदिर भ्रमण के दौरान उन्हें पता चला कि मंदिर की प्रबंधन समिति को निलंबित कर दिया गया है। इसके परिणामस्वरूप, मंदिर परिसर में होने वाले शादी-विवाह के आयोजनों पर रोक लगा दी गई है। विवाह भवन का निर्माण कार्य भी रुका हुआ है और मंदिर परिसर से दान पेटियां हटा दी गई हैं। ई.आईपी गुप्ता ने कहा कि धार्मिक और सामाजिक संस्थाएं समाज में विश्वास बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि किसी संस्था में अनियमितताओं की जांच आवश्यक है, लेकिन केवल आरोपों के आधार पर उसकी सभी गतिविधियों को बंद कर देना उचित नहीं है। उनका मानना है कि इससे आम लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं और प्रशासन के प्रति विश्वास भी प्रभावित होता है। विधायक ने जिला पदाधिकारी से अनुरोध किया है कि मंदिर प्रबंधन समिति का पुनर्गठन कर मंदिर की नियमित गतिविधियों को जल्द से जल्द शुरू कराया जाए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने विवाह भवन के निर्माण कार्य को भी फिर से शुरू कराने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है। इसके अलावा, विधायक ने नगर निगम आयुक्त से सहरसा शहर से मत्स्यगंधा मंदिर जाने वाली सड़क के दोनों किनारों पर फैली जंगली घास और झाड़ियों की साफ-सफाई कराने का आग्रह किया है। उन्होंने विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता से भी मंदिर परिसर के पास स्थित विद्युत उपकेंद्र और कार्यालय की दीवारों पर उगी घास-फूस और वनस्पतियों को हटाने की मांग की है। विधायक ने जोर दिया कि मंदिर परिसर की स्वच्छता, सुंदरता और धार्मिक गरिमा बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उनका उद्देश्य है कि श्रद्धालुओं को बेहतर वातावरण मिल सके और मंदिर की पवित्रता बनी रहे।

