कैमूर में मोहनिया के चांदनी चौक स्थित महावीर मंदिर परिसर में समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने कथित फेक एनकाउंटर में मारे गए युवा भरत भूषण तिवारी को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान लोगों ने पुष्पांजलि अर्पित कर घटना के खिलाफ गहरा रोष व्यक्त किया। सभा को संबोधित करते हुए भाजपा नेता अनिल दुबे ने भरत भूषण तिवारी को एक क्रांतिकारी युवा बताया, जो समाज की भलाई के लिए संघर्ष कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सीधे तौर पर हत्या का मामला है और इसमें पुलिस प्रशासन की भूमिका संदिग्ध है। दुबे ने मामले की निष्पक्ष न्यायिक जांच की मांग की। धारा 302 के तहत मुकदमा दर्ज करने की भी मांग की उन्होंने दोषी अधिकारियों को तुरंत बर्खास्त कर उनके खिलाफ धारा 302 के तहत मुकदमा दर्ज करने की भी मांग की। अनिल दुबे ने कहा कि कुछ अधिकारियों को निलंबित किया गया है, लेकिन यह कार्रवाई 17 तारीख की घटना के संदर्भ में है। उनके अनुसार, असली दोषियों पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। घटना को पूरी तरह से प्रशासनिक नाकामी का परिणाम बताया स्थानीय नागरिक धीरज तिवारी ने कहा कि सिस्टम के खिलाफ आवाज उठाने वाले युवाओं के साथ ऐसा अन्याय नहीं होना चाहिए। उन्होंने सरकार से मांग की कि दोषी एसपी, डीएसपी और एसएचओ को कड़ी सजा दी जाए। तिवारी ने इस घटना को पूरी तरह से प्रशासनिक नाकामी का परिणाम बताया। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक पीड़ित परिवार को पूरा न्याय नहीं मिल जाता, तब तक उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
भरत भूषण तिवारी के लिए न्याय की मांग:कैमूर में एनकाउंटर के दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग
कैमूर में मोहनिया के चांदनी चौक स्थित महावीर मंदिर परिसर में समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने कथित फेक एनकाउंटर में मारे गए युवा भरत भूषण तिवारी को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान लोगों ने पुष्पांजलि अर्पित कर घटना के खिलाफ गहरा रोष व्यक्त किया। सभा को संबोधित करते हुए भाजपा नेता अनिल दुबे ने भरत भूषण तिवारी को एक क्रांतिकारी युवा बताया, जो समाज की भलाई के लिए संघर्ष कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सीधे तौर पर हत्या का मामला है और इसमें पुलिस प्रशासन की भूमिका संदिग्ध है। दुबे ने मामले की निष्पक्ष न्यायिक जांच की मांग की। धारा 302 के तहत मुकदमा दर्ज करने की भी मांग की उन्होंने दोषी अधिकारियों को तुरंत बर्खास्त कर उनके खिलाफ धारा 302 के तहत मुकदमा दर्ज करने की भी मांग की। अनिल दुबे ने कहा कि कुछ अधिकारियों को निलंबित किया गया है, लेकिन यह कार्रवाई 17 तारीख की घटना के संदर्भ में है। उनके अनुसार, असली दोषियों पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। घटना को पूरी तरह से प्रशासनिक नाकामी का परिणाम बताया स्थानीय नागरिक धीरज तिवारी ने कहा कि सिस्टम के खिलाफ आवाज उठाने वाले युवाओं के साथ ऐसा अन्याय नहीं होना चाहिए। उन्होंने सरकार से मांग की कि दोषी एसपी, डीएसपी और एसएचओ को कड़ी सजा दी जाए। तिवारी ने इस घटना को पूरी तरह से प्रशासनिक नाकामी का परिणाम बताया। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक पीड़ित परिवार को पूरा न्याय नहीं मिल जाता, तब तक उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।

