मोतिहारी में मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। यह बैठक डॉ. राधाकृष्णन सभागार में जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव और पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात की संयुक्त अध्यक्षता में हुई। इसमें जिले के सभी छह अनुमंडलों से शांति समिति के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक की शुरुआत में जिलाधिकारी ने सभी प्रतिनिधियों का स्वागत किया और उनके क्षेत्रों में मुहर्रम की तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि यदि कहीं कोई समस्या है, तो उसे समय रहते बताया जाए ताकि उसका समाधान किया जा सके। इस पर सभी प्रतिनिधियों ने पर्व को शांति और भाईचारे के साथ मनाने का आश्वासन दिया। सभी आवश्यक निर्देश जारी किए गए समिति को बताया गया कि थाना और अनुमंडल स्तर पर शांति समिति की बैठकें पहले ही हो चुकी हैं और सभी आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं। ताजिया की ऊंचाई सीमित रखने और डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध का सख्ती से पालन कराया जाएगा। जानपुल, ज्ञान बाबू चौक, मधुबन छावनी चौक और धर्म समाज चौक जैसे संवेदनशील स्थलों पर विशेष चौकसी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने जानकारी दी कि 26 जून 2026 को संभावित मुहर्रम के लिए जिले के 576 स्थानों को चिन्हित कर दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी और पुलिस बल तैनात किया गया है। इनमें मोतिहारी में 181, सिकरहना में 129, पकड़ीदयाल में 48, अरेराज में 59, चकिया में 105 और रक्सौल में 54 स्थान शामिल हैं। जिला एवं अनुमंडल स्तर पर 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम भी स्थापित किए गए हैं। तलवार, भाला या गड़ासा के प्रदर्शन पर पूर्ण प्रतिबंध उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बिना लाइसेंस जुलूस निकालने की अनुमति नहीं होगी और निर्धारित रूट व समय का पालन अनिवार्य है। सभी जुलूसों की निगरानी सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों से की जाएगी, साथ ही वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी। पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने बताया कि सोशल मीडिया पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है और किसी भी आपत्तिजनक सामग्री पर तुरंत कार्रवाई के लिए साइबर सेल को सक्रिय कर दिया गया है। पुलिस अधीक्षक ने चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार के हथियार—जैसे तलवार, भाला या गड़ासा—के प्रदर्शन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। उन्होंने कहा कि असामाजिक तत्वों पर नजर रखी जा रही है और कई लोगों को बाउंड डाउन भी किया गया है। प्रशासन ने सभी से अपील की है कि पर्व को शांतिपूर्ण तरीके से मनाएं और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें।
मोतिहारी में मुहर्रम शांतिपूर्ण संपन्न कराने को मीटिंग:जिला स्तरीय शांति समिति में सुरक्षा के कड़े इंतजाम पर चर्चा
मोतिहारी में मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। यह बैठक डॉ. राधाकृष्णन सभागार में जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव और पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात की संयुक्त अध्यक्षता में हुई। इसमें जिले के सभी छह अनुमंडलों से शांति समिति के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक की शुरुआत में जिलाधिकारी ने सभी प्रतिनिधियों का स्वागत किया और उनके क्षेत्रों में मुहर्रम की तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि यदि कहीं कोई समस्या है, तो उसे समय रहते बताया जाए ताकि उसका समाधान किया जा सके। इस पर सभी प्रतिनिधियों ने पर्व को शांति और भाईचारे के साथ मनाने का आश्वासन दिया। सभी आवश्यक निर्देश जारी किए गए समिति को बताया गया कि थाना और अनुमंडल स्तर पर शांति समिति की बैठकें पहले ही हो चुकी हैं और सभी आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं। ताजिया की ऊंचाई सीमित रखने और डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध का सख्ती से पालन कराया जाएगा। जानपुल, ज्ञान बाबू चौक, मधुबन छावनी चौक और धर्म समाज चौक जैसे संवेदनशील स्थलों पर विशेष चौकसी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने जानकारी दी कि 26 जून 2026 को संभावित मुहर्रम के लिए जिले के 576 स्थानों को चिन्हित कर दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी और पुलिस बल तैनात किया गया है। इनमें मोतिहारी में 181, सिकरहना में 129, पकड़ीदयाल में 48, अरेराज में 59, चकिया में 105 और रक्सौल में 54 स्थान शामिल हैं। जिला एवं अनुमंडल स्तर पर 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम भी स्थापित किए गए हैं। तलवार, भाला या गड़ासा के प्रदर्शन पर पूर्ण प्रतिबंध उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बिना लाइसेंस जुलूस निकालने की अनुमति नहीं होगी और निर्धारित रूट व समय का पालन अनिवार्य है। सभी जुलूसों की निगरानी सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों से की जाएगी, साथ ही वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी। पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने बताया कि सोशल मीडिया पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है और किसी भी आपत्तिजनक सामग्री पर तुरंत कार्रवाई के लिए साइबर सेल को सक्रिय कर दिया गया है। पुलिस अधीक्षक ने चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार के हथियार—जैसे तलवार, भाला या गड़ासा—के प्रदर्शन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। उन्होंने कहा कि असामाजिक तत्वों पर नजर रखी जा रही है और कई लोगों को बाउंड डाउन भी किया गया है। प्रशासन ने सभी से अपील की है कि पर्व को शांतिपूर्ण तरीके से मनाएं और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें।
