रांची स्थित एनडब्ल्यू जीईएल चर्च कार्यालय में सोमवार को चर्च कलीसिया के सदस्यों ने जमकर विरोध-प्रदर्शन किया। बियासी, रघुनाथपुर, इटकी, बेलांगी, कुरगी, हेथाकोटा, सिजूसोरेंग, नामकुम, मांडर और सीआरसी क्षेत्र से पहुंचे सैकड़ों सदस्यों ने चर्च प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। उनका आरोप था कि निबंधक कार्यालय की कार्रवाई के बावजूद कुछ पदाधिकारी अब भी फर्जी तरीके से चर्च का संचालन कर रहे हैं। उन्होंने वर्तमान महासचिव नवीन कुमार लकड़ा, आर्चबिशप राजीव सतीश टोप्पो, बिशप निस्तार कुजूर, विलियम कुजूर, ग्लैडसन मिंज और चाजरस मिंज पर चर्च के प्रशासनिक कार्यों में अनुचित हस्तक्षेप का आरोप लगाया। हंगामे की सूचना पर लोअर बाजार थाना की पुलिस पहुंची और दोनों पक्षों को शांत कराया। विरोध कर रहे लोगों को दस्तावेज के साथ थाना बुलाया। मौके पर महबा मिंज, सुधीर टोप्पो, ओहमस तिर्की, विलियम लकड़ा समेत अन्य मौजूद थे। क्या है पूरा मामला
शिकायतकर्ता महबा मिंज ने एनडब्ल्यू जीईएल चर्च पर सोसाइटी बायलॉज के खिलाफ जाकर चर्च में पद सृजन करने का आरोप लगाया था। साथ ही न्यायालय में चर्च के पदाधिकारियों पर प्रशासनिक अनियमितता, पद का दुरुपयोग करने सहित कई आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया। इस पर न्यायालय ने झारखंड सरकार निबंधन महारजिस्ट्रार कार्यालय को निर्देश दिया था कि पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट कोर्ट में प्रस्तुत करे। मामला कोर्ट में विचाराधीन : नवीन चर्च के प्रधान महासचिव नवीन कुमार लकड़ा ने कहा कि हंगामा करने वाले हेथाकोटा और बाहर के असामाजिक तत्व थे। वे दूसरे चर्च के लोग हैं और वे हमारे अधिकारियों के कार्यकाल पर सवाल खड़ा कर रहे हैं। जिस आदेश का हवाला दे रहे हैं, वह न्यायालय में विचाराधीन है। हमलोगों ने हाईकोर्ट में अपनी अर्जी दी है। हंगामा करने वाले लोग चर्च के 2022 में हुए जेनरल इलेक्शन में हार चुके थे, इसलिए वे यहां से चले गए।


